डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनी डेटा पैटर्न्स लिमिटेड (Data Patterns Limited) के लिए शुक्रवार का दिन अहम रहा. डेटा पैटर्न्स के शेयर में अचानक आई तेजी से स्टॉक ने ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के साथ ही 5000 रुपये के ऐतिहासिक लेवल को भी टच कर लिया.
दिसंबर 2021 में इस कंपनी का IPO आया था. पिछले करीब साढ़े चार साल में इस स्टॉक ने निवेशकों 500% से ज्यादा का रिटर्न दिया है. यानी 6 गुना से ज्यादा पैसा बनाकर दिया है.
शेयर में अचानक आई इस तेजी के कारण
दरअसल, पिछले कुछ महीनों में डेटा पैटर्न्स के शेयर ने जोरदार प्रदर्शन किया है. शुक्रवार को कारोबार के दौरान शेयर ने 5000 रुपये का हाई बनाया और इसका 52 वीक लो 2,131 रुपये है. 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत सरकार द्वारा रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने की नीतियों का सबसे बड़ा लाभ डेटा पैटर्न्स जैसी निजी रक्षा कंपनियों को मिला है.
इसे DRDO, ISRO, और रक्षा मंत्रालय से लगातार बड़े ऑर्डर्स मिल रहे हैं. समय पर डिलीवरी और इन-हाउस वर्टिकली इंटीग्रेटेड प्रोडक्शन क्षमता के कारण कंपनी को लगातार नए और बड़े ऑर्डर्स मिल रहे हैं, जिससे फ्यूचर में मजबूत ग्रोथ की संभावना बनी हुई है.
बता दें, डेटा पैटर्न्स का IPO दिसंबर 2021 में 585 रुपये प्रति शेयर के अपर प्राइस बैंड पर आया था, जो कि अब बढ़कर 5000 रुपये तक पहुंच गया है. हालांकि कारोबार के अंत में शेयर 4802 रुपये पर बंद हुआ.
भारत सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आयात घटाकर स्वदेशी कंपनियों से खरीदारी को प्राथमिकता दी है. रडार, मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) जैसे जटिल टेक्नोलॉजी उपकरणों के निर्माण में डेटा पैटर्न्स देश के शीर्ष घरेलू खिलाड़ियों में शामिल है.
मजबूत ऑर्डर बुक और हाई मार्जिन बिजनेस
कंपनी सिर्फ असेंबली का काम नहीं करती, बल्कि इसका खुद का R&D और इन-हाउस डिजाइन मॉडल है. इस वजह से कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन (EBITDA Margin) लगभग 35% से 40% के आसपास रहता है, जो इस इंडस्ट्री में बहुत कम कंपनियों के पास है.
कंपनी पर न के बराबर कर्ज है और इसके वित्तीय रिटर्न रेश्यो (ROE/ROCE) काफी मजबूत रहे हैं. बड़े फंड्स और विदेशी निवेशकों (FII/DII) का भी कंपनी पर भरोसा बना हुआ है. म्यूचुअल फंड्स और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने डिफेंस थीम के तहत डेटा पैटर्न्स में लगातार हिस्सेदारी बढ़ाई.
आगे के लिए निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
भारत के रक्षा आधुनिकीकरण और ड्रोन की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी का बिजनेस मॉडल काफी मजबूत नजर आता है. शॉर्ट टर्म सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि शेयर का भाव 5,000 के स्तर तक पहुंच गया है, जिससे शेयर का वैल्यूएशन (P/E Ratio) काफी ऊपर चला गया है.
(नोट: शेयर बाजार में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें)