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UP पुलिस ने मुर्दे को गांव की शांति भंग करने के लिए भेजा नोटिस, कहा-जुर्माना राशि लेकर कोर्ट पहुंचे

हरदोई जिले की बघौली कोतवाली इस समय चर्चा में है. इस थाने की पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को शांतिभंग में नोटिस भेजा है जिनका निधन तीन साल पहले हो चुका है. पुलिस ने उसे बांड भरने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का नोटिस भेजा है.

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UP:मुर्दे को गांव की शांति भंग करने के लिए भेजा नोटिस, पुलिस का अजीबोगरीब फरमान
UP:मुर्दे को गांव की शांति भंग करने के लिए भेजा नोटिस, पुलिस का अजीबोगरीब फरमान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मृतक को नोटिस भेजने के बाद मृतक के घर के लोग सकते में
  • कोतवाली प्रभारी से पूरे मामले में लापरवाही पर स्पष्टीकरण मांगा गया
  • मृतक को अदालत में 6 फरवरी को दो जमानतदारों सहित हाजिर होने को कहा गया

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की पुलिस इस बार अपनी अनोखी कार्यशैली की वजह से चर्चा में है. यहां की पुलिस को जिंदा व्यक्तियों के साथ-साथ मुर्दों से भी शांति भंग का खतरा है. इसलिए यहां की पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को शांति भंग की धाराओं में नोटिस भेजकर मजिस्ट्रेट के सामने हाजिर होने का हुक्म दिया है जिसकी तीन साल पहले मृत्यु हो चुकी है.

चुनाव के मद्देनजर ग्रामीण इलाकों में शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस की कारवाई के मामले सामने आते रहते हैं. लेकिन इस बार गांव में हुए मामूली विवाद के बाद मुर्दे पर पुलिस की कार्रवाई का मामला सामने आने के बाद पुलिस की किरकिरी हो रही है. फिलहाल मामला सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने थाना पुलिस से उनकी लापरवाही के लिए जबाब मांगा है.

दरअसल, हरदोई जिले की बघौली कोतवाली इस समय चर्चा में है. इस थाने की पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को शांतिभंग में नोटिस भेजा है जिनका निधन तीन साल पहले हो चुका है. पुलिस ने उसे बांड भरने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का नोटिस भेजा है. बघौली थाना इलाके के नीभी गांव के रहने वाले राम आसरे के घर पुलिस ने नोटिस भेजा है. यह नोटिस शांति भंग करने के आरोप में सदर कोर्ट से भेजा गया है. इस नोटिस में 9 लोगों के नाम शामिल हैं जिनमें राम आसरे, नरेश, हरिश्चंद्र, रती सिंह, राघवेंद्र, सतीश, गुड्डू, लवकुश और अशोक शामिल हैं.  

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नोटिस में कहा गया है कि सभी लोग 50-50 हजार की दो जमानती राशि और इतनी ही धनराशि का बंधपत्र एक वर्ष के लिए लेकर उप जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में 6 फरवरी को हाजिर हों. यह नोटिस मिलते ही परिवार के लोग भी अचंभित हो गए क्योंकि नोटिस में तीसरे नंबर पर लिखे गए हरिश्चंद्र नामक व्यक्ति की करीब 3 वर्ष पहले मौत हो चुकी है. 

अब नोटिस मिलने के बाद परिवार वाले इसलिए परेशान है कि जो व्यक्ति 3 वर्ष पहले मृतक हो चुका है उसे उपजिलाधिकारी की अदालत में कैसे ले जाएं. बघौली थाना पुलिस की यह लापरवाही जब सामने आई तो अब पूरे मामले में खाकी की किरकिरी हो रही है. वहीं, पुलिस के उच्चाधिकारियों ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रभारी निरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है कि इस प्रकार की लापरवाही थाना पुलिस से कैसे हो हुई. 

एएसपी हरदोई अनिल कुमार का कहना है कि बघौली के ग्राम नीभी में रामआसरे और रविशंकर में विवाद हुआ था जिसको लेकर पुलिस ने 9 लोगों का चालान किया था उनमें से एक की मृत्यु हो चुकी है. इस संबंध में थानाध्यक्ष बघौली से वार्ता की जाएगी और इस संबंध में उनका स्पष्टीकरण लिया जाएगा और जो भी आवश्यक विधिक कार्यवाही होगी, की जाएगी.

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