आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर जोर बढ़ने के साथ बड़ी टेक कंपनियां अपने काम करने का तरीका बदल रही हैं. इसी वजह से कई कर्मचारियों की नौकरियां जा रही है. पिछले 10 महीनों में अमेजन और मेटा ने मिलकर करीब 40,000 कर्मचारियों की छंटनी की है. अब अमेजन ने एक बार फिर कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है. हालांकि, कंपनी ने नहीं बताया कि इस बार कितने लोग प्रभावित हुए हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसका असर उसके एजीआई (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) विभाग के कुछ कर्मचारियों पर पड़ा है. अमेजन जनवरी में भी करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी कर चुका है. अक्टूबर 2022 से अब तक कंपनी 30,000 से अधिक नौकरियां खत्म कर चुकी है.
क्या वापस से हो रही है छंटनी?
अमेजन ने अपनी नई छंटनी की पुष्टि की है. कंपनी ने कहा है कि कुछ पदों को खत्म करने के बावजूद वह एआई पर अपना ध्यान बनाए रखेगी. अमेजन के अनुसार, वह बड़े एआई मॉडल बनाने और ग्राहकों के लिए जरूरी तकनीक विकसित करने पर काम कर रही है. इसी वजह से कंपनी ने एआईजीआई विभाग के कुछ हिस्सों में कुछ नौकरियां खत्म करने का फैसला लिया है.

कर्मचारी दे रहे हैं इस्तीफा?
अमेजन में यह बदलाव उसके एआई विभाग में हुए नेतृत्व परिवर्तन के बाद आया है. पहले एजीआई प्रोजेक्ट संभालने वाले रोहित प्रसाद कंपनी छोड़ चुके हैं और एजीआई लैब के प्रमुख डेविड लुआन ने भी इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद अमेजन ने एजीआई के काम को वरिष्ठ उपाध्यक्ष पीटर डीसेंटिस के अधीन कर दिया है. अब वह एआई, कस्टम सिलिकॉन और क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

सोशल मीडिया पर शेयर की कहानियां
हालांकि, अमेजन की हालिया छंटनी में कितने लोगों को नौकरी से निकाला गया है, इसकी सही संख्या अभी सामने नहीं आई है. लेकिन कर्मचारियों की सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि एआई मॉडल बनाने और डेटा से जुड़े काम करने वाली कई टीमें प्रभावित हुई हैं.
एक पूर्व कर्मचारी ने बताया कि उन्हें और उनके कई साथियों को नौकरी से निकाल दिया गया. उनका काम एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए सही डेटा चुनने से जुड़ा था. वहीं, एक अन्य कर्मचारी ने कहा कि उनकी एमओई (Mixture-of-Experts) एआई टीम के ज्यादातर लोगों की नौकरी चली गई और अब वे एआई क्षेत्र में नई नौकरियां तलाश रहे हैं.
छंटनी ने छोड़ दी नई बहस
छंटनी ने सोशल मीडिया पर भी बहस छेड़ दी. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अमेजन फाउंडेशन मॉडल ट्रेनिंग पर काम करने वाली टीमों को क्यों कम करेगा, जबकि अन्य ने तर्क दिया कि कंपनी शायद अन्य एआई निवेशों को प्राथमिकता दे रही है. इस चर्चा में एआई चैटबॉट ग्रोक ने कहा कि अमेजन ने एजीआई विभाग में कुछ खास पदों को खत्म करने की बात कही है. साथ ही कंपनी का कहना है कि एआई अभी भी उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है.
मेटा ने भी की छंटनी
अमेजन अकेली कंपनी नहीं है, जो छंटनी कर रही है. मेटा ने भी साल 2026 में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है और खबरों के मुताबिक, इस साल अब तक 9000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल चुकी है. सबसे बड़ी छंटनी मई में हुई है, जब सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने घोषणा की कि मेटा एआई के क्षेत्र में अपनी योजनाओं को और मजबूत कर रही है, तो कंपनी ने करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला लिया. यह संख्या मेटा के कुल कर्मचारियों की लगभग 10 प्रतिशत थी.
क्या कहा था?
जकरबर्ग की ओर से कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में कहा कि एआई के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि एआई आज की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है और इसमें आगे रहने वाली कंपनियां भविष्य को प्रभावित करेंगी.
मेटा ने इस साल की शुरुआत में अपने रियलिटी लैब्स विभाग से करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी. इसके बाद मार्च में भी कई कर्मचारियों की नौकरियां गईं. हालांकि, कंपनी ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई मॉडल और एआई से कमाई बढ़ाने वाली टीमों को प्राथमिकता दी है और कई कर्मचारियों को एआई से जुड़े कामों में लगाया है.
मेटा ने कुछ कंटेंट मॉडरेशन के कामों को भी एआई सिस्टम से बदलना शुरू किया है. यह बदलाव सिर्फ मेटा और अमेजन तक सीमित नहीं है. सिस्को और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों ने भी हाल में छंटनी और काम के ढांचे में बदलाव किए हैं, ताकि ज्यादा संसाधन एआई विकास में लगाए जा सकें.