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कच्चे तेल समेत ये 3 फैक्टर, जिनसे तय होगी शेयर मार्केट की चाल, निवेशकों की नजर

Stock Market में अगले सप्ताह तेजी का सिलसिला जारी रहेगा या फिर मचेगी उथल-पुथल, इसे लेकर एक्सपर्ट का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों और दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजे समेत कई कारण बाजार की चाल पर असर डालते हुए नजर आएंगे.

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शेयर बाजार में बीते सप्ताह दिखी थी तेजी. (File Photo: ITG)
शेयर बाजार में बीते सप्ताह दिखी थी तेजी. (File Photo: ITG)

शेयर बाजार (Stock Market) के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी बीते सप्ताह बढ़त में रहे. इस बीच सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से छह ने धुआंधार कमाई भी की. अब अगले हफ्ते की बात करें, तो शेयर मार्केट की चाल पर कई फैक्टर असर डालेंगे यानी ये बाजार की चाल तय करने वाले साबित होंगे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगले हफ्ते शेयर बाजार की चाल पर सबसे ज्यादा तीन फैक्टर्स का असर देखने को मिल सकता है. इनमें कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव से ग्लोबल मार्केट्स का सेंटीमेंट और दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजे शामिल हैं. 

पहला फैक्टर: देश की सबसे बड़ी IT कंपनी के नतीजे
अगले हफ्ते देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनीय यानी टाटा ग्रुप की टीसीएस अपने तिमाही नतीजों (TCS Results) का ऐलान करेगी. Tata Group की इस कंपनी के नतीजों पर निवेशकों की बारीक नजर रहेगी और नतीजों का सीधा असर शेयर मार्केट में कारोबार के दौरान न सिर्फ कंपनी के शेयर पर देखने को मिलेगा, बल्कि बाजार पर भी दिखेगा. बीते कुछ दिनों में आईटी स्टॉक्स में जमकर गिरावट देखने को मिली थी, हालांकि अब ये ट्रैक पर आते भी दिखाई दिए हैं.  

दूसरा फैक्टर: कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price) में होने वाला कोई भी बदलाव आमतौर पर शेयर बाजारