भारतीय रिजर्व बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट के नियमों को बदलने जा रहा है, जिसकी जगह पर नए फिक्स्ड डिपॉजिट के नियम लागू किए हैं. यह बदलाव FD Interest Rates को लेकर किया जाएगा. साथ ही कुछ अन्य प्रावधान जोड़े गए हैं. अपडेट किए गए फिक्स्ड डिपॉजिट नियम 1 अक्टूबर, 2020 से प्रभावी होंगे.
इन बदले हुए गाइडलाइन के साथ RBI का उद्देश्य बैंकों को ब्याज दरें तय करने में ज्यादा लचीलापन देना है. साथ ही फिक्स्ड बल्क डिपॉजिट (थोक जमा) के लिए नए नियम लागू करना है. थोक जमा का मतलब है कि 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की FD. आइए जानते हैं क्या नियम बदल रहा है...
ब्याज पर हर दिन अपडेट
बैंकों को ब्याज दर की जानकारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक अपडेट करनी होगी. 1 अक्टूबर, 2026 से बैंकों को अपनी वेबसाइट पर जमा राशि, जिसमें थोक जमा भी शामिल हैं, पर देय ब्याज दरें दिखानी होंगी.
थोक जमा पर देय ब्याज दरें हर कार्य दिवस को सुबह 10:00 बजे बैंक की वेबसाइट पर अपडेट की जाएंगी, जिसमें 10 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, और यह घोषणा अधिकतम 10:10 बजे तक की जानी अनिवार्य है.
सभी ब्रांचेज में एक समान दरें
बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे एक ही तारीख को स्वीकार की गई डिपॉजिट रकम पर एक समान ब्याज दर प्रदान करें. RBI ने कहा कि किसी भी ब्रांच में एक ही तारीख को स्वीकार की गई समान अमाउंट की जमा राशियों पर दिए जाने वाले ब्याज के मामले में कोई भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए.
बल्क डिपॉजिट पर डिफरेंशिय ब्याज
बैंकों को एलसीआर ढांचे के तहत जमा या असुरक्षित थोक जमा पर लागू डिफरेंशियल रन-ऑफ रेट्स को ध्यान में रखते हुए थोक जमा पर डिफरेंशियल इंटरेस्ट रेट्स देने की स्वतंत्रता होगी.
क्या इन नियमों का असर समान्य FD निवेशक पर पड़ेगा?
ये नियम बड़ी जमा राशि (3 करोड़ रुपये और उससे अधिक) से संबंधित हैं, इसलिए सावधि जमा निवेशकों पर इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है. हालांकि, ये दिशानिर्देश बैंकों में अधिक पारदर्शिता और एकरूपता लाएंगे.