अमेरिका की सेना ने ईरान के खिलाफ जंग में अपनी ताकत और बढ़ा दी है. यूएस मीडिया (न्यूजमैक्स) की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका अब हजारों मरीन्स और नाविकों को जल्दी से मिडिल ईस्ट भेज रहा है. बॉक्सर एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट को रवाना कर दिया गया है. ये जहाज इंडो-पैसिफिक रास्ते से होते हुए मिडिल ईस्ट पहुंचेंगे. नेवी को आदेश दिया गया है कि और ज्यादा फायरपावर के साथ तैयार रहो.
कौन-कौन से जहाज जा रहे हैं?
बॉक्सर एम्फीबियस रेडी ग्रुप में तीन मुख्य जहाज हैं...
यह भी पढ़ें: ईरान जंग में US ने खोए 16 विमान, 'ऑपरेशन सिंदूर' पर झूठे दावे करने वाले ट्रंप अब क्या कहेंगे?
इन तीनों जहाजों पर कुल 2,500 मरीन्स सवार हैं. तीनों जहाज मिलाकर करीब 4,000 सैनिक और नाविक हैं. इन जहाजों पर F-35 फाइटर जेट्स, मिसाइलें और अम्फीबियस वाहन (जमीन पर उतरने वाले वाहन) मौजूद हैं.

ये वाहन जहाज से उतरकर सीधे जमीन पर हमला कर सकते हैं. मरीन्स ने अपना ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन पूरा किया था, लेकिन छुट्टी कम करके जल्दी रवाना हो गए हैं.
ये जहाज पहले से भेजे गए यूएसएस त्रिपोली से जुड़ेंगे
यूएसएस बॉक्सर अब यूएसएस त्रिपोली से जुड़ जाएगा. दोनों जहाज बहुत ताकतवर हैं. इन पर रोलिंग एयरफ्रेम मिसाइल और सी-स्पैरो मिसाइल लगे हैं. साथ ही F35 फाइटर जेट, AV-8 हेरियर जेट्स, टिल्ट-रोटर ओस्प्रे, और कई हेलीकॉप्टर (वाइपर, वेनम, नाइटहॉक, स्टैलियन) भी हैं.
यह भी पढ़ें: ईरान के बाद अब पाकिस्तान का नंबर? क्यों अमेरिका में हो रही है परमाणु बमों की चर्चा
कुछ दिनों के लिए यूएसएस न्यू ओरलींस क्रूजर भी इनके साथ जुड़ेगा. पहले ये बॉक्सर ग्रुप यूएसएस सैन डिएगो के साथ फिलीपींस ओशन में था, लेकिन सैन डिएगो अब पैसिफिक में मेंटेनेंस के लिए रुक जाएगा. जापान में बेस्ड यूएसएस रशमोर एम्फीबियस डॉक शिप जल्दी मिडिल ईस्ट पहुंचकर इनके साथ जुड़ने वाला है.

क्यों भेजे जा रहे हैं ये अतिरिक्त सैनिक और जहाज?
अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सेना को और मजबूत करना चाहता है. पहले से ही यूएसएस त्रिपोली पर 2200-2500 मरीन्स जा रहे थे. अब बॉक्सर ग्रुप के 2500 मरीन्स जुड़ने से कुल ताकत बहुत बढ़ जाएगी. ये जहाज जमीन पर हमला करने, मिसाइल हमले रोकने और हवाई सपोर्ट देने में माहिर हैं. अमेरिकी अधिकारी कह रहे हैं कि ईरान जंग में ताकत बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया गया है.
ट्रंप सरकार का प्लान
ट्रंप सरकार ने जंग शुरू करते समय कहा था कि ईरान जल्दी हार जाएगा, लेकिन अब अतिरिक्त जहाज और मरीन्स भेजकर अमेरिका अपनी तैयारी और पक्की कर रहा है. ये ताकत बढ़ाने का साफ संकेत है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ हर तरह के ऑप्शन (हवाई, समुद्री और जमीन पर) तैयार रखना चाहता है.

अमेरिका ने बॉक्सर एम्फीबियस रेडी ग्रुप और 11वीं मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट को जल्दी भेजकर मिडिल ईस्ट में अपनी सेना को मजबूत कर दिया है. बॉक्सर, पोर्टलैंड, कॉम्स्टॉक के साथ 4000 सैनिक और F-35 जेट्स, मिसाइलें, हेलीकॉप्टर सब तैयार हैं. ये सब त्रिपोली से जुड़कर ईरान जंग में अमेरिका की ताकत कई गुना बढ़ा देंगे. अभी देखना है कि ये अतिरिक्त ताकत जंग को कितना प्रभावित करती है.