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लॉरेंस बिश्नोई की फोटो लगाकर WhatsApp पर देता था धमकी, गाजियाबाद में 20 साल का युवक गिरफ्तार

गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बनकर लोगों को धमकी दिया करता था. इस काम को वो WhatsApp वॉयस मैसेज के जरिए अंजाम देता था. आरोपी की पहचान 20 वर्षीय अंशु प्रजापति के तौर पर हुई है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

गाजियाबाद में अपराध शाखा ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बनकर लोगों को जान से मारने की धमकी देने वाले 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान अंशु प्रजापति के रूप में हुई है, जो फैजाबाद जिले के महाराजगंज थाना क्षेत्र के अमौनी गांव का रहने वाला है. 

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने WhatsApp Business अकाउंट की प्रोफाइल फोटो पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगा रखी थी. उसने अकाउंट के विवरण में भी गैंग का नाम लिखा था. वह सोशल मीडिया से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें वॉयस मैसेज भेजता और खुद को गैंग का सदस्य बताकर धमकाता था.

पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर 2026 को विजय नगर निवासी आरव शर्मा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से WhatsApp के जरिए दो वॉयस मैसेज आए थे. इन मैसेज में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी. 

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की. इस संबंध में थाना विजय नगर में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.

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मामले की जांच के लिए गाजियाबाद अपराध शाखा और सर्विलांस टीम को लगाया गया था. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से धमकी देने वाले शख्स की पहचान की. जांच के आधार पर आरोपी अंशु प्रजापति को मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया गया. 

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने WhatsApp Business अकाउंट पर लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगाकर और गैंग का नाम लिखकर अपनी पहचान उसी से जुड़ी होने का दिखावा किया था.

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2025 में पुणे की एक कंपनी में काम करने गया था. वहां दोस्तों के साथ रहते हुए वह Instagram, Facebook और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करता था. 

इसी दौरान उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी रील और अन्य सामग्री देखी, जिससे वह प्रभावित हो गया. इसके बाद उसने अपने मोबाइल नंबर से WhatsApp Business अकाउंट बनाया और उस पर गैंग से जुड़ी पहचान प्रदर्शित करनी शुरू कर दी.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों के मोबाइल नंबर जुटाता था. इसके बाद वह उन्हें WhatsApp पर वॉयस मैसेज भेजकर धमकाता और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताता था.

इस तरह वह लोगों के बीच डर पैदा करने की कोशिश करता था. फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
 

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