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यूटिलिटी

Post Office की धांसू स्कीम... बुढ़ापे में पैसों की नो टेंशन, हर महीने ₹20500 की कमाई

एक बार निवेश से मंथली कमाई पक्की
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अभी नौकरी है तो सेविंग शुरू कर दें, सही जगह किया गया निवेश रिटायरमेंट के बाद आपकी लाइफ बिना किसी फाइनेंशियल टेंशन के चलाने में मददगार होगा. आप चाहते हैं कि बुढ़पा मौज में कटे और रेग्युलर इनकम की ऐसी जुगाड़ हो जाए कि किसी पर आश्रित न रहना पड़े, तो फिर पोस्ट ऑफिस द्वारा संचालित सरकारी योजनाएं आपके काम आ सकती है. खासतौर पर पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (Post Office SCSS Scheme), जिसे खासतौर पर रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से मजबूत रहने के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें हर महीने 20,500 रुपये की कमाई पक्की की जा सकती है. आइए समझते हैं इसका पूरा गणित... (Photo: GettyImage)

सही जगह निवेश, फिर पैसों की टेंशन खत्म
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सही जगह निवेश, फिर पैसों की टेंशन खत्म
हर कोई अपनी कमाई में से कुछ न कुछ बचत करता है और उसे ऐसी जगह लगाने का प्लान करता है, जहां उसका पैसा सुरक्षित तो रहे ही, बल्कि उस पर रिटर्न भी जोरदार मिले. इस लिहाज से पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेविंग स्कीम्स खासी पॉपुलर हैं. इनमें सही तरीके से किया गया निवेश रिटायरमेंट के बाद की लाइफ को बिना पैसों की टेंशन के मौज में काटने में मददगार हो सकती है. (Photo: ITG)

Zero Risk, ब्याज है जोरदार 
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Zero Risk, ब्याज है जोरदार 
पोस्ट ऑफिस की स्कीम में निवेश को सबसे ज्यादा सुरक्षित निवेश माना जाता है और ये Zero Risk Saving Scheme इसलिए हैं क्योंकि इनमें किए गए छोटे से छोटे और बड़े से बड़े निवेश पर सुरक्षा की गारंटी खुद सरकार देती है. यानी जितना चाहे पैसा लगाएं और उतना ज्यादा मुनाफा कमाएं, निवेश डूबने का कोई खतरा ही नहीं. इसमें निवेश पर सरकार की ओर से ब्याज भी जोरदार दिया जा रहा है, जो सालाना 8.2% है. अकाउंट ओपन होने के समय जो ब्याज दर होती है, उसी के आधार पर निवेशक की रेग्युलर कमाई पक्की कर दी जाती है. फिर भले ही सरकार तिमाही आधार पर किए जाने वाले संशोधन के तहत आगे चलकर ब्याज दरें क्यों न बदल दे. (Photo: ITG)

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रेग्युलर इनकम कराने वाली स्कीम
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रेग्युलर इनकम कराने वाली स्कीम
Post Office SCSS Scheme की खास बात ये है कि इसमें सिर्फ एक बार पैसे लगाकर रिटायरमेंट के बाद रेग्युलर इनकम (Reguler Income) शुरू हो जाती है. यानी ये एक वन टाइम इन्वेस्टमेंट स्कीम है. जैसा कि बताया कि इस सरकारी स्कीम को खासतौर पर रिटायरमेंट के बाद की लाइफ के लिए डिजाइन किया गया है, तो इसकी इसमें निवेश के लिए ऐज लिमिट भी इसी प्रकार तय की गई है. 60 साल या इससे अधिक का व्यक्ति इसमें निवेश कर सकता है. कुछ मामलों में छूट दिए जाने का भी प्रावधान है. VRS लेने वाले व्यक्ति की उम्र खाता खुलवाते समय 55 साल से अधिक और 60 साल से कम हो सकती है, वहीं डिफेंस से रिटायर हुए कर्मचारी 50 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र में निवेश कर सकते हैं. (Photo: ITG)

एकमुश्त अधिकतम इतना निवेश 
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एकमुश्त अधिकतम इतना निवेश 
पोस्ट ऑफिस द्वारा चलाई जा रही इस सरकारी स्कीम (Govt Scheme) में सिर्फ 1000 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है. रेगुलर इनकम, सुरक्षित निवेश के लिहाज से ही नहीं, बल्कि पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम टैक्स छूट (Tax Benefits) का लाभ भी देती है. POSCSS में निवेश करने वाले व्यक्ति को इसमें आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की सालाना टैक्स छूट दी जाती है. इस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में अधिकतम निवेश की सीमा 30 लाख रुपये तय की गई है. पति/पत्नी के साथ जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है. (Photo: ITG)

इतनी है मैच्योरिटी, ये नियम भी जान लें
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इतनी है मैच्योरिटी, ये नियम भी जान लें
Post Office Senior Citizen Scheme में निवेश के लिए मैच्योरिटी पीरियड पांच साल का है, इसका मतलब है कि आपको इस स्कीम का पूरा लाभ लेने के लिए 5 साल तक निवेश करना होगा. वहीं अगर इस अकाउंट को इस अवधि से पहले बंद किया जाता है, तो नियमों के मुताबिक खाताधारक को पेनल्टी देनी होती है. इस सरकारी योजना में निवेश पर ब्याज राशि का पेमेंट हर तीन महीने में किए जाने का प्रावधान है. मैच्योरिटी पीरियड पूरा होने से पहले खाताधारक की मृत्यु होने पर अकाउंट क्लोज कर दिया जाता है और सारी रकम दस्तावेजों में दर्ज नॉमिनी को सौंप दी जाती है. (Photo: Reuters)

मंथली 20500 रुपये की कमाई का गणित
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मंथली 20500 रुपये की कमाई का गणित
पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश की लिमिट की बात करें, तो इसमें सिंगल अकाउंट से 15 लाख एकमुश्‍त और जॉइंट अकाउंट से 30 लाख रुपये अधिकतम निवेश किया जा सकता है. अगर किसी व्यक्ति ने 30 लाख रुपये Post Office SCSS में ज्‍वाइंट अकाउंट के तहत निवेश किया, तो तिमाही आधार पर उसे सिर्फ ब्‍याज से 61500 रुपये मिलेंगे और यह पूरे 5 साल तक मिलता रहेगा. पांच साल बाद आप 30 लाख मूल राशि भी निकाल सकते हैं या फिर 3 साल के लिए और बढ़ा सकते हैं. इसे मंथली बेसिस के आधार पर कैलकुलेट करें, तो...

  • सालाना ब्याज से कमाई: ₹30,00,000 का 8.2% = ₹2,46,000
  • तिमाही ब्याज से कमाई: ₹2,46,000/4 = ₹61,500
  • मंथली ब्याज से कमाई: ₹2,46,000/3 = ₹20,500
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