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अहमदाबाद स्पोर्ट्स क्लब में मिला धमकी भरा नोट, दाऊद इब्राहिम और लश्कर-ए-तैयबा का नाम आने से मचा हड़कंप

अहमदाबाद के स्पोर्ट्स क्लब में बम धमकी भरा नोट मिलने से हड़कंप मच गया. नोट में दाऊद इब्राहिम, लश्कर-ए-तैयबा और 21 जून को धमाके की धमकी का जिक्र है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं. जानें क्या है पूरा मामला.

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धमकी मिलने के बाद पुलिस और एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है (फोटो-ITG)
धमकी मिलने के बाद पुलिस और एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है (फोटो-ITG)

अहमदाबाद में हाल ही में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों के बाद एक और धमकी भरे मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. इस बार शहर के नवरंगपुरा इलाके में मौजूद एक स्पोर्ट्स क्लब से ऐसा नोट मिला है, जिसमें अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का नाम लिखा हुआ है. नोट मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं हैं.

जानकारी के मुताबिक, स्पोर्ट्स क्लब के एक कमरे से पेंसिल से लिखा हुआ धमकी भरा नोट बरामद हुआ. इस नोट में 21 जून को क्लब में विस्फोट करने की धमकी दी गई थी. नोट में दाऊद इब्राहिम और लश्कर-ए-तैयबा का जिक्र होने के कारण पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई.

पुलिस जांच में पता चला कि जिस कमरे से यह नोट मिला, उसे पलक डॉक्टर के नाम पर बुक कराया गया था. उस कमरे में 29 मई को तीन विदेशी व्यापारी ठहरे थे और अगले दिन यानी 30 मई को चेक आउट कर गए थे. कमरे के खाली होने के बाद जब सफाईकर्मी सफाई करने पहुंचे, तभी अलमारी में रखा यह नोट मिला.

धमकी भरा पत्र मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वाड, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और डॉग स्क्वाड की टीमें मौके पर पहुंचीं. सुरक्षा एजेंसियों ने क्लब परिसर और आसपास के क्षेत्र में करीब दो घंटे तक गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली.

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पुलिस के अनुसार, कमरे में रुके तीनों विदेशी व्यापारी अभी भी भारत में मौजूद हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नोट किसने लिखा और उसे कमरे में किस मकसद से छोड़ा गया. साथ ही उन लोगों की गतिविधियों और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है जो उस कमरे से जुड़े हुए थे.

मामले की जांच के तहत क्लब के सीसीटीवी फुटेज, आगंतुकों का रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है. पुलिस उस व्यक्ति से भी पूछताछ कर रही है जिसके नाम पर कमरे की बुकिंग की गई थी. अधिकारियों का मानना है कि इन जानकारियों से धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह तक पहुंचने में मदद मिल सकती है.

डीसीपी जोन-1 डॉ. हर्षद पटेल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन धमकी के स्रोत और उसके पीछे की मंशा का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच जारी है. गर्मी की छुट्टियों के कारण क्लब में बड़ी संख्या में सदस्य और आगंतुक आ रहे हैं, इसलिए पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रही है.

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