लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में एक नाबालिग द्वारा अपनी मां की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. घटना राजेंद्र नगर चौराहे के पास स्थित विजन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 202 की है. पुलिस के मुताबिक, 17 साल के किशोर ने कथित तौर पर अपनी 42 वर्षीय मां गीता भागचंदानी पर लोहे की रिंच से हमला कर दिया. सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात के बाद किशोर ने खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी.
पुलिस के अनुसार, किशोर पिछले कुछ समय से खुद को लड़की के रूप में प्रस्तुत कर रहा था और जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराना चाहता था. इस मामले को लेकर परिवार में लंबे समय से तनाव के हालात थे. परिवार के लोग कथित तौर पर उसके इस फैसले से सहमत नहीं थे और उसे मेडिकल तथा मनोवैज्ञानिक सलाह लेने के लिए कह रहे थे. इसी मुद्दे को लेकर मां और बेटे के बीच विवाद हुआ और मामला कथित तौर पर हिंसा तक पहुंच गया.
घटना 1 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है. पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, किशोर घर पहुंचा और अपनी मां से चाय बनाने के लिए कहा. जैसे ही गीता भागचंदानी रसोई की तरफ जाने लगीं, आरोप है कि किशोर ने पीछे से उन पर लोहे की रिंच से हमला कर दिया. उसने सिर पर लगातार कई वार किए, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल होकर गिर गईं. कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई. पुलिस अब फोरेंसिक जांच के जरिए घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.
वारदात के बाद किशोर ने घटना छिपाने या मौके से भागने की कोशिश नहीं की. उसने पहले अपने पिता को फोन किया और इसके बाद डायल 112 पर भी सूचना दी. पुलिस के मुताबिक, उसने फोन पर कहा कि उसने अपनी मां को मार दिया है और पुलिस भेजी जाए. सूचना मिलते ही नाका हिंडोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस टीम ने फ्लैट के अंदर महिला को मृत पाया, जबकि नाबालिग आरोपी वहीं मौजूद था. इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई.
डीसीपी पश्चिम जितेंद्र श्रीवास्तव समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कथित रिंच को कब्जे में ले लिया है. घटनास्थल से दूसरे अहम साक्ष्य भी जुटाए गए हैं. मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के साथ पूछताछ से हत्या की पूरी साजिश का साफ पता चलेगा.
जांच के दौरान पुलिस को किशोर की डायरी और मोबाइल फोन से कई अहम जानकारियां मिलने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, हत्या की तैयारी पहले से किए जाने के संकेत मिले हैं. आरोप है कि किशोर ने ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए एक मास्टर रिंच और पेपर स्प्रे मंगाया था. इसके बाद उसने AI की मदद से हत्या की कथित योजना तैयार की और उसे अपनी निजी डायरी में भी दर्ज किया. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन चीजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था.
पुलिस के मुताबिक, डायरी में वारदात के बाद खून और दूसरे सबूतों को साफ करने से जुड़ी बातें भी लिखी मिली हैं. इसमें गर्म पानी के इस्तेमाल का जिक्र होने की बात कही जा रही है. पुलिस ने डायरी, मोबाइल फोन, कथित तौर पर इस्तेमाल की गई रिंच और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं. इन सभी चीजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. जांच एजेंसियां मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं, ताकि कथित योजना और वारदात के बीच कनेक्शन साफ हो सके.
मृतका के पति राकेश के मुताबिक, उनका बेटा पिछले करीब 5 से 6 वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था. उसका इलाज मेडिकल कॉलेज और नूर मंजिल जैसे संस्थानों में कराया गया था. परिवार के पास बाल कल्याण समिति से जुड़ा पत्र भी है, जिसमें किशोर की स्थिति और इलाज से संबंधित निर्देश दर्ज होने की बात कही गई है. पिता का कहना है कि इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और परिवार को उसकी देखभाल को लेकर लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था.
पुलिस जांच में परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे तनाव की बात भी सामने आई है. परिजनों के अनुसार, किशोर करीब 10 से 12 साल की उम्र तक सामान्य व्यवहार करता था, लेकिन बाद में उसके व्यवहार और पसंद में बदलाव दिखाई देने लगा. वह लड़कियों जैसे कपड़े पहनने और सजने-संवरने में रुचि रखता था और खुद को लड़की के पेश करता था. जेंडर पहचान और उसके व्यवहार को लेकर परिवार में कई बार विवाद होने की बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, वह किसी के छूने पर भी गुस्सा करता था.
परिवार के मुताबिक, लगातार विवाद और उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए करीब चार महीने पहले किशोर को अलग रखने का फैसला किया गया था. इसके लिए गणेशगंज में घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक अलग कमरा या फ्लैट किराए पर लिया गया था. उसकी पढ़ाई, कमरे का किराया और रहने-खाने का खर्च पिता की ओर से उठाया जा रहा था. परिवार के अनुसार, बेटे के खर्च के लिए हर महीने पैसे भी भेजे जाते थे. इसके बावजूद मां-बेटे के बीच तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था.
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन किशोर अपनी मां से मिलने के लिए घर पहुंचा था. शुरुआती जांच में सामने आया है कि मां उसे सर्जरी के फैसले को लेकर समझाने की कोशिश कर रही थीं और मेडिकल तथा मनोवैज्ञानिक मदद लेने की सलाह दे रही थीं. इसी दौरान दोनों के बीच कथित तौर पर बहस हुई. इसके बाद किशोर ने रिंच से हमला कर दिया. हालांकि पुलिस अभी घटना के पूरे क्रम की जांच कर रही है. और आखिरी नतीजा फोरेंसिक रिपोर्ट और आगे की जांच के आधार पर ही सामने आएगा.
नाका हिंडोला थाना प्रभारी विवेक कुमार चौधरी के मुताबिक, शुरुआती जांच में किशोर में जेंडर डिस्फोरिया से जुड़े संकेत होने की बात सामने आई है. हालांकि इस संबंध में विशेषज्ञों और मेडिकल प्रोफेशनल्स से उसकी काउंसलिंग कराई जाएगी. पुलिस का कहना है कि किशोर की मानसिक और मनोवैज्ञानिक स्थिति का आकलन विशेषज्ञों की मदद से किया जाएगा. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वारदात से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं और हत्या की साजिश किस तरह रची की गई.
फिलहाल नाबालिग पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने घटनास्थल से बरामद रिंच, कपड़े, मोबाइल फोन और डायरी समेत अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए भेजा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच के जरिए हत्या के पीछे के हालात, विवाद की वजह और वारदात की पूरी टाइमलाइन बनाई जा रही है.