scorecardresearch
 

बुलेट ट्रेन पर आया बड़ा अपडेट! BKC स्टेशन पर फाउंडेशन का काम पूरा, सूरत स्टेशन की हो रही फिनिशिंग

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने निर्माण के अहम चरण में प्रवेश कर लिया है. मुंबई के BKC टर्मिनल और गुजरात के सूरत स्टेशन पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. साबरमती में मल्टीमॉडल हब और तीन आधुनिक मेंटेनेंस डिपो भी तैयार किए जा रहे हैं. 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर पहली हाई-स्पीड रेल सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है.

Advertisement
X
Bullet train India
Bullet train India

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) टर्मिनल और गुजरात के सूरत स्टेशन पर निर्माण कार्य ने अहम पड़ाव पार कर लिया है. परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, भारत की पहली हाई-स्पीड रेल सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है. हालांकि, इससे पहले कॉरिडोर के कुछ हिस्सों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जा सकता है.

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है. करीब 508 किलोमीटर लंबा यह डेडिकेटेड रेल कॉरिडोर महाराष्ट्र, गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव से होकर मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ेगा. परियोजना की आधारशिला सितंबर 2017 में रखी गई थी. इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इनमें मुंबई बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं.

अहम चरण में BKC टर्मिनल का काम

मुंबई का BKC टर्मिनल इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का दक्षिणी टर्मिनस होगा. स्टेशन का निर्माण जमीन से करीब 30 मीटर नीचे किया जा रहा है, जिसके चलते इसे परियोजना के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में गिना जाता है. यहां खुदाई और फाउंडेशन से जुड़े काम अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं. स्टेशन को मुंबई के मौजूदा परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए भी कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है.

Advertisement
BKC Bullet Train Station Construction Crosses Key Milestones
मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स बुलेट ट्रेन स्टेशन का निर्माण कार्य अहम पड़ावों को पार कर चुका है. (Photo: X/@nhsrcl)

सूरत स्टेशन पर स्ट्रक्चर-रूफिंग पूरी

गुजरात के सूरत में भी स्टेशन का निर्माण तेजी से आगे बढ़ा है. स्टेशन का स्ट्रक्चरल फ्रेमवर्क और रूफिंग का काम पूरा हो चुका है. अब फ्लोरिंग, क्लैडिंग और सीलिंग इंस्टॉलेशन जैसे फिनिशिंग वर्क किए जा रहे हैं. सूरत स्टेशन का डिजाइन शहर की पहचान से जोड़ा गया है. इसका आर्किटेक्चर सूरत के मशहूर डायमंड कटिंग इंडस्ट्री से प्रेरित बताया गया है. परियोजना के तहत अलग-अलग शहरों के स्टेशनों को स्थानीय पहचान और आधुनिक सुविधाओं के साथ डिजाइन किया जा रहा है.

बुलेट ट्रेन सर्विस शुरू होने के बाद ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की उम्मीद है. इससे मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर का सफर लगभग दो घंटे में पूरा किया जा सकेगा. पूरे कॉरिडोर के एक साथ तैयार होने से पहले कुछ हिस्सों में चरणबद्ध तरीके से सेवा शुरू किए जाने की संभावना है. हालांकि, किस सेक्शन पर सबसे पहले ट्रेन चलेगी, इसकी अंतिम तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है.

साबरमती बनेगा बड़ा मल्टीमॉडल हब

गुजरात में साबरमती स्टेशन को एक बड़े मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है. यहां हाई-स्पीड रेल के साथ मेट्रो, बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) और मौजूदा रेलवे नेटवर्क को जोड़ा जाएगा. स्टेशन के आसपास के इलाके को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट मॉडल के मुताबिक विकसित करने की योजना है. इसका उद्देश्य अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच कनेक्टिविटी को आसान बनाना है.

Advertisement
Diamond Shape Surat Station Near Major Construction Milestones
सूरत बुलेट ट्रेन स्टेशन का स्ट्रक्चरल फ्रेमवर्क और रूफिंग का काम पूरा हो चुका है. (Photo: X/@nhsrcl)

ठाणे, सूरत, साबरमती में बन रहे डिपो

बुलेट ट्रेन के संचालन के साथ उसके मेंटेनेंस के लिए भी बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. ट्रेनों की जांच, मरम्मत और रखरखाव के लिए तीन आधुनिक रोलिंग स्टॉक डिपो बनाए जा रहे हैं. ये महाराष्ट्र के ठाणे और गुजरात के सूरत तथा साबरमती में होंगे. साबरमती डिपो में छोटी-बड़ी मरम्मत, इमरजेंसी रिपेयर एरिया, व्हील री-प्रोफाइलिंग, कोच बॉडी रिपेयर और बोगी वर्कशॉप जैसी सुविधाएं होंगी. यहां स्पेशल ट्रैक, इंस्पेक्शन रोड और ट्रेन वॉशिंग प्लांट भी तैयार किए जा रहे हैं.

मेंटेनेंस सिस्टम को हाई-स्पीड रेल के अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. इसके लिए कुछ भारतीय कर्मचारियों को जापान में ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है. इस ट्रेनिंग में शिंकानसेन हाई-स्पीड रेलवे सिस्टम के संचालन और रखरखाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है. डिपो में वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, वेस्ट मैनेजमेंट, ग्राउंडवॉटर रिचार्ज और पानी के दोबारा इस्तेमाल जैसी पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित हैं.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement