आईआईटी बॉम्बे में एक छात्र की आत्महत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे आईआईटी नेटवर्क को झकझोर कर रख दिया है. देश के सभी 23 आईआईटी संस्थानों के पूर्व छात्रों के सबसे बड़े संगठन 'पैन आईआईटी एलुमनाई इंडिया' (PIAI) ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. संगठन ने पीड़ित परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं जाहिर करते हुए कठिन समय में पूरे आईआईटी बॉम्बे परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही है.
इस पूरे मामले पर संगठन के अध्यक्ष और आईआरएस (IRS) अधिकारी प्रभात कुमार ने साफ कहा कि आईआईटी परिसर केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ये आपसी सम्मान और एक-दूसरे को समझने की जगह हैं. उन्होंने छात्रों, प्रोफेसरों, प्रशासन और पूर्व छात्रों से अपील की कि वे किसी भी विवाद या मुद्दे का हल आपसी बातचीत, निष्पक्षता और सहानुभूति से निकालें, ताकि हर छात्र की गरिमा बनी रहे.
'कैंपस में राजनीति से बचें, आईआईटी देश की धरोहर'
पैनआईआईटी ने इस बात पर खास जोर दिया है कि आईआईटी का पूरा समुदाय देश की एक बेहद कीमती धरोहर है. इसकी असली ताकत आपसी एकता और पढ़ाई-लिखाई के उच्च स्तर में है. संगठन ने कहा कि इस दुखद स्थिति में मतभेदों से ऊपर उठने की जरूरत है. परिसरों को किसी भी तरह की गंदी राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए, ताकि देश-दुनिया में इन संस्थानों की साख और प्रतिष्ठा पर आंच न आए.
यह भी पढ़ें: IIT बॉम्बे सुसाइड केस में 'जातिगत प्रताड़ना' एंगल पर छात्रों ने बदले सुर, फैकल्टी फोरम का भी काउंटर अटैक
संगठन ने यह भी दोहराया कि वह प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम करता रहेगा. पैनआईआईटी ने संदेश दिया कि हमें ऐसे शिक्षण संस्थान बनाने होंगे जो सिर्फ ग्लोबल रैंकिंग या पढ़ाई में आगे न हों, बल्कि उनमें छात्रों के लिए संवेदनशीलता और मानवीय माहौल भी हो.
क्या है 'पैन आईआईटी एलुमनाई इंडिया'?
यह देश के सभी 23 आईआईटी के पूर्व छात्रों का एक मुख्य संगठन (Umbrella Body) है, जिसकी स्थापना साल 2006 में एक नॉन-प्रॉफिट संस्था के रूप में हुई थी. यह संगठन शिक्षा, उद्योग, स्टार्टअप्स और सरकार के साथ मिलकर काम करता है. भारत समेत अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में फैले करीब 5 लाख से ज्यादा आईआईटी पास-आउट्स (Graduates) इस ग्लोबल नेटवर्क से जुड़े हुए हैं.