आम लोगों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है. कर्नाटक सरकार की कैबिनेट ने प्रति लीटर दूध के दाम में 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. यह कीमत नंदिनी मिल्क के लिए बढ़ाया गया है. सरकार के इस कदम से अब प्रति लीटर दूध के दाम 54 रुपये हो जाएंगे. वहीं अभी आम लोगों को 46 रुपये प्रति लीटर दूध मिलता है.
यह बढ़ोतरी 1 नवंबर से लागू हो जाएगी. यह वही प्रस्ताव है, जिसे पहले कैबिनेट ने मंजूर किया था. लेकिन विधान परिषद (MLC) चुनाव और लागू आचार संहिता के कारण इसका ऐलान नहीं किया गया था. हालांकि, अब आचार संहिता हटने के बाद सरकार ने कीमत बढ़ाने के फैसले का ऐलान कर दिया है.
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कहा कि किसानों के सामने आए संकट को देखते हुए, विधान परिषद में सभी दलों के सदस्यों ने उनकी मदद के लिए कदम उठाने की मांग की थी. दूध उत्पादक खुद विरोध जताने के लिए सड़कों पर उतर आए थे, और सहकारी समितियों ने भी दाम बढ़ाने पर जोर दिया था.
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन मांगों का सम्मान करते हुए, कैबिनेट ने आज दूध उत्पादक किसानों को मिलने वाली कीमत में 7 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है. इसके अलावा, सहकारी समितियों को भी 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी मिलेगी. इस तरह, कुल बढ़ोतरी 8 रुपये प्रति लीटर होगी.
10 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की थी मांग
मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि कैबिनेट में इस मुद्दे पर दो-तीन बार चर्चा हुई थी. हालांकि, अब इस बढ़ोतरी को लेकर सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है. उन्होंने बताया कि जब किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब उनकी सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री, पशुपालन मंत्री और सहकारिता मंत्री से मुलाकात की थी. उन्होंने मांग की थी कि कीमत में कम से कम 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जानी चाहिए.
हालांकि, किसानों ने 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन यह माना गया कि इतनी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की जा सकती. मंत्री ने कहा कि आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट में चर्चा के बाद, हमने 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का फैसला किया, जिसमें से 7 रुपये किसानों को मिलेंगे और 1 रुपये दूध सहकारी समितियों को जाएंगे.
किसानों को कितना मिलेगा लाभ?
गौड़ा ने बताया कि अभी कर्नाटक में किसानों को लगभग 35 रुपये प्रति लीटर दूध मिलते हैं, और इसके अलावा सरकार की ओर से 5 रुपये प्रति लीटर का प्रोत्साहन (इंसेंटिव) भी दिया जाता है. अब किसानों को मिलने वाली कीमत 35 रुपये से बढ़कर 42 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी. सरकार की ओर से मिलने वाला 5 रुपये प्रति लीटर का प्रोत्साहन जारी रहेगा. उन्होंने आगे कहा कि इसका मतलब है कि सरकारी प्रोत्साहन को मिलाकर किसानों को कुल 47 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे. इससे लाखों किसान परिवारों को फायदा होगा.