scorecardresearch
 

बैंक अकाउंट से बिना बताए कट गए पैसे तो क्या करें? जानें रिफंड प्रॉसेस और RBI के नियम

Bank Fraud RBI Guidelines: बैंक खाते में जमा आपकी मेहनत की कमाई अगर बिना बताए निकल जाए, तो पूरा नुकसान आपको ही उठाना पड़ेगा, ऐसा नहीं है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनधिकृत बैंकिंग ट्रांजैक्शन के मामलों में ग्राहकों को सुरक्षा दी है. बैंक की गलती से फ्रॉड होने पर ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य होती है.

Advertisement
X
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनधिकृत बैंकिंग ट्रांजैक्शन के मामलों में ग्राहकों को सुरक्षा दी है. (Photo: ITG/@Gfx)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनधिकृत बैंकिंग ट्रांजैक्शन के मामलों में ग्राहकों को सुरक्षा दी है. (Photo: ITG/@Gfx)

डिजिटल बैंकिंग के दौर में ऑनलाइन फ्रॉड और खातों से अनधिकृत निकासी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. हाल ही में ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में ग्राहकों के बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से करोड़ों रुपये गायब होने का मामला सामने आया. इस घटना ने बैंक में जमा लोगों की रकम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. बैंक खाते में जमा आपकी मेहनत की कमाई अगर बिना आपकी जानकारी के निकल जाए, तो क्या बैंक इसकी भरपाई करेगा?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन के मामलों में ग्राहकों की जिम्मेदारी और रिफंड को लेकर नियम बनाए हैं. अगर आपके खाते से भी बिना अनुमति पैसे निकल जाएं, तो तुरंत कुछ कदम उठाकर आप अपना नुकसान कम कर सकते हैं.

खाते से पैसे कट जाएं तो सबसे पहले क्या करें?

अगर आपके बैंक खाते से कोई ऐसा ट्रांजैक्शन हुआ है, जिसे आपने नहीं किया है, तो सबसे पहले बैंक को इसकी जानकारी दें. इसके लिए बैंक के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर, मोबाइल ऐप, वेबसाइट या बैंक शाखा का इस्तेमाल कर सकते हैं.

आपको ये तीन काम तुरंत करने चाहिए:

1. बैंक में शिकायत करें: बैंक को अनधिकृत ट्रांजैक्शन की जानकारी देकर शिकायत दर्ज कराएं. जरूरत पड़ने पर खाते से ऑनलाइन डेबिट और कार्ड ट्रांजैक्शन को ब्लॉक करने के लिए कहें, ताकि आगे और पैसे न कटें.

Advertisement

2. शिकायत नंबर सुरक्षित रखें: बैंक से शिकायत का रेफरेंस नंबर जरूर लें. ट्रांजैक्शन का SMS, ईमेल, बैंक स्टेटमेंट और स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित रखें. आगे जांच और रिफंड के लिए ये दस्तावेज काम आएंगे.

3. साइबर हेल्पलाइन पर जानकारी दें: अगर मामला ऑनलाइन या डिजिटल पेमेंट फ्रॉड का है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें. इसके अलावा गृह मंत्रालय के साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है.

कब बैंक को लौटाने होंगे आपके पूरे पैसे?

RBI के नियमों के मुताबिक, अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शन में ग्राहक की जिम्मेदारी इस बात पर निर्भर करती है कि फ्रॉड कैसे हुआ और ग्राहक ने कितनी जल्दी बैंक को इसकी जानकारी दी.

1. बैंक की गलती से फ्रॉड हुआ तो जीरो जिम्मेदारी

अगर अनधिकृत ट्रांजैक्शन बैंक की लापरवाही, गलती या सिस्टम की कमी के कारण हुआ है, तो ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य होगी. ऐसे मामले में ग्राहक को यह साबित करने की जरूरत नहीं कि उसने कितनी जल्दी शिकायत की. नुकसान की जिम्मेदारी बैंक की होगी.

2. थर्ड पार्टी फ्रॉड में 3 दिन के भीतर शिकायत

अगर फ्रॉड में न बैंक की गलती है और न ग्राहक की, बल्कि किसी तीसरे पक्ष या सिस्टम में सेंधमारी के कारण पैसे निकले हैं, तो ग्राहक को बैंक से ट्रांजैक्शन की सूचना मिलने के 3 कार्यदिवस के भीतर शिकायत करनी चाहिए. ऐसा करने पर ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य होगी. यानी अनधिकृत ट्रांजैक्शन का पूरा नुकसान बैंक को उठाना होगा.

Advertisement

3. 4 से 7 दिन बाद शिकायत करने पर कितनी देनदारी?

