भारतीय सेना में आना भारत के हजारों युवाओं का सपना होता है. लेकिन कई बार आपको कोई और विकल्प मिल जाता है, तो लोग उसमें ही बिजी हो जाते हैं लेकिन शारदेंदु तिवारी की स्टोरी कुछ और ही बताती है. बता दें कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेजन में नौकरी शुरू कर दी लेकिन देश के प्रति उनका प्यार कम नहीं हुआ है.
उन्होंने अमेजन के 46 लाख सालाना के पैकेज को छोड़कर इंडियन आर्मी जॉइन करने का फैसला किया है. उनकी ट्रेनिंग के दौरान स्किल को देखते हुए उच्च अधिकारी का पद दिया गया है. ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), गया से भारतीय सेना में बतौर अधिकारी कमीशन होने वाले शारदेंदु तिवारी की स्टोरी हर उस युवा को प्रोत्साहित कर रही है, जो सोचते हैं कि नौकरी के साथ कुछ नहीं कर सकते.
सोशल मीडिया पर शेयर की स्टोरी
शारदेंदु की उपलब्धियों और सेना में उनके सफर की कहानी भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की. पोस्ट के मुताबिक, उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय, चंडीमंदिर से पूरी की. इसके बाद उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ से बी.ई. (आईटी) और एम.टेक (कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी) की पढ़ाई की.
पढ़ाई पूरी कर अमेजन में नौकरी
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें अमेजन में नौकरी मिली. लेकिन उनके मन से देश सेवा का भाव कभी खत्म नहीं हुआ.वे लगातार 7 बार फेल हुए लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने 8वें प्रयास में उन्होंने भारतीय सेना में जाने का रास्ता साफ कर लिया. शारदेंदु ने टेक्निकल एंट्री रूट के माध्यम से भारतीय सेना में कदम रखा है. इस रास्ते के जरिए वे अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए देश की रक्षा और सेवा में योगदान देंगे.
46 लाख के पैकेज में कर रहे थे काम
बता दें कि शारदेंदु अमेजन में बतौर क्लाउड इंजीनियर काम कर रहे थे. वहां, पर उनका सालाना पैकेज 46 लाख रुपये था. इसके साथ ही उन्हें ग्लोबल एयरोस्पेस कंपनी ‘एयरबस’ से भी शानदार जॉब ऑफर मिला था. आमतौर पर युवा इसे अपने करियर का पीक मानते हैं. लेकिन उनकी मंजिल यह नहीं थी.
बन गए सीनियर ऑफिसर
OTA गया में प्रशिक्षण के दौरान अपनी काबिलियत, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन से प्रभावित करने वाले कैडेट को सीनियर अंडर ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह अकादमी में कैडेट्स को मिलने वाले सबसे प्रतिष्ठित और वरिष्ठ पदों में से एक माना जाता है.