झारखंड की राजधानी रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हंगामे का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त को हुए प्रदर्शन के दौरान JPSC-JSSC Reforms Manch की एक महिला सदस्य से कथित तौर पर बदसलूकी की गई. इस मामले में 38 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. महिला की शिकायत पर यह कार्रवाई रांची के कोतवाली थाने में की गई है.
पुलिस के अनुसार, महिला सोमवार को बीजेपी के नेता और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ कोतवाली थाने पहुंची थी. वहां उसने पूरे घटनाक्रम को लेकर शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आठ नामजद और 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है. आरोपियों पर छेड़छाड़ समेत भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की अन्य धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया गया है.
बताया जा रहा है कि 21 अगस्त को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक के पास भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में जुलूस निकाला गया था. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे. इसी दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाने की कोशिश की जा रही थी. इसी दौरान कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के बीच विवाद और मारपीट की स्थिति पैदा हो गई.
महिला एक्टिविस्ट ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान करीब आठ पहचान के लोगों के साथ 30 से ज्यादा अज्ञात लोगों ने उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की. महिला का दावा है कि वह JPSC-JSSC Reforms Manch से जुड़ी हैं और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुई थीं. पुलिस ने फिलहाल शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
इस मामले को लेकर बाबूलाल मरांडी ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी JMM पर निशाना साधा है. उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित हमले को कायराना हरकत बताया. मरांडी ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे छात्रों के साथ JMM से जुड़े लोगों ने बदसलूकी की. उन्होंने कहा कि बीजेपी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके संघर्ष में हर स्तर पर सहयोग करेगी.
मरांडी अपने साथ कई बीजेपी नेताओं को लेकर रांची सदर के सर्किल ऑफिसर-कम-मजिस्ट्रेट के कार्यालय भी पहुंचे. बीजेपी नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हंगामा और छात्राओं के साथ बदसलूकी करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की. मरांडी का आरोप है कि 21 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर मौजूद मजिस्ट्रेट ने एकतरफा कार्रवाई की. उनके मुताबिक, छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किए गए, लेकिन प्रदर्शन में कथित तौर पर बाधा डालने वालों पर FIR नहीं की गई.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बीजेपी अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझाने के लिए उनके कार्यालय पहुंची थी. उन्होंने मजिस्ट्रेट-कम-CO से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की. मरांडी ने चेतावनी दी कि अगर कथित तौर पर प्रदर्शन में उपद्रव करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई तो उनके कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर कई वीडियो और अन्य सबूत मौजूद हैं, जिनसे पता चलता है कि 21 अगस्त को प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हंगामा किसने किया था.
मरांडी ने यह भी कहा कि जिन छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज हुई है, बीजेपी उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी. उनका कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. बीजेपी की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं. वहीं पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर 38 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
रांची के कोतवाली थाने में 21 अगस्त की घटना को लेकर सिर्फ महिला की शिकायत पर दर्ज FIR ही नहीं हुई है. पुलिस के मुताबिक, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस के साथ कथित तौर पर झड़प करने के आरोप में 14 नामजद और 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन FIR दर्ज की गई हैं. यानी भर्ती परीक्षा के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई कई स्तर पर चल रही है.
इसके अलावा गिरिडीह और हजारीबाग जिलों में भी प्रदर्शन से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं. इन दोनों जिलों में कुल 39 नामजद लोगों और 900 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. इस तरह झारखंड में भर्ती परीक्षा की कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन अब राजनीतिक विवाद में भी बदल गया है. एक तरफ प्रदर्शनकारियों और बीजेपी ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है, जबकि दूसरी तरफ पुलिस प्रदर्शन के दौरान कथित उपद्रव और सरकारी काम में बाधा डालने के मामलों की जांच कर रही है.
फिलहाल रांची पुलिस ने महिला एक्टिविस्ट की शिकायत के आधार पर छेड़छाड़ समेत BNS की अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है. मामले में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 30 आरोपियों की पहचान अभी नहीं बताई गई है. पुलिस अब शिकायत, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और उपलब्ध वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी. जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मुद्दा झारखंड में पहले से ही छात्रों और राजनीतिक दलों के बीच बड़ा विषय बना हुआ है. 21 अगस्त के प्रदर्शन के बाद सामने आए FIR के मामलों ने विवाद को और बढ़ा दिया है. बीजेपी ने छात्रों को कानूनी मदद देने का ऐलान किया है, जबकि प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की जा रही है. अब इस मामले में पुलिस की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है.