पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG आज के समय में तेजी से लोकप्रिय हो रही एक आधुनिक ईंधन सुविधा है. यह प्राकृतिक गैस होती है, जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों, दफ्तरों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें सिलेंडर की तरह बार-बार भरवाने या बदलने की झंझट नहीं होती.
PNG असल में प्राकृतिक गैस होती है, जिसमें मुख्य रूप से मीथेन गैस होती है. इसे जमीन के अंदर से निकाला जाता है और फिर पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए शहरों में सप्लाई किया जाता है. घरों में यह गैस सीधे किचन तक पहुंचती है, जहां गैस स्टोव से इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है.
PNG के कई फायदे हैं, जिसकी वजह से लोग इसे तेजी से अपना रहे हैं-
PNG हवा से हल्की होती है, इसलिए अगर कभी लीकेज हो जाए तो यह ऊपर की ओर उड़ जाती है, जिससे हादसे का खतरा कम हो जाता है
सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं रहती, क्योंकि गैस लगातार पाइपलाइन से मिलती रहती है.
यह एलपीजी और कोयले की तुलना में ज्यादा साफ होती है, जिससे प्रदूषण कम होता है.
लंबे समय में PNG सस्ती पड़ती है, क्योंकि इसमें ट्रांसपोर्ट और सिलेंडर लागत नहीं होती.
एलपीजी गैस सिलेंडर में आती है, जिसे खत्म होने पर बदलना पड़ता है. वहीं PNG हमेशा उपलब्ध रहती है. इसके अलावा PNG का प्रेशर नियंत्रित रहता है और यह ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है.
PNG का इस्तेमाल सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि होटलों, रेस्टोरेंट्स, फैक्ट्रियों और वाहनों (CNG के रूप में) में भी किया जाता है. बड़े शहरों में इसका नेटवर्क तेजी से फैल रहा है.
आज के समय में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए PNG एक बेहतर विकल्प है. यह जलने पर कम धुआं और हानिकारक गैसें छोड़ती है, जिससे पर्यावरण को कम नुकसान होता है.
एलपीजी को लेकर नया नियम सामने आया है, जिसके तहत अगर आपने पीएनजी कनेक्शन करा लिया है तो एलपीजी सिलेंडर को 30 दिनों के भीतर सरेंडर करना होगा.
LPG ग्राहकों के लिए नए नियम लागू हो गए हैं. PNG कनेक्शन मिलने के 30 दिन के अंदर LPG सिलेंडर सरेंडर करना होगा. वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 30 जून तक eKYC पूरा करना जरूरी है, वरना सब्सिडी प्रभावित हो सकती है. eKYC मोबाइल ऐप, गैस एजेंसी या डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से पूरी की जा सकती है.
एलपीजी को लेकर कहा जा रहा है कि 30 जून के बाद आपका कनेक्शन बंद हो सकता है, लेकिन यह सभी के लिए नहीं है. सिर्फ उन्हीं लोगों पर लागू हो सकता है, जिनके पास पीएनजी की सप्लाई है या उनके घर के आसपास पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचा है.
भारत के ऊर्जा मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है. अंडमान में प्राकृतिक गैस का दूसरा भंडार मिला है. ऑयल इंडिया को विजयपुरम-3 खोजी कुएं में गैस की मौजूदगी मिली है. सरकार का मानना है कि इससे अंडमान बेसिन के बड़े हाइड्रोकार्बन केंद्र बनने की उम्मीद बढ़ी है और भविष्य में तेल-गैस आयात पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है.
LPG PNG Rule Change: एलपीजी के नए नियम के तहत सरकार ने पीएनजी कनेक्शन लेने वालों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है. अब पीएनजी लगवाने के 30 दिनों के भीतर एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर आपका कनेक्शन रद्द किया जा सकता है. सरकार का उद्देश्य डुप्लीकेट कनेक्शन खत्म करना और सब्सिडी का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना है.
LPG Cylinder Rule Change From 1st June: जून महीने की पहली तारीख को जहां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा कर महंगाई का झटका दिया गया है, तो वहीं इसे लेकर एक नया नियम भी आया है, जिसमें 30 दिन की डेडलाइन सेट की गई है.
देश में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के बीच गैस उपभोक्ताओं के लिए कुछ नए नियम लागू किए जा रहे हैं. इनका उद्देश्य घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकना और गैस वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है. जिन क्षेत्रों में पीएनजी सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन के उपयोग को लेकर निगरानी बढ़ाई जा सकती है. साथ ही गैस बुकिंग, रिफिल और कनेक्शन से जुड़े कुछ प्रावधानों में भी बदलाव किए गए हैं.
