scorecardresearch
 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोनों तरफ से खुला, 11 भारतीय जहाज निकले, 10 कर रहे इंतजार

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यातायात दोनों तरफ बहाल हो गया है. MEA ने बताया कि 11 भारतीय जहाज पार कर चुके हैं, जिनमें तीन बड़े क्रूड टैंकर शामिल हैं. 10 भारतीय जहाज अभी इंतजार कर रहे हैं.

Advertisement
X
अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से दोनों तरफ की आवाजाही शुरू हो गई है. (File Photo: Getty)
अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से दोनों तरफ की आवाजाही शुरू हो गई है. (File Photo: Getty)

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यातायात फिर से दोनों दिशाओं में शुरू हो गया है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि दो भारतीय झंडे वाले जहाज सफलतापूर्वक फारस की खाड़ी में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि 10 भारतीय झंडे वाले जहाज अब भी क्षेत्र में इंतजार कर रहे हैं. 17 जून से अब तक 11 भारत आने वाले जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं. यह खबर इसलिए राहत भरी है क्योंकि होर्मुज क्षेत्र में हाल के सुरक्षा तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा प्रभावित नहीं हुई है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मध्य पूर्व का वह संकरा समुद्री मार्ग है जिससे दुनिया का लगभग 20-25 प्रतिशत कच्चा तेल और बहुत बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस गुजरती है. मुख्य रूप से सऊदी अरब, ईरान, इराक, UAE, कुवैत और कतर जैसे देशों का तेल इसी रास्ते से विश्व बाजार में पहुंचता है. 

यह भी पढ़ें: इधर डोभाल की चीन के NSA से हुई बात, उधर- बॉर्डर से आई गुड न्यूज

अगर इस रास्ते में कोई रुकावट आए तो वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. भारत अपना 80-85 प्रतिशत तेल इसी रूट से आयात करता है. हाल के दिनों में क्षेत्र में बढ़े तनाव के कारण यातायात प्रभावित हुआ था, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने के संकेत मिल रहे हैं. MEA के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी है. मंत्रालय स्थिति पर नजर रखे हुए है.

Advertisement

Traffic opens in Strait of Hormuz

भारतीय जहाजों की सफल यात्रा

तीन भारतीय ध्वज वाले विशाल क्रूड ऑयल टैंकर - देश वैभव, देश विभोर और सनमार हेराल्ड सफलतापूर्वक होर्मुज पार कर चुके हैं. इनमें कुल 8 लाख 60 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चा तेल लदा है. इन जहाजों पर 94 भारतीय नाविक सवार हैं. 

देश वैभव गुजरात के वडिनार बंदरगाह, देश विभोर सिक्का पहुंचने वाला है, जबकि सनमार हेराल्ड 1 जुलाई को ओडिशा के परादीप पहुंचेगा. इसके अलावा विदेशी ध्वज वाले एक LPG कैरियर, एक क्रूड ऑयल टैंकर और छह बल्क कैरियर भी भारत के लिए खाद्यान्न और फर्टिलाइजर लेकर आ रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: इजरायल से साझेदारी, UAE को ब्रह्मोस... मिडिल ईस्ट जंग ने भारतीय डिफेंस सेक्टर के लिए नए रास्ते खोल दिए

उर्वरक आयात और कृषि सुरक्षा

केवल तेल ही नहीं, भारत की खाद्य सुरक्षा के लिए फर्टिलाइजर आयात भी इसी मार्ग से हो रहा है. रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि चार जहाज यूरिया, DAP और सल्फर लेकर होर्मुज पार कर चुके हैं. ये जहाज आंध्र प्रदेश के कृष्णापट्टनम, काकिनाडा, ओडिशा के परादीप और गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंच रहे हैं. खरीफ सीजन से पहले उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित होना किसानों के लिए बहुत जरूरी है.

Traffic opens in Strait of Hormuz

यह घटनाक्रम भारत की समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों को दर्शाता है. सरकार भारतीय शिपिंग कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है. पिछले वर्षों में भारत ने अपनी समुद्री क्षमता बढ़ाई है. नौसेना को मजबूत किया है और वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया है. हालांकि होर्मुज का विकल्प आसान नहीं है, इसलिए कूटनीति और सुरक्षा के जरिए स्थिति को सामान्य रखना भारत की प्राथमिकता है.

Advertisement

क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति लगातार बनी रहना अच्छा संकेत है. इससे पता चलता है कि भारत ने विविध स्रोतों से आयात बढ़ाया है. आपात स्थिति के लिए बैकअप प्लान तैयार रखे हैं.

होर्मुज में यातायात बहाल होने के बावजूद 10 भारतीय जहाज अभी इंतजार कर रहे. क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं हुई है, इसलिए सतर्कता बरतनी होगी. भारत को लंबे समय में घरेलू तेल उत्पादन बढ़ाने, नई ऊर्जा को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने की जरूरत है. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement