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'मुर्दे' ने अकाउंट से निकाल लिए 30 लाख! मुंबई में पूर्व बैंक मैनेजर समेत 2 गिरफ्तार, मृतक महिला के खाते में की हेराफेरी

मुंबई में मृत ग्राहक के बैंक खाते से 29.83 लाख रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में पूर्व ब्रांच मैनेजर और कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है. मामला मनी ट्रेल और साजिश का है. जिसकी जांच पुलिस कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

मुंबई में एक निजी बैंक की चौपाटी ब्रांच की पूर्व मैनेजर और एक कर्मचारी को साइबर पुलिस ने कथित बैंक फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार किया है. आरोप है कि आरोपियों ने एक मृत महिला ग्राहक के बैंक खाते से करीब 29.83 लाख रुपये की रकम निकाल ली. इसके लिए कथित तौर पर ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को फर्जी कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए बदल दिया गया था. इस मामले में सेंट्रल साइबर पुलिस ने पूर्व ब्रांच हेड राहुल पंजवानी और बैंक कर्मचारी अभिषेक वर्मा को सोमवार को गिरफ्तार किया है.

मामला उस समय सामने आया जब बैंक को दिवंगत ग्राहक विमला पाटिल के खाते से जुड़े मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी में बिना अनुमति बदलाव की शिकायत मिली. बैंक की आंतरिक जांच में पता चला कि जुलाई 2025 में ये बदलाव एक कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म के जरिए किए गए थे. यह फॉर्म तारदेव ब्रांच में जमा कराया गया था. जांच के दौरान बैंक अधिकारियों ने पाया कि फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर बैंक रिकॉर्ड में मौजूद विमला पाटिल के हस्ताक्षर से मेल नहीं खाते थे.

जांच के दौरान कर्मचारी अभिषेक वर्मा ने कथित तौर पर बैंक को बताया कि उसे ये बदलाव करने के लिए राहुल पंजवानी ने निर्देश दिए थे. मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदलने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर दिवंगत ग्राहक के खाते तक पहुंच बनाई. इसके बाद खाते में मौजूद दो फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले बंद कर दिया गया. इन दोनों एफडी की कुल रकम करीब 14.87 लाख रुपये थी, जिसे कथित तौर पर अलग-अलग माध्यमों से दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया.

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पुलिस के मुताबिक रकम ट्रांसफर करने के लिए RTGS, NEFT, UPI, IMPS और मोबाइल बैंकिंग जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया गया. ट्रांजैक्शन की जांच में यह भी सामने आया कि तीन अलग-अलग RTGS ट्रांजैक्शन के जरिए 5-5 लाख रुपये, यानी कुल 15 लाख रुपये, दूसरे बैंक के एक खाते में भेजे गए. जांच के दौरान पैसों के लेन-देन का ट्रेल कुछ ज्वेलरी आउटलेट्स तक भी पहुंचा है. सेंट्रल साइबर पुलिस ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है.

बैंक का आरोप है कि राहुल पंजवानी, अभिषेक वर्मा और राम पाल ने कथित तौर पर साजिश रचकर दिवंगत ग्राहक के नाम पर कस्टमर रिक्वेस्ट फॉर्म तैयार किया और उस पर उनके हस्ताक्षर की जालसाजी की. इस मामले में राम पाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है. फिलहाल पुलिस कथित साजिश, रकम के पूरे मनी ट्रेल और फरार आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है.

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