अमृतसर पुलिस ने दो अलग-अलग ऑपरेशन में सीमा पार से चल रहे हथियार और नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया है. गिरफ्तार आरोपियों में दो नाबालिग भी शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हो रही थी और इसके तार दुबई में बैठे तस्कर करन और गैंगस्टर हैप्पी जट्ट से जुड़े हैं. पुलिस ने संभावित टारगेट की पहचान कर टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम करने का दावा किया है.
पंजाब के अमृतसर में पुलिस कमिश्नरेट ने सीमा पार से संचालित हो रहे अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने दो अलग-अलग ऑपरेशन चलाकर कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं. आरोपियों के कब्जे से पाकिस्तान निर्मित 12 आधुनिक पिस्तौल, दो जिंदा हैंड ग्रेनेड और 33 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. इसके अलावा पुलिस ने 310.10 ग्राम हेरोइन और एक चोरी की मोटरसाइकिल भी जब्त की है.
इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल (IPS) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी. उन्होंने बताया कि पुलिस को इस नेटवर्क के बारे में पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी. इसके आधार पर पुलिस की अलग-अलग टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की. जांच में सामने आया कि यह गिरोह पाकिस्तान से हथियार और नशीले पदार्थ मंगवाकर पंजाब में उनकी सप्लाई करने में जुटा था.
दो ऑपरेशन में मिली बड़ी कामयाबी
पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि पुलिस ने रंजीत एवेन्यू, सुल्तानविंड और छेहरटा इलाके में दो सुनियोजित ऑपरेशन चलाए थे. इन कार्रवाइयों में डीसीपी इन्वेस्टिगेशन प्रभजोत सिंह, डीसीपी सिटी जसकिरण तेजा, एडीसीपी विशालजीत सिंह और एडीसीपी जयंत के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने हिस्सा लिया. डिटेक्टिव विंग और संबंधित थानों की पुलिस भी इस ऑपरेशन में शामिल रही. पुलिस ने खुफिया इनपुट के आधार पर आरोपियों की पहचान की और फिर उन्हें गिरफ्तार किया.
कमिश्नर गिल के मुताबिक, पिछले दो महीनों के दौरान अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस की ओर से हथियारों की यह सातवीं बड़ी बरामदगी है. जांच में पता चला कि बरामद सभी हथियार अत्याधुनिक हैं और पाकिस्तान में बनाए गए हैं. इन्हें ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराया गया था. इसके बाद पंजाब में मौजूद तस्करी नेटवर्क के सदस्य इन हथियारों को उठाकर अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचाते थे.
पुलिस ने दो जिंदा हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए हैं. पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, ये हैंड ग्रेनेड बिल्कुल नए और उच्च क्षमता वाले हैं. शुरुआती जांच में आशंका जताई गई कि इनका इस्तेमाल किसी संवेदनशील ठिकाने या खास व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था. पुलिस ने समय रहते इस खेप को बरामद कर लिया और संभावित हमले की साजिश को नाकाम करने का दावा किया है.
आरोपियों में दो नाबालिग भी, छह का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई में कुल 11 आरोपियों को पकड़ा गया है. इनमें दो जुवेनाइल यानी नाबालिग भी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से छह के खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं. इनमें कुछ आरोपी दूसरे आपराधिक मामलों में वांछित भी चल रहे थे. पुलिस ने बोबी, सतनाम सिंह, हरप्रीत, आकाशदीप, दूसरे आकाशदीप उर्फ आकाश, विशाल सिंह और गुरप्रीत सिंह उर्फ बिल्ला की पहचान की है.
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में शामिल ज्यादातर आरोपी 18 से 24 साल की उम्र के हैं. इनमें से कई सामान्य मजदूरी और पुताई का काम करते थे. आरोप है कि उन्हें पैसों का लालच देकर हथियार और नशे की तस्करी के इस अवैध कारोबार में शामिल किया गया था. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आरोपियों को किसने अपने नेटवर्क में शामिल किया और उन्हें हथियारों की खेप उठाने की जिम्मेदारी किसने दी थी.
पुलिस ने इस नेटवर्क की कई अहम कड़ियों का पता लगाने का दावा किया है. जांच में उन लोगों की पहचान की गई है जिन्होंने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप को उठाया, उसे अलग-अलग जगहों पर छिपाया और आगे पहुंचाने की तैयारी की थी. पुलिस अब उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिन्हें ये हथियार डिलीवर किए जाने थे. इसके लिए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.
करन और गैंगस्टर हैप्पी जट्ट से जुड़े तार
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, जांच में इस हथियार और नशा तस्करी सिंडिकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं. इस नेटवर्क के तार जंडियाला निवासी गैंगस्टर हैप्पी जट्ट और दुबई में बैठे तस्कर करन से जुड़े पाए गए हैं. पुलिस का आरोप है कि दुबई में बैठा करन पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ मंगवाता था. इसके बाद पंजाब में मौजूद स्थानीय गुर्गे इन खेपों को ठिकाने लगाने का काम करते थे.
जांच में सामने आया है कि स्थानीय स्तर पर हथियारों की सप्लाई और उन्हें अलग-अलग जगहों तक पहुंचाने का काम गैंगस्टर हैप्पी जट्ट के निर्देशों पर किया जा रहा था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. साथ ही दुबई और पाकिस्तान में बैठे तस्करों के साथ इनके संपर्क और लेनदेन से जुड़ी कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है.
टारगेट किलिंग की साजिश का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पुलिस कमिश्नर से आरोपियों के संभावित निशाने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन टारगेट की पहचान कर ली है जिन्हें निशाना बनाने की योजना थी. हालांकि, उन्होंने सुरक्षा कारणों और ऑपरेशन जारी होने का हवाला देते हुए संभावित लक्ष्यों के नाम सार्वजनिक नहीं किए. पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर संभावित टारगेट किलिंग की साजिश को नाकाम कर दिया गया.
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है. यानी हथियार और नशे की खेप पाकिस्तान से किसके जरिए आती थी और पंजाब में किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी, इसकी जांच की जा रही है. इसके साथ ही आरोपियों को आर्थिक मदद देने वालों और नेटवर्क को संरक्षण देने वाले लोगों की भी पहचान की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
अवैध पटाखों और बारूद के भंडारण को लेकर चेतावनी
हथियार तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई की जानकारी देने के साथ पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने दिवाली के दौरान पटाखों की बिक्री और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया. उन्होंने बताया कि अमृतसर में केवल प्रशासन से लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं को ही पटाखे बेचने की अनुमति दी गई है. इसके लिए 5 से 9 नवंबर तक निर्धारित स्थान तय किए गए हैं. बिना लाइसेंस या तय स्थानों के बाहर पटाखे बेचने की अनुमति नहीं होगी.
कमिश्नर गिल ने चेतावनी दी कि कोई भी कारोबारी भारी मात्रा में पोटाश, बारूद या अवैध पटाखों का भंडारण करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस तरह का अवैध भंडारण आम लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है. इसे रोकने के लिए पुलिस की स्पेशल टीमें शहर के अलग-अलग इलाकों में औचक निरीक्षण करेंगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
पुलिस कमिश्नर ने आम लोगों से भी अपील की कि वे दिवाली के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें. उन्होंने लोगों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध भंडारण की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की. पुलिस का कहना है कि त्योहारी सीजन में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी.