मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. AFP के एक इन्फोग्राफिक ने दुनिया का ध्यान खींचा है, जिसमें ईरान की प्रमुख मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज दिखाई गई है. साथ ही अमेरिकी सैन्य अड्डों की लोकेशन.
यह मैप दिखाता है कि ईरान की मिसाइलें मध्य पूर्व में कई प्रमुख अमेरिकी बेस को निशाना बना सकती हैं. रेंज अनुमानित है क्योंकि यह वॉरहेड के वजन पर निर्भर करता है. आइए समझते हैं कि ईरान की मिसाइलें क्या हैं. उनकी रेंज कितनी है. कौन-कौन से अमेरिकी अड्डे उनके निशाने पर हैं.
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ईरान-अमेरिका तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है. ईरान का दावा है कि उसकी मिसाइलें रक्षा के लिए हैं, लेकिन अमेरिका इसे क्षेत्रीय खतरे के रूप में देखता है. 2026 में ओमान में चल रही बातचीत में अमेरिका ईरान से मिसाइल प्रोग्राम सीमित करने की मांग कर रहा है.
ईरान की मिसाइलें 2000 किलोमीटर रेंज वाली हैं, जो पूरे मध्य पूर्व को कवर करती हैं. अगर युद्ध हुआ, तो ईरान इन मिसाइलों से अमेरिकी अड्डों पर हमला कर सकता है. जैसा 2020 में इराक के अड्डों पर किया था.
ईरान की प्रमुख बैलिस्टिक मिसाइलें और उनकी रेंज
ईरान के पास दुनिया का सबसे बड़ा मिसाइल स्टोरेज है, जिसमें हजारों बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें हैं. ये मिसाइलें ठोस ईंधन वाली हैं, जो जल्दी लॉन्च हो सकती हैं. एएफपी मैप में दिखाई गई मुख्य मिसाइलें और उनकी अनुमानित रेंज इस प्रकार हैं...
देजफुल (Dezful) मिसाइल ईरान की छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज लगभग 1000 किलोमीटर है. यह इराक और खाड़ी देशों जैसे पड़ोसी इलाकों को आसानी से निशाना बना सकती है. देजफुल को ठोस ईंधन से चलाया जाता है, जो इसे तेजी से लॉन्च करने में मदद करता है.
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फतह-1 (Fattah-1), हज कासेम (Haj Qasem) और खैबर शेकन (Kheibar Shekan) मिसाइलें मध्यम रेंज वाली हैं, जिनकी पहुंच 1400 किलोमीटर तक है. ये सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे देशों तक पहुंच सकती हैं. फतह-1 को हाइपरसोनिक मिसाइल कहा जाता है, जो दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा दे सकती है.
हज कासेम और खैबर शेकन भी उन्नत तकनीक वाली हैं, जो सटीक हमले के लिए डिजाइन की गई हैं. ये मिसाइलें ईरान की IRGC (इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) द्वारा विकसित की गई हैं.

एमाद (Emad) और गदर-1 (Ghadr-1) मिसाइलें और भी एडवांस हैं, जिनकी रेंज 1700 किलोमीटर है (गदर-1 के लिए 1600 से 1950 किलोमीटर तक). ये इजरायल और जॉर्डन जैसे दूर के लक्ष्यों तक पहुंच सकती हैं. एमाद को शाहाब-3 का बेहतर वर्जन माना जाता है, जिसमें बेहतर सटीकता और मार्गदर्शन प्रणाली है.
गदर-1 भी तरल ईंधन वाली है और भारी वॉरहेड ले जा सकती है, जो इसे घातक बनाती है. ये मिसाइलें ईरान के मध्यम दूरी के बैलिस्टिक प्रोग्राम का मुख्य हिस्सा हैं.
खोर्रमशहर (Khorramshahr) और सेज्जिल (Sejjil) मिसाइलें ईरान की सबसे लंबी रेंज वाली हैं, जिनकी पहुंच 2000 किलोमीटर तक है. ये पूरे मध्य पूर्व को कवर कर सकती हैं और 1500 किलो वॉरहेड ले जाने में सक्षम हैं. खोर्रमशहर-4 का हाल ही में तैनाती की गई है, जो भूमिगत 'मिसाइल सिटी' में रखी जाती है
सेज्जिल दो चरण वाली ठोस ईंधन मिसाइल है, जो तेजी से लॉन्च हो सकती है. ये मिसाइलें ईरान की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं. अमेरिकी तथा इजरायली ठिकानों को खतरा पैदा कर सकती हैं.
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ईरान की रेंज में आने वाले प्रमुख अमेरिकी अड्डे
एएफपी मैप में लाल डॉट्स से दिखाए गए अमेरिकी अड्डे मध्य पूर्व में फैले हुए हैं. ये अड्डे अमेरिकी सैनिकों, विमानों और जहाजों का घर हैं. ईरान की मिसाइलें इन तक पहुंच सकती हैं.
अल उदेद एयर बेस (Al Udeid Air Base), कतर: अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय, 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक. 1400 किमी रेंज वाली मिसाइलों के निशाने पर.
ऐन अल-असद एयर बेस (Ain al-Asad Air Base), इराक: इराक में मुख्य अमेरिकी अड्डा, पहले ईरान ने हमला किया था. 1000 किमी रेंज में.

कैंप अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस (Camp Arifjan and Ali Al Salem), कुवैत: सैन्य सामग्री और विमानों का केंद्र. खाड़ी में मौजूद आसानी से निशाना.
यूएस नेवल सपोर्ट एक्टिविटी (US Naval Support Activity), बहरीन: अमेरिकी पांचवीं फ्लीट का आधार, जहाजों का मुख्यालय. 1400 किमी रेंज में.
अल धफरा एयर बेस (Al Dhafra Air Base), यूएई: खुफिया और लड़ाकू विमानों का केंद्र. 2000 किमी रेंज वाली मिसाइलें पहुंच सकती हैं.
अन्य अड्डे: सीरिया में अमेरिकी ठिकाने, जॉर्डन में टावर 22, सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान एयर बेस, ओमान और यमन के पास के क्षेत्र. ये सभी 2000 किमी के अंदर हैं.
मैप से पता चलता है कि ईरान की राजधानी तेहरान से ये अड्डे घुमावदार पीली लाइनों (रेंज) के अंदर हैं. अमेरिका के पास 50,000 से ज्यादा सैनिक इन इलाकों में हैं, जो खतरे में पड़ सकते हैं.
भू-राजनीतिक महत्व और खतरे
यह मैप दिखाता है कि ईरान की मिसाइलें अमेरिका को सीधा खतरा हैं, खासकर तेल और गैस के क्षेत्रों में. अगर हमला हुआ तो अमेरिका के पास मिसाइल डिफेंस सिस्टम हैं, लेकिन ईरान की मिसाइलों की संख्या ज्यादा होने से चुनौती है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी अड्डे उसके निशाने पर हैं.