अगर आपने किसी बैंक से लोन लिया है, फिर वो होम लोन हो या फिर ऑटो लोन, सभी के लिए बुधवार का दिन खास है. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक के नतीजों का आज ऐलान होने वाला है. ये बैठक बीते 3 अगस्त को शुरू हुई थी और बस कुछ देर बाद ही आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा रेपो रेट (Repo Rate) को लेकर लिए गए फैसलों की जानकारी देंगे. Repo Rate में होने वाला किसी भी तरह का बदलाव सीधे आपके लोन की ईएमआई (Loan EMI) पर असर डालने वाला साबित होगा.
एक्सपर्ट जता रहे ये अनुमान
RBI MPC बैठक शुरू होने के बाद लगातार एक्सपर्ट के अनुमान सामने आ रहे थे. हालांकि, ये किस हद तक सही साबित होते हैं सुबह 10 बजे रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा के ऐलान से साफ हो जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि केंद्रीय बैंक पॉलिसी रेट्स में इजाफा करते हुए भारतीय करेंसी रुपये को सहारा दे सकती है.
वहीं तमाम एक्सपर्ट्स Repo Rate के स्थिर रखे जाने की बात कह रहे हैं. उनका मानना है कि देश में खुदरा महंगाई अभी भी आरबीआई द्वारा तय दायरे 2-6 फीसदी के बीच में है. जून में Retail Inflation 4.38 फीसदी रिकॉर्ड की गई थी. SBI रिसर्च की एक पूर्व नीति रिपोर्ट में भी ये कहा गया है कि RBI की 3 से 5 अगस्त के बीच होने वाली मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में रेपो रेट को अनचेंज रखने की संभावना है.
अभी कितना है Repo Rate?
बता दें कि इस साल अब तक हुईं आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक में रेपो रेट स्थिर रखा गया है, बीते जून महीने में हुई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Repo Rate को स्थिर रखा था और ये फिलहाल 5.25% पर बरकरार है. इससे पहले बीते साल 2025 में आरबीआई ने एक के बाद एक कई बार रेपो रेट में कटौती कर लोन लेने वालों को तोहफा दिया था और Repo Rate में कुल मिलाकर 125 अंकों की कटौती की गई थी.
गौरतलब है कि रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक तमाम बैंकों को कर्ज देती है. इसका उपयोग अर्थव्यवस्था में महंगाई को कंट्रोल करने के लिए भी किया जाता है. जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों के लिए लोन लेना महंगा हो जाता है, जिससे आम जनता के लिए होम लोन या ऑटो लोन की EMI बढ़ जाती है.