जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (Lieutenant General NS Raja Subramani) भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी हैं. 30 मई 2026 से देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस के पद पर कार्यरत हैं. इस पद के साथ उन्हें रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग में सचिव की जिम्मेदारी भी दी गई है. उन्होंने 31 मई 2026 को सीडीएस का पदभार संभाला.
एन एस राजा सुब्रमणि का जन्म 21 जुलाई 1965 को हुआ था. उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी से सैन्य प्रशिक्षण लिया. बाद में उन्होंने ब्रिटेन के ब्रैकनेल स्थित ज्वाइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त किया. उन्होंने नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली से भी अध्ययन किया. इसके अलावा उन्होंने किंग्स कॉलेज लंदन में अध्ययन किया और लंदन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ आर्ट्स तथा मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा अध्ययन में एमफिल की डिग्री प्राप्त की.
उन्हें 14 दिसंबर 1985 को गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन में कमीशन मिला. सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने अलग-अलग कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण से जुड़े पदों पर काम किया. उन्होंने असम में गढ़वाल राइफल्स की 16वीं बटालियन की कमान संभाली. यह बटालियन ऑपरेशन राइनो के तहत उग्रवाद विरोधी अभियान में तैनात थी.
उन्होंने कजाखस्तान में भारतीय दूतावास में रक्षा अताशे के रूप में भी काम किया. इसके अलावा वे सैन्य खुफिया, पूर्वी कमान और जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स से जुड़े पदों पर रहे.
ब्रिगेडियर बनने के बाद उन्होंने सांबा में 168 इन्फैंट्री ब्रिगेड की कमान संभाली. बाद में वे सेना मुख्यालय में उप महानिदेशक सैन्य खुफिया और पूर्वी कमान में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ ऑपरेशंस रहे.
मार्च 2023 से जून 2024 तक वे मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे. इसके बाद 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक उन्होंने थल सेना के उप प्रमुख के रूप में काम किया. सितंबर 2025 में वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार बने.
IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में सीडीएस जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने छात्रों को बदलती दुनिया की चुनौतियों और भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के बारे में बताया.
सीडीएस जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने आजतक सुरक्षा सभा में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सशस्त्र बलों की नहीं, बल्कि सरकार, उद्योग, तकनीक, अकादमिया और पूरे समाज की जिम्मेदारी है. बदलते खतरों, मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया.
आजतक के सुरक्षा सभा कार्यक्रम 'सबसे आगे हिंदुस्तानी' में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने महत्वपूर्ण संबोधन दिया. उन्होंने साफ कहा कि आज के समय में राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सशस्त्र बलों की जिम्मेदारी नहीं रह गई है. सरकार, उद्योग, प्रौद्योगिकी समुदाय, अकादमिया और पूरा समाज इसमें बराबर की भूमिका निभाते हैं. आसपास का सुरक्षा वातावरण बहुत तेजी से बदल रहा है. इसलिए तैयारी का तरीका भी बदलना जरूरी है. जनरल सुब्रमणि ने अपनी बात को छह मुख्य बिंदुओं के जरिए रखा. देखें संबोधन.
3 जुलाई को DAC की बैठक में HAMMER मिसाइल, Verba एयर डिफेंस, MP-ATGM और स्यूडो सैटेलाइट्स को मंजूरी मिलने की उम्मीद है. ये सौदे भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना की ताकत बढ़ाएंगे.