पाकिस्तान का करीबी दोस्त अजरबैजान हाल ही में ईरान पर हमले की धमकी दे रहा है. यह धमकी ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में तनाव बहुत ज्यादा है. ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है. लोग पूछ रहे हैं कि क्या अजरबैजान की सेना इतनी मजबूत है कि वह ईरान पर हमला कर सके?
आइए ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 (GFP 2026) के आंकड़ों से दोनों देशों की मिलिट्री पावर की तुलना करके देखते हैं कि कौन कितना दमदार है. यह इंडेक्स दुनिया के 145 देशों की पारंपरिक सैन्य ताकत को 60 से ज्यादा फैक्टर्स जैसे सैनिक संख्या, हथियार, टैंक, हवाई जहाज, नौसेना, बजट और भूगोल से रैंक करता है.
यह भी पढ़ें: इजरायल की 7 लेयर एयर डिफेंस को भेदने वाली ईरान की 'खोर्रमशहर-4' मिसाइलें, बरपा रहीं कहर
GFP 2026 में रैंकिंग और पावर इंडेक्स
ईरान टॉप 20 में है जबकि अजरबैजान मध्यम स्तर पर. ईरान की कुल सैन्य ताकत अजरबैजान से कहीं ज्यादा है.

सैनिकों की संख्या (मैनपावर)
हवाई ताकत (एयरपावर)
यह भी पढ़ें: ईरानी नेवी पर कहर बनकर टूटा अमेरिका, बम गिराकर 30 जंगी जहाज डुबो दिए
जमीन पर ताकत (लैंड पावर)

नौसेना (नेवल पावर)
अन्य महत्वपूर्ण फैक्टर्स
ईरान का रक्षा बजट और घरेलू हथियार उत्पादन (मिसाइल, ड्रोन) बहुत मजबूत है. अजरबैजान तेल से अमीर है और तुर्की-इजरायल से हथियार लेता है लेकिन कुल संख्या और क्षमता में ईरान आगे है.
यह भी पढ़ें: 90 दिन पहले खामेनेई को मारने की प्लानिंग कर चुका था इजरायल
क्या अजरबैजान अकेले ईरान पर हमला कर सकता है?
GFP 2026 के आंकड़ों से साफ है – नहीं. अजरबैजान की सेना ईरान से काफी कमजोर है. ईरान टॉप 20 में है, अजरबैजान 60वें स्थान पर. हमला करने के लिए अजरबैजान को तुर्की या किसी बड़े सहयोगी की बहुत मजबूत मदद चाहिए. अकेले ईरान का मुकाबला असंभव है. यह धमकी ज्यादा राजनीतिक लगती है. असली युद्ध की संभावना कम क्योंकि ईरान की सेना बड़ी, अनुभवी और हथियारों में भारी है.