एविएशन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर अब घरेलू उड़ानों पर भी दिखने लगा है. सितंबर में एटीएफ की कीमत 5.5% बढ़कर करीब ₹121.3 प्रति लीटर पहुंच गई. ईंधन महंगा होने और ऑपरेशनल खर्च बढ़ने के बीच इंडिगो ने गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से कुछ प्रमुख घरेलू रूट पर उड़ानों की संख्या कम कर दी है. एयरलाइन अब यहां से सिर्फ 5 रूट पर ऑपरेट कर रही है.
इंडिगो ने हिंडन एयरपोर्ट से कोलकाता, नवी मुंबई और वाराणसी की उड़ानों की फ्रीक्वेंसी कम की है. कोलकाता के लिए हिंडन एयरपोर्ट से इंडिगो की डेली फ्लाइट अब सप्ताह में सिर्फ 2 दिन हो गई है. उपलब्ध जानकारी में सोमवार और रविवार या बुधवार और रविवार का शेड्यूल बताया गया है. यात्री इंडिगो की वेबसाइट पर फ्लाइट शेड्यूल चेक कर सकते हैं. नवी मुंबई के लिए डेली फ्लाइट सर्विस अब सप्ताह में 4 दिन कर दी गई है. वहीं वाराणसी के लिए फ्लाइट 6 दिन से घटाकर 5 दिन कर दी गई है.
हिंडन से इन 5 रूट पर उड़ान
फिलहाल इंडिगो हिंडन एयरपोर्ट से वाराणसी, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई और नवी मुंबई के लिए सेवाएं चला रही है. बेंगलुरु की उड़ान पहले की तरह रोजाना जारी है. चेन्नई के लिए सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को उड़ानें हैं. वहीं वाराणसी के लिए सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और शनिवार का शेड्यूल बताया गया है. कोलकाता और नवी मुंबई की सेवाओं में भी पहले के मुकाबले फ्रीक्वेंसी कम हो गई है.
क्यों कम हुई उड़ानों की संख्या?
इंडिगो एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ती ईंधन कीमत और ऑपरेशनल लागत के दबाव के कारण फ्लाइट्स की संख्या में कटौती की गई है. किसी एयरलाइन की कुल ऑपरेशनल लागत में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40% से 60% तक हो सकती है. ऐसे में एटीएफ की कीमत बढ़ने का सीधा असर एयरलाइंस के खर्च पर पड़ता है.
पश्चिम एशिया में जारी संकट और इसके चलते ईंधन की कीमतों में उछाल ने भी एयरलाइंस पर दबाव बढ़ाया है. घाटे को नियंत्रित करने के लिए इंडिगो ने घरेलू क्षमता में करीब 5% से 7% तक कटौती की है. वहीं एयर इंडिया ने अपनी उड़ानों में 22% तक की कमी की है.
ATF लगातार तीसरे महीने महंगा
एटीएफ की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. जुलाई में कीमत करीब ₹110 प्रति लीटर थी. अगस्त में कीमत बढ़कर ₹115 प्रति लीटर हो गई और सितंबर में 5.5% की बढ़ोतरी के बाद यह करीब ₹121.3 प्रति लीटर पहुंच गई. ईंधन की कीमत बढ़ने से एयरलाइंस को हर उड़ान के संचालन पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है. इसका असर कई बार किराए, उड़ानों की संख्या और किसी रूट पर एयरलाइन की क्षमता पर भी दिखाई देता है.
हिंडन एयरपोर्ट पर कई चुनौतियां
हिंडन एयरपोर्ट पर कमर्शियल उड़ानों का संचालन जून में शुरू हुआ था. इंडिगो ने जुलाई 2025 में यहां से 8 नए रूट शुरू किए थे. हालांकि, अहमदाबाद, इंदौर और पटना जैसे कुछ रूट कुछ ही महीनों में बंद हो गए. हिंडन एयरपोर्ट की ऑपरेशनल चुनौतियां भी नई नहीं हैं. एयर इंडिया एक्सप्रेस इस टर्मिनल से पूरी तरह हट चुकी है. फिलहाल यहां इंडिगो और स्टार एयर ही कमर्शियल सेवाएं संचालित कर रही हैं. दरअसल, हिंडन एयरपोर्ट भारतीय वायुसेना के अहम बेस पर स्थित है. इसलिए यहां उड़ानों के संचालन का समय सीमित है और विमानों की पार्किंग की सुविधा भी सीमित है. इन वजहों से एयरलाइंस के लिए यहां अपनी क्षमता बढ़ाना आसान नहीं है.
यात्रियों को क्या ध्यान रखना होगा?
अगर आप हिंडन एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले हैं तो टिकट बुक करने से पहले फ्लाइट की तारीख और उस दिन की उपलब्धता जरूर जांच लें. खासकर कोलकाता, नवी मुंबई और वाराणसी जाने वाले यात्रियों को पहले के मुकाबले कम विकल्प मिल सकते हैं. बेंगलुरु और चेन्नई के यात्रियों को भी अपने सफर की तारीख उपलब्ध शेड्यूल के हिसाब से तय करनी होगी. अगर ईंधन और ऑपरेशनल लागत का दबाव बना रहता है तो आने वाले समय में कुछ रूट पर उड़ानों की संख्या में और बदलाव देखने को मिल सकता है.