अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित फ्रेमोंट हिंदू मंदिर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों का आरोप है कि यहां देर रात तक तेज संगीत, शोर-शराबे और चमकती रोशनी के कारण उनकी नींद प्रभावित हो रही है.
पड़ोसियों ने मंदिर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को लेकर 25 से अधिक बार शोर की शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें मंदिर में धार्मिक आयोजन होने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कार्यक्रमों के दौरान आसपास रहने वाले लोगों की सुविधा और नियमों का ध्यान रखा जाना चाहिए.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद फ्रेमोंट हिंदू मंदिर से जुड़ा है, जिसे वैदिक धर्म समाज के नाम से भी जाना जाता है. यहां आयोजित होने वाले बड़े धार्मिक कार्यक्रमों में सैकड़ों और हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इन कार्यक्रमों में तेज आवाज में संगीत बजाया जाता है, लोग देर रात तक शोर मचाते हैं और तेज रोशनी का इस्तेमाल होता है, इससे आसपास रहने वाले परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है.
रात 9 बजे के बाद भी जारी रहता है शोर
एनबीसी बे एरिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक पड़ोसी ने मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का वीडियो साझा किया था. इसमें रात 9 बजे के बाद भी तेज रोशनी और शोर सुनाई देने का दावा किया गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्यक्रम विशेष अनुमति के बिना आयोजित किया गया था. हालांकि, हाल ही में हुए एक अन्य कार्यक्रम के लिए मंदिर ने विशेष आयोजन की अनुमति ली थी, लेकिन निवासियों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद रात 9 बजे की निर्धारित समय सीमा के बाद भी लाउडस्पीकर से आवाज आती रही.
एक स्थानीय निवासी ने एनबीसी बे एरिया को बताया कि इन कार्यक्रमों के कारण लोगों की नींद प्रभावित हो रही है. सुबह समय पर उठने में परेशानी होती है, क्योंकि कई बार देर रात तक कार्यक्रम चलते रहते हैं, उन्होंने कहा कि हाल के एक आयोजन में रात करीब 9:30 बजे भी सैकड़ों लोग मौजूद थे और शोर जारी था.
एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि जब वे इस इलाके में रहने आए थे, तभी पहले सप्ताह में उन्हें ऐसा माहौल देखने को मिला, जैसे उनके पड़ोस में कोई बड़ा संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हो.
शहर प्रशासन कर रहा शिकायतों की जांच
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद फ्रेमोंट शहर के अधिकारियों ने जुलाई में स्थानीय निवासियों और मंदिर के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी. प्रशासन का कहना है कि उसे हाल के कार्यक्रम को लेकर भी शिकायतें मिली हैं और उनकी जांच की जा रही है.
शहर प्रशासन ने एनबीसी बे एरिया को बताया कि अधिकारी मंदिर प्रबंधन और आसपास रहने वाले लोगों के साथ संपर्क बनाए रखेंगे. साथ ही, भविष्य में होने वाले अनुमति प्राप्त कार्यक्रमों की निगरानी की जाएगी और जरूरत के अनुसार उनमें बदलाव किया जाएगा, ताकि शिकायतों का समाधान निकाला जा सके.
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या सीमित करने की मांग भी की है. उनका कहना है कि मंदिर में आयोजित कार्यक्रमों के लिए अधिक उपयुक्त स्थान और जरूरी अनुमतियों की व्यवस्था होनी चाहिए. एक निवासी के मुताबिक, यहां आने वाले लोगों की संख्या हजारों से लेकर दसियों हजार तक पहुंच जाती है. ऐसे बड़े आयोजनों के लिए उचित अनुमति और व्यवस्था जरूरी है.
1985 से भारतीय समुदाय की आस्था का केंद्र है मंदिर
फ्रेमोंट हिंदू मंदिर की वेबसाइट के मुताबिक, यह मंदिर 1985 से बे एरिया में हिंदू समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है. इसका इतिहास 1970 के दशक की शुरुआत से जुड़ा है. उस समय भारत से बड़ी संख्या में इंजीनियर, डॉक्टर और उनके परिवार कैलिफोर्निया के बे एरिया में बसने लगे थे. भारतीय समुदाय के लोग अपने घरों में ही धार्मिक गतिविधियां और पूजा-पाठ करते थे.
धीरे-धीरे समुदाय का विस्तार हुआ और स्थायी पूजा स्थल की जरूरत महसूस होने लगी, इसके बाद 1982 में समुदाय के सदस्यों ने एक इमारत खरीदी, जहां धार्मिक अनुष्ठान और सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने लगे. मंदिर का उद्देश्य हिंदू समुदाय को पूजा, ध्यान और धार्मिक समारोहों के लिए एक स्थान उपलब्ध कराना है.