अगर ग्राहक 4 से 7 कार्यदिवस के भीतर बैंक को फ्रॉड की जानकारी देता है, तो उसकी जिम्मेदारी सीमित रहेगी. यह सीमा खाते के प्रकार के हिसाब से तय होती है. ग्राहक को फ्रॉड की रकम या तय अधिकतम सीमा, दोनों में से जो कम होगा, उतना ही नुकसान उठाना पड़ सकता है. बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD) में अधिकतम देनदारी ₹5,000 और दूसरे सामान्य सेविंग्स अकाउंट में ₹10,000 है. कुछ करंट अकाउंट और दूसरे निर्धारित खातों में यह सीमा ₹25,000 तक हो सकती है.

4. OTP या PIN शेयर किया तो क्या होगा?

अगर ग्राहक ने खुद अपनी लापरवाही से OTP, PIN, पासवर्ड या दूसरी पेमेंट जानकारी किसी के साथ साझा की है और इसी वजह से फ्रॉड हुआ है, तो बैंक को शिकायत करने तक का पूरा नुकसान ग्राहक को उठाना पड़ सकता है. हालांकि, बैंक को शिकायत मिलने के बाद होने वाले किसी भी अतिरिक्त अनधिकृत नुकसान की जिम्मेदारी बैंक की होगी.

5. 7 दिन से ज्यादा देर होने पर क्या होगा?

अगर ग्राहक 7 कार्यदिवस के बाद बैंक को फ्रॉड की जानकारी देता है, तो उसकी जिम्मेदारी बैंक की बोर्ड से मंजूर पॉलिसी के मुताबिक तय होगी. इसलिए पैसे कटने की जानकारी मिलते ही शिकायत करना सबसे सुरक्षित तरीका है.

Advertisement

बैंक कितने दिन में लौटाएगा फ्रॉड के पैसे?

RBI ने जीरो और लिमिटेड लायबिलिटी यानी शून्य या सीमित जिम्मेदारी वाले मामलों में बैंक के लिए रिफंड की समयसीमा तय की है.

10 कार्यदिवस में प्रोविजनल क्रेडिट: बैंक को शिकायत मिलने के 10 कार्यदिवस के भीतर अनधिकृत ट्रांजैक्शन की रकम ग्राहक के खाते में अस्थायी रूप से वापस यानी प्रोविजनल क्रेडिट करनी होगी. इसमें बीमा क्लेम के निपटारे का इंतजार नहीं किया जा सकता. इस रकम की वैल्यू डेट उसी दिन की होगी, जिस दिन खाते से पैसा निकला था.

90 दिनों में अंतिम फैसला: बैंक को शिकायत की जांच पूरी करके ग्राहक की जिम्मेदारी तय करनी होगी. इसके लिए अधिकतम 90 दिन की समयसीमा है. अगर बैंक इस अवधि में शिकायत का समाधान नहीं कर पाता या ग्राहक की जिम्मेदारी तय नहीं कर पाता, तो उसे RBI के नियमों के मुताबिक ग्राहक को निर्धारित मुआवजा देना होगा.

ब्याज का नुकसान नहीं: बैंक को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सेविंग्स अकाउंट या डेबिट कार्ड से जुड़े मामले में ग्राहक को ब्याज का नुकसान न हो. क्रेडिट कार्ड के मामले में ग्राहक पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ नहीं पड़ना चाहिए.

बैंक शिकायत नहीं सुन रहा तो कहां करें शिकायत?

अगर आपने बैंक में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन बैंक आपकी समस्या का समाधान नहीं कर रहा है, तो आप RBI के कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) पोर्टल पर शिकायत कर सकते हैं. इसके लिए https://cms.rbi.org.in पर जाना होगा. RBI के इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन सिस्टम के तहत बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी पात्र शिकायतों का समाधान कराया जा सकता है. आमतौर पर पहले बैंक में शिकायत करना जरूरी है. अगर बैंक 30 दिनों में जवाब नहीं देता या उसका जवाब संतोषजनक नहीं है, तो RBI में शिकायत की जा सकती है.

Advertisement

बैंक ग्राहक इन बातों का रखें ध्यान

बैंक खाते से बिना अनुमति पैसे निकलने पर देरी करना भारी पड़ सकता है. इसलिए मोबाइल पर आने वाले बैंक अलर्ट को नजरअंदाज न करें. समय-समय पर बैंक स्टेटमेंट और FD की जानकारी भी चेक करते रहें. किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM PIN, UPI PIN या नेट बैंकिंग पासवर्ड साझा न करें. ध्यान रखें कि RBI के ये ग्राहक सुरक्षा नियम अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन के लिए हैं. बैंक कर्मचारियों की ओर से खाते या FD में की गई आंतरिक धोखाधड़ी के मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया अलग हो सकती है. इसलिए हर तरह के बैंक फ्रॉड में बिना जांच के रिफंड की गारंटी नहीं मानी जा सकती.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement