अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो एस्टेट के आसपास शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं. यह कदम यूएस सीक्रेट सर्विस के अनुरोध पर लिया गया. नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (नोराड) और यूएस नॉर्दर्न कमांड ने इसकी पुष्टि की है.
सिस्टम में एवेंजर एयर डिफेंस यूनिट शामिल हैं जो स्टिंगर मिसाइलों से लैस हैं. ये मिसाइलें कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन को निशाना बनाने के लिए बनाई गई हैं. कुछ सिस्टम इंट्राकोस्टल वॉटरवे में एक बजरे पर रखे गए हैं जो एस्टेट के बिल्कुल पास है. अन्य सिस्टम पास के डोनाल्ड जे ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास भी देखे गए हैं.
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अधिकारियों ने किसी खास खतरे का जिक्र नहीं किया है. सीक्रेट सर्विस ने कहा है कि वे ऊंचे खतरे वाले माहौल में काम कर रहे हैं. सुरक्षा उपायों को लगातार अपडेट करते रहते हैं. नोराड ने भी सुरक्षा कारणों से ज्यादा डिटेल देने से इनकार किया.

क्यों जरूरी पड़ी यह तैनाती
जनवरी 2025 से मार-ए-लागो के आसपास प्रतिबंधित एयरस्पेस का उल्लंघन बार-बार हो रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार 60 से ज्यादा विमानों को इंटरसेप्ट किया जा चुका है. हाल ही में एक सिविलियन प्लेन को एफ-16 जेट ने रोकने के लिए ‘हेडबट’ मैन्यूवर भी किया. ये उल्लंघन सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं.
ड्रोन का बढ़ता इस्तेमाल भी एक बड़ी चुनौती है क्योंकि छोटे ड्रोन पारंपरिक सुरक्षा को आसानी से धोखा दे सकते हैं. एवेंजर सिस्टम Humvee पर लगे होते हैं और आठ स्टिंगर मिसाइलें फायर कर सकते हैं. साथ में काउंटर-ड्रोन सेंसर और जैमर किट भी लगाए गए हैं जो इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ड्रोन को रोक सकते हैं.
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यह तैनाती सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं बल्कि भविष्य की तैयारियां भी दिखाती है. राष्ट्रपति के निजी आवास को अब जमीन से भी मजबूत सुरक्षा मिल रही है. पहले सिर्फ फ्लाइट रिस्ट्रिक्शन और फाइटर जेट पर निर्भर रहना पड़ता था. अब ग्राउंड-बेस्ड सिस्टम से प्रतिक्रिया का समय बहुत कम हो गया है.

प्रभाव और आगे की संभावना
स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए बजरे पर लगे सिस्टम असामान्य दृश्य हैं. लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञ इसे जरूरी कदम मानते हैं. कोई आधिकारिक समयसीमा नहीं बताई गई कि ये सिस्टम कब तक रहेंगे. लागत और लंबे समय के प्लान पर भी चुप्पी है. कुल मिलाकर यह घटना राष्ट्रपति सुरक्षा में ड्रोन और लो-फ्लाइंग थ्रेट्स के बढ़ते खतरे को रेखांकित करती है. अमेरिका जैसे देश में भी उच्च प्रोफाइल जगहों पर लगातार सुरक्षा स्तर बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही है.