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चिंताजनक हालात: कोटा से फिर आई बुरी खबर, इस बार NEET की तैयारी कर रही छात्रा ने दी जान

कोटा से फिर एक दुखद खबर आई है. यहां लगातार बढ़ रहे सुसाइड के मामलों ने चिंताजनक स्थ‍िति पैदा कर दी है. सूचना के मुताबिक नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने खुदकुशी का रास्ता अपनाकर अपनी जान दे दी.

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चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे आत्महत्या के मामले
चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे आत्महत्या के मामले

कोटा में एक और कोचिंग स्टूडेंट ने सुसाइड का रास्ता अपनाकर अपनी जान दे दी. इसी साल के इन आठ महीनों में ये आंकड़ा 25 पहुंच गया है. राज्य सरकार, प्रशासन और कोचिंग संस्थानों के तमाम प्रयासों के बावजूद ये घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही. मृतक छात्रा झारखंड की रहने वाली थी और कोटा में रहकर नीट के लिए तैयारी कर रही थी. 

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार नीट की तैयारी कर रही इस 16 वर्षीय  कोचिंग छात्रा ने गले में फंदा लगाकर अपनी जान दी है. छात्रा ऋचा सिंह पुत्री रविंद्र कुमार सिंह झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली थी. फिलहाल वो ब्लेज हॉस्टल इलेक्ट्रॉनिक कंपलेक्स रोड नंबर एक विज्ञान नगर में रह रही थीं. मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है. 

रिचा सिन्हा (बदला हुआ नाम) रांची के नामकुम में गैस गोदाम के पास महुआ टोली की रहने वाली थी. रिचा के  माता पिता ने अपनी बेटी को नीट की कोचिंग के लिए कोटा भेजा था. बताया जा रहा है की स्ट्रेस के कारण लड़की ने आत्महत्या कर ली.पिता ने आजतक को फोन पर बताया की उनके घर पर कोई नही है. वे उस वक्त दिल्ली से कोटा के लिए रवाना हो चुके थे. बेटी को अरमानों से पाला था और इंजीनियर बनाना चाहते थे लेकिन नियति ने उनकी होनहार बेटी को भी छीन लिया.

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बता दें कि बीती 27 अगस्त को एक दिन कोटा में दो छात्रों के सुसाइड की घटना ने सबको हिलाकर रख दिया था. यहां कोचिंग छात्रों की आत्महत्याओं ने पूरे 'सिस्टम' को सोचने पर मजबूर कर दिया है. इस साल की शुरुआत से अब तक हुए 25 छात्रों की सुसाइड की घटनाओं ने राज्य में छात्रों की आत्महत्याओं ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. कोटा प्रशासन ने हाल ही में हॉस्टल और पीजी में स्प्र‍िंग वाले सीलिंग फैन लगाने का आदेश दिया था. इसके अलावा प्रशासन कई तरह के प्रयास कर रहा है, फिर भी यह सिलसिला थम नहीं रहा है. 

राज्य सरकार ही नहीं बल्क‍ि समाज में प्रतिस्पर्धा को लेकर सभी के सामने सुसाइड का मुद्दा बड़ी चुनौती बन गया है. छात्रों के सुसाइड के बढ़ते मामलों पर सोमवार को राजस्थान के कैबिनेट मंत्री डॉ महेश जोशी ने aajtak से कहा कि देश में कोचिंग सिस्टम बैन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पर एक पॉलिसी लानी चाहिए जिससे कि इस देश में कोचिंग सिस्टम बैन हो. 

(अगर आपके या आपके किसी परिचित में मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416  पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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