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यूटिलिटी

EPFO Alert: आप न हो जाएं ठगी के शिकार... PF खाते को लेकर गांठ बांध लें ये बातें

PF खाते की सुरक्षा को लेकर रहें सकर्त
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ (EPFO) लगातार अपने मेंबर्स को अलर्ट भेजता रहता है और खासतौर पर फर्जी लिंक, फर्जी फोन कॉल से बचकर रहने की सलाह देता है. थोड़ी सी लापरवाही, पीएफ खाते में जमा आपकी गाढ़ी कमाई में सेंध लगा सकती है और आप ठगी के शिकार हो सकते हैं. जहां पीएफ क्लेम सेटलमेंट से लेकर पीएफ विद्ड्रॉल तक तमाम ईपीएफओ सर्विसेज डिजिटल हो गई हैं, तो साइबर अपराधी भी इन खातों में जमा रकम को निशाना बना सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे आप अपने PF Account को सुरक्षित रख सकते हैं? (Photo: ITG)

EPFO करता रहता है अलर्ट 
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EPFO करता रहता है अलर्ट 
ईपीएफओ लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब एक्स) या फिर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज के जरिए अपने मेंबर्स को सतर्क करता रहता है कि अपने पीएफ खाते को कैसे सुरक्षित रखें. EPFO के मुताबिक, पीएफ से जुड़े किसी भी लिंक को क्लिक करने से पहले एक बार सोचें और उसकी जांच जरूर करें. ऑनलाइन सतर्क रहने की अपील करते हुए अन्य सावधानियां बरतने के लिए भी ईपीएफओ अपडेट देता रहता है. (Photo: ITG)

EPFO बिल्कुल नहीं करता ये काम 
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EPFO बिल्कुल नहीं करता ये काम 
यहां इस बात पर फोकस किया जाना जरूरी है कि आखिर क्यों EPFO लगातार अपने मेंबर्स को फर्जी कॉल या फिर यूआरएल के लिए सतर्क करता नजर आता है. ऐसा इसलिए क्योंकि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कभी भी अपने सदस्यों को फोन कॉल, व्हाट्सऐप, एसएमएस, सोशल मीडिया या फिर ईमेल के जरिए पर्सनल डिटेल, ओटीपी या फिर लॉगिन की जानकारी नहीं मांगता है. यानी अगर आपके साथ इनमें से कुछ भी होता है, तो वो सीधा फर्जीवाड़ा ही होगा. (Photo:ITG)

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ठग कैसे बनाते हैं निशाना? 
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ठग कैसे बनाते हैं निशाना? 
अब सबसे बड़ी बात ये कि आखिर कैसे साइबर अपराधी EPFO खातों को निशाना बनाते हैं और ठगी को अंजाम देते हैं. तो इसके लिए वे UAN और अकाउंट से जुड़ी जानकारी चुराने के बाद फर्जी KYC अपडेट या PF क्लेम से जुड़े मैसेज या फोन कॉल कर सकते हैं और मेंबर से उसकी बैंक डिटेल या फिर ओटीपी मांग सकते हैं. ऐसे अपराधी ईपीएफओ अधिकारी बनकर कॉल करके मेंबर्स को झांसे में ले सकते हैं. उन्हें PF खाता बंद होने और क्लेम रुकने के लिए डरा सकते हैं और डर का फायदा उठाकर जरूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं. यही नहीं ऐसे ठगी करने वाले मोबाइल नंबर या ईमेल पर फर्जी लिंक के साथ मैसेज कर सकते हैं और इनपर क्लिक करते हुए अकाउंस साफ कर सकते हैं. (Photo: ITG)

EPFO का क्या है कहना? 
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EPFO का क्या है कहना? 
इन सब धोखाधड़ी के तरीकों को लेकर ही ईपीएफओ अपने मेंबर्स को अलर्ट करता आ रहा है कि किसी भी SMS, ईमेल या फिर सोशल मीडिया के माध्यम से आने वाले अप्रमाणित लिंक पर क्लिक न करें. EPFO के मुताबिक, किसी भी अप्रमाणित वेबसाइट पर अपनी UAN, PPO, आधार कार्ड-पैन कार्ड डिटेल या ओटीपी बिल्कुल भी शेयर न करें. सबसे खास सावधानी इस बात की बरतें, कि इस तरह का लिंक आने पर क्लिक करने से पहले उसका URL जरूर चेक करें, कोई भी छोटी की स्पेलिंग चेंज पर विशेष ध्यान दें. अगर कोई भी यूआरएल में कोई भी चेंज नजर आता है, तो फिर इसकी जानकारी ईपीएफओ हेल्पडेस्क (EPFO Help Desk) को दें. (Photo: ITG)

EPFO की असली वेबसाइट पहचानें
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EPFO की असली वेबसाइट पहचानें
पीएफ से जुड़े फर्जी लिंक से दूर रहकर या फिर फर्जी फोन कॉल के झांसे में न आकर आप अपने खाते में मौजूद रकम को सुरक्षित रख सकते हैं. इसके साथ ही ये जान लेना जरूरी है कि EPFO की आधिकारिक वेबसाइट और पोर्टल आखिर कौन से हैं और इनपर ही अपनी सर्च करें या फिर पीएफ क्लेम जैसे काम करें. ईपीएफओ द्वारा शेयर की गईं असली वेबसाइट (https://www.epfindia.gov.in, https://www.epfo.gov.in, 
https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/) हैं. (Photo: ITG)

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