सेंट्रल दिल्ली में कई स्कूलों ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण ट्रैफिक और मेट्रो पर लगी पाबंदियों को देखते हुए या तो हाइब्रिड क्लास शुरू कर दी हैं या ट्रांसपोर्ट के इंतजामों में बदलाव किया है. प्रदर्शन के चलते मध्य दिल्ली के कई स्कूलों के छात्र प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस कड़ी में हुमायूं रोड पर स्थित R S जूनियर मॉडर्न स्कूल ने माता-पिता को बताया है कि सेंट्रल दिल्ली में मौजूदा हालात को देखते हुए, 24 जुलाई से अगले आदेश तक नर्सरी से क्लास 5 तक की क्लास हाइब्रिड मोड (यानी फिजिकल और ऑनलाइन दोनों तरह से) में चलेंगी.
एक सर्कुलर के मुताबिक, घर से क्लास में शामिल होने वाले छात्रों से कहा गया है कि वे रेगुलर टाइम-टेबल का पालन करें और स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर क्लास में शामिल हों.
स्कूल बसों के बदले जा सकते हैं रास्ते
स्कूल ने कहा कि उसकी बसें रेगुलर शेड्यूल के हिसाब से चलेंगी. लोधी एस्टेट स्थित सरदार पटेल विद्यालय, जिसने मंगलवार और बुधवार को ऑनलाइन क्लास चलाई थी ने बताया है कि गुरुवार से रेगुलर फिजिकल क्लास फिर से शुरू हो जाएंगी. स्कूल ने आगे कहा कि बसें अपने आम रास्तों और रेगुलर समय के हिसाब से चलेंगी. हालांकि, स्कूल ने ट्रैफिक पाबंदियों से प्रभावित इलाकों में रहने वाले छात्रों के माता-पिता को सलाह दी है कि वे स्कूल ट्रांसपोर्ट स्टाफ से तालमेल बिठाएं और अपने बच्चों को या तो स्कूल कैंपस से या आगे तय किए गए पॉइंट्स से ले जाएं, क्योंकि सुरक्षा कारणों से बसों का रूट बदला जा सकता है.
सुरक्षा कारणों से किए जा रहे है
ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब विरोध प्रदर्शन वाली जगह के आस-पास सुरक्षा इंतजामों की वजह से सेंट्रल दिल्ली की कई सड़कें प्रभावित हैं और कई दिल्ली मेट्रो स्टेशन भी कई घंटों तक बंद रहे, जिससे यात्रियों को भीड़ और देरी का सामना करना पड़ा. चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के दिल्ली डायोसिस ने एक बयान जारी कर पब्लिक परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों और परिवारों के साथ एकजुटता जाहिर की है.
डायोसिस ने कथित गड़बड़ियों की गहन, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है, साथ ही जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया है. इसने पब्लिक परीक्षाओं की शुचिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए संस्थागत सुधारों की जरूरत पर भी जोर दिया.
उन्होंने कहा कि हर छात्र ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर पर आधारित शिक्षा व्यवस्था का हकदार है और अधिकारियों से अपील की कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करें, न्याय सुनिश्चित करें और परीक्षा प्रक्रिया में जनता का भरोसा बहाल करें.