सरकार ने एलपीजी नियमों में संशोधन करते हुए PNG कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को नई सुविधा दी है. अब ऐसे उपभोक्ता 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन बंद करा सकते हैं या भविष्य में गैर-PNG क्षेत्र में दोबारा एलपीजी कनेक्शन बहाल कराने के लिए ट्रांसफर वाउचर ले सकते हैं.
Govt On Petrol-Diesel, LPG: सरकार ने एक बार फिर देश के लोगों से पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की पैनिक बायिंग न करने की अपील करते हुए कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
अगर आप LPG Connection का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। Government of India ने LPG Booking और Distribution सिस्टम को लेकर नए सख्त Rules लागू कर दिए हैं, जो 1 May 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो चुके हैं
1 मई से LPG के तीन बड़े नियम लागू—डबल गैस कनेक्शन पर रोक, OTP बेस्ड डिलीवरी और बुकिंग अंतराल में बदलाव. नए नियमों का सीधा असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा.
PNG Apply Process: देश में फिलहाल हर दिन करीब 8 से 10 हजार नए कनेक्शन दे रही है, जिसे बढ़ाकर 20 हजार तक करने का प्लान है. भारत सरकार का लक्ष्य 2034 तक देश में पीएनजी कनेक्शनों की संख्या को बढ़ाकर 12.6 करोड़ तक ले जाने का है.
भारत में रसोई गैस को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है. गैस की कमी के बीच वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर PNG कनेक्शन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो महीनों में बड़ी संख्या में लोगों ने पाइप्ड नेचुरल गैस की ओर रुख किया है, जिससे इसकी मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
US-Iran के बीच फिर से टेंशन गहरा गई है और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर चिंता भी बढ़ गई है. तेल-गैस सप्लाई में किसी भी रुकावट के मद्देनजर सरकार ने देश में छुटकू सिलेंडरों की सप्लाई तेज कर दी है, ताकि LPG Crisis का सामना न करना पड़े.
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर घरेलू गैस पर भी पड़ा है. घरेलू गैस का संकट न हो इसके लिए सरकार ने ज्यादा से ज्यादा PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. वहीं LPG के इस्तेमाल को कम करने की बात कही है. ऐसे में जानते हैं कि देश में पीएनजी का इस्तेमाल अभी कहां-कहां हो रहा है और इसका स्टेटस क्या है?
भारत सरकार ने एक बार फिर से देश के नागरिकों से पेट्रोल-डीजल या एलपीजी की पैनिक बायिंग यानी घबराहट में खरीदारी न करने की अपील की है. सरकार ने कहा है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से जुड़ी रुकावटों के बावजूद देश में ईंधन की सप्लाई पर्याप्त और सुचारू बनी हुई है.
Govt Urges No Panic Buying: होर्मुज टेंशन के बीच एक बार फिर से सरकार ने देश के लोगों को भरोसा दिलाया है कि देश में तेल-गैस का पर्याप्त स्टॉक है और पेट्रोल पंप भरे हुए हैं.
LPG vs PNG: लोगों में PNG को लेकर काफी कंफ्यूजन है. लेकिन अगर आपके इलाके में भी पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, तो आपको जरूर LPG यानी सिलेंडर सिस्टम को छोड़कर PNG का इस्तेमाल करना चाहिए.
भारत में आमतौर पर दो तरह की गैस का उपयोग किया जाता है एक LPG सिलेंडर गैस और दूसरा PNG पाइप्ड नेचुरल गैस. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर दोनों में से कौन सी गैस सस्ती पड़ती है और किसका इस्तेमाल ज्यादा फायदेमंद है.
LPG और PNG गैस का उपयोग बराबर नहीं होता. जहां 14 किलो LPG एक महीने चलता है, वहीं उतना ही काम करने के लिए PNG की ज्यादा मात्रा लगती है.
मिडिल ईस्ट की जंग के साइडइफेक्ट देश में भी दिख रहे हैं. गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच मुंबई में जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले लोग भी सक्रिय हो गए हैं. कहीं आम जनता के सिलेंडर देर रात फर्जीवाड़ा कर बुक करके दूसरों को दिए जा रहे हैं तो कुछ जगह गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले गिरफ्तार हो रहे हैं. इसी बीच फडणवीस सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए आम लोगों को राहत दी है. देखें मुंबई मेट्रो.