बिहार के दानापुर दियारा में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के सामने अब राहत राशन पाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है. हालात ऐसे हैं कि राहत सामग्री लेने के लिए लोग पानी में उतरकर सरकारी नाव तक पहुंचते नजर आए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है, जिसमें बाढ़ के पानी के बीच राशन लेने की होड़ और लोगों की बेबसी दिखाई दे रही है. ये तस्वीर दानापुर दियारा के मानस पंचायत की बताई जा रही है. सरकार की तरफ से बाढ़ पीड़ितों के लिए सूखा राशन भेजा गया था. राशन को सरकारी नाव से पंचायत के एक वार्ड में बांटने के लिए ले जाया जा रहा था. नाव पर सरकारी कर्मचारियों की पूरी टीम मौजूद थी.
जैसे ही सरकारी नाव आगे बढ़ी, बड़ी संख्या में बाढ़ से परेशान लोग उसकी तरफ दौड़ पड़े. कई लोग पानी में उतरकर नाव तक पहुंच गए और वहां से खुद ही सूखे राशन के पैकेट लेने लगे. देखते ही देखते नाव के आसपास काफी भीड़ जमा हो गई. वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा है कि नाव से सूखे राशन के पैकेट बांटे जा रहे हैं. पानी के बीच खड़े लोग राशन लेने के लिए नाव की तरफ बढ़ रहे हैं. कोई नाव से राशन का पैकेट लेकर पानी में उतर रहा है, तो कोई पानी में गिरे पैकेट को उठाकर वापस लौटता दिखाई दे रहा है.
राशन लेने के दौरान लोगों के बीच धक्का-मुक्की और छीना-झपटी जैसी स्थिति भी नजर आ रही है. कुछ लोग एक साथ कई पैकेट लेकर नाव से पानी में कूदते दिखाई दे रहे हैं. बड़ी संख्या में लोगों के नाव के पास पहुंचने और उस पर चढ़ने से नाव का संतुलन भी बिगड़ने लगा. इस मामले पर एसडीएम दानापुर विरुपाक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि उन्होंने भी वायरल वीडियो देखा है और कई लोगों ने उन्हें यह वीडियो शेयर किया था. वीडियो में कुछ सरकारी कर्मचारी नाव से सूखा राशन बांटते दिखाई दे रहे हैं.
सरकारी नाव देखते ही राशन लेने के लिए दौड़ी भीड़
एसडीएम ने बताया कि सूखा राशन एक दिन पहले सभी पंचायतों में पहुंचाया गया था. इसके बाद इस वीडियो को लेकर सीओ से प्रारंभिक रिपोर्ट ली गई. रिपोर्ट में सामने आया कि मानस पंचायत के एक वार्ड में सरकारी नाव से राशन बांटने के लिए ले जाया जा रहा था. एसडीएम के मुताबिक, नाव पर राजस्व कर्मचारी और पंचायत के अलग-अलग अधिकारी मौजूद थे. इसी दौरान बाढ़ की समस्या से परेशान काफी संख्या में आम नागरिक दौड़ते हुए नाव की तरफ आ गए. लोगों ने नाव से खुद ही सूखे राशन के पैकेट लेना शुरू कर दिया.
एसडीएम ने यह भी कहा कि ये लोग जरूरतमंद थे, लेकिन उनके इस तरह नाव पर पहुंचने से स्थिति बिगड़ने लगी. बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने और नाव पर चढ़ने की वजह से नाव का संतुलन धीरे-धीरे बिगड़ने लगा. विरुपाक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि नाव पर मौजूद सरकारी कर्मचारियों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा महसूस हुआ. इसके बाद कर्मचारियों ने तेजी से वहीं पर राहत सामग्री का वितरण कर दिया.
यानी जिस राहत राशन को सरकारी टीम मानस पंचायत के एक वार्ड तक पहुंचाकर व्यवस्थित तरीके से बांटने जा रही थी, उसे रास्ते में ही लोगों की भीड़ के कारण बांटना पड़ा. वीडियो में भी इसी दौरान लोगों के राशन लेने की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं. एसडीएम ने कहा कि फिलहाल इस मामले में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने बताया कि एक बार बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी.
प्रशासन अब इस बात पर भी विचार करेगा कि आगे राहत सामग्री के वितरण के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को बेहतर तरीके से कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है. खास तौर पर नाव से राहत सामग्री ले जाने और उसे बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाने के दौरान लोगों की भीड़ से कैसे बचा जाए, इस पर भी विचार किया जाएगा.
नाव पर सवार कर्मचारियों को सताने लगा सुरक्षा का डर
मानस पंचायत का यह वीडियो बाढ़ के बीच राहत राशन के लिए लोगों की परेशानी को सामने लाता है. एक तरफ सरकारी टीम राहत सामग्री लेकर पहुंची, तो दूसरी तरफ राशन लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पानी के बीच नाव तक पहुंच गए. लोगों की जरूरत और मौके पर बिगड़ती व्यवस्था के बीच सरकारी कर्मचारियों को भी अपनी सुरक्षा की चिंता करनी पड़ी. फिलहाल प्रशासन ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है. एसडीएम के मुताबिक, स्थिति सामान्य होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर राहत सामग्री के वितरण और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर फैसला लिया जाएगा.