मिडिल ईस्ट में जंग शुरू होने के बाद जब देश में एलपीजी की दिक्कत पैदा हुई, तो सरकार ने कई कदम उठाए, ताकि गैस की ब्लैक मार्केटिंग रोकी जाए और जरूरतमंदों को सप्लाई पूरी की जा सके. सरकार ने इन्हीं कदम में से एक कदम LPG से पीएनजी पर स्विच करने का नियम जारी किया था और 90 दिन का समय दिया था.
मार्च 2026 में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026 नामक एक नया आदेश जारी किया था. इस आदेश के तहत कहा गया था कि परिवार एक ही समय में एलपीजी कनेक्शन और पीएनजी कनेक्शन दोनों नहीं रख सकते हैं.
सरकार ने दोहरे कनेक्शन पर प्रतिबंध लगा दिया और एलपीजी ग्राहकों को मार्च 2026 से शुरू होने वाली 90 दिनों की अवधि दी थी, जिसके तहत वे अपने इलाके में पाइपलाइन की बुनियादी संरचना उपलब्ध होने पर पीएनजी में स्विच कर सकते थे. अब यह अवधि समाप्त हो रही है. यह पहल भारत के ऊर्जा आयात बिलों पर दबाव कम करने, आयातित एलपीजी पर निर्भरता घटाने और घरों को स्वच्छ, घरेलू स्तर पर पाइपलाइन से आने वाले ईंधन की ओर ले जाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है.
PNG में स्विच नहीं करते हैं तो क्या होगा?
अगर आपके यहां पर PNG इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है और आपको रजिस्टर्ड पोस्ट ऑफिस से या 90 दिन की डेडलाइन की सूचना मिली है, लेकिन आपने PNG प्रणाली नहीं अपनाई है, तो एलपीजी की आपूर्ति बंद की जा सकती है. सरकार के मार्च के आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि एलपीजी की उपलब्धता के बावजूद जो परिवार PNG नहीं अपनाएंगे, उनकी आपूर्ति बंद कर दी जाएगी.
अगर आपके पास पहले से ही पीएनजी कनेक्शन है और आप अभी भी एलपीजी सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं, तो यह दोहरी व्यवस्था अब प्रतिबंधित है. आपको अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा.
पीएनजी उपलब्ध नहीं है तो?
अगर आपके क्षेत्र में पीएनजी की सप्लाई नहीं पहुंची है तो आपके एलपीजी कनेक्शन में कोई बदलाव नहीं होगा. आपकी एलपीजी आपूर्ति जारी रहेगी. जबतक आपके क्षेत्र तक पीएनजी की सप्लाई नहीं पहुंच जाती, तबतक एलपीजी की सप्लाई नहीं रुकेगी.
तेल कंपनियों का क्या कहना है?
एचपी गैस का वितरण करने वाली एचपीसीएल कंपनी ग्राहकों को एचपी गैस अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. हाल ही में जारी एक सलाह में कंपनी ने कहा कि पीएनजी कनेक्शन से न केवल ईंधन मिलता है, बल्कि आधुनिक जीवन की रोजमर्रा की सुविधा, विश्वसनीयता और सहजता भी मिलती है. सिलेंडर बुकिंग की चिंता नहीं, डिलीवरी का इंतजार नहीं, बस निरंतर गैस आपूर्ति जारी रहती है.
इंडेन गैस का उत्पादन करने वाली कंपनी इंडियन ऑयल ने तेल मंत्रालय के इस रुख का समर्थन किया है और कहा है कि खाना पकाने के लिए पीएनजी 'अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प' है.
30 जून के बाद क्या होगा?
मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश भर में लगभग एक लाख परिवार अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करके पीएनजी में ट्रांसफर ले चुके हैं. अकेले मार्च 2026 से अब तक 10.02 लाख पीएनजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया जा चुका है, साथ ही 3.22 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, जिससे कुल संख्या 13.24 लाख हो गई है. लगभग 9.94 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया गया है.
महाराष्ट्र के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने अपने राज्य के निवासियों से कार्रवाई करने का आग्रह किया. उन्होंने कहना है कि मैं उन लोगों से अपील करता हूं जिन्होंने क्षेत्र में सेवा उपलब्ध होने के बावजूद अभी तक पाइपलाइन गैस का लाभ नहीं उठाया है, वे 30 जून से पहले आवेदन करना शुरू कर दें. कनेक्शन कैसे दिए जाएंगे, यह सेवा प्रदाता का मामला है. कंपनी यह तय करेगी.
आपको क्या करना चाहिए?