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दिल्ली में पानी-सीवर कनेक्शन लेना होगा आसान, जानें 2026 के नए नियम

दिल्ली में घर के लिए नया पानी या सीवर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया अब आसान हो सकती है. दिल्ली जल बोर्ड ने कनेक्शन से जुड़े नए नियमों को मंजूरी दी है, जिसके तहत अलग-अलग आवासीय इकाइयों को अलग पानी कनेक्शन देने का रास्ता आसान होगा.

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दिल्ली में पानी कनेक्शन के लिए नहीं होगी 6 की सीमा (Photo-ITG)
दिल्ली में पानी कनेक्शन के लिए नहीं होगी 6 की सीमा (Photo-ITG)

दिल्ली में नया पानी और सीवर कनेक्शन लेना अब पहले के मुकाबले आसान और तेज हो सकता है. दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने 2026 के नए जल और सीवर कनेक्शन नियमों को मंजूरी दे दी है. नए नियमों में व्यक्तिगत पानी कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल बनाने, दस्तावेजों की जरूरत कम करने और कनेक्शन देने की प्रक्रिया को तेज बनाने पर जोर दिया गया है.

नए नियमों में व्यक्तिगत पानी कनेक्शन को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है. अब किसी इमारत की मंजिलों की संख्या या ऊंचाई के आधार पर व्यक्तिगत पानी कनेक्शन लेने पर रोक नहीं होगी. अगर कनेक्शन देना तकनीकी रूप से संभव है, तो प्रत्येक आवासीय इकाई को अलग पानी कनेक्शन दिया जा सकेगा.

इस बदलाव से बहुमंजिला इमारतों, अपार्टमेंट और ऐसी संपत्तियों में रहने वाले लोगों को फायदा हो सकता है, जहां एक ही संपत्ति में अलग-अलग परिवारों के लिए अलग पानी कनेक्शन लेने में परेशानी आती थी.

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6 कनेक्शन की पुरानी सीमा खत्म

दिल्ली जल बोर्ड के 2012 के नियमों में एक संपत्ति के लिए अधिकतम 6 व्यक्तिगत पानी कनेक्शन की सीमा थी. नए नियमों में इस सीमा को हटाने का प्रावधान किया गया है. अब कनेक्शन की संख्या किसी तय सीमा के बजाय संबंधित संपत्ति में मौजूद अलग-अलग आवासीय इकाइयों और कनेक्शन की तकनीकी रूप से संभव के आधार पर तय की जाएगी.

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यानी जहां अलग-अलग आवासीय इकाइयों को स्वतंत्र पानी कनेक्शन देना तकनीकी रूप से संभव होगा, वहां 6 कनेक्शन की पुरानी सीमा बाधा नहीं बनेगी. इससे एक ही संपत्ति में रहने वाले अलग-अलग परिवारों या स्वतंत्र यूनिट के लिए अलग कनेक्शन लेना आसान हो सकता है.

कनेक्शन के लिए तीन दस्तावेज 

नए नियमों में आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है. नए पानी या सीवर कनेक्शन के लिए दस्तावेजों की संख्या घटाकर तीन किए जाने का प्रावधान है. इसके अलावा आधार कार्ड या पैन कार्ड को पहचान दस्तावेज के तौर पर स्वीकार करने का प्रावधान किया गया है. इससे आवेदकों को पहचान और आवेदन से जुड़े कई अलग-अलग दस्तावेज जुटाने की परेशानी कम होगी. दस्तावेजों की संख्या घटने से आवेदन प्रक्रिया भी पहले के मुकाबले सरल होने की उम्मीद है.

कनेक्शन देने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है. नए नियमों के तहत आवेदन की शुरुआती जांच के बाद पहले मंजूरी दी जाएगी और उसके बाद जगह का निरीक्षण किया जाएगा. इसका उद्देश्य आवेदन की प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना और कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है.

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पानी और सीवर शुल्क में बदलाव नहीं

नए नियमों में प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया है. फिलहाल मौजूदा पानी के शुल्क, कनेक्शन शुल्क और आवेदन शुल्क में बदलाव नहीं किया गया है. यानी नियमों में बदलाव का मुख्य फोकस उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालना नहीं, बल्कि पानी और सीवर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को सरल बनाना है.

नए नियमों में पानी बचाने और इस्तेमाल किए गए पानी को दोबारा काम में लाने पर भी जोर दिया गया है. घर या इमारत में बारिश के पानी को जमा करने और इस्तेमाल किए गए पानी को दोबारा उपयोग करने की व्यवस्था करने वालों को शुल्क में छूट मिल सकती है. इसका उद्देश्य बारिश के पानी को संरक्षित करने, भूजल स्तर बढ़ाने और इस्तेमाल किए गए पानी के दोबारा उपयोग को बढ़ावा देना है. दिल्ली जैसे शहर में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए इन व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करने से पानी की खपत कम करने में मदद मिल सकती है.

नए नियम लागू होने के बाद दिल्ली में पानी और सीवर कनेक्शन लेने वाले लोगों के लिए प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान होने की उम्मीद है.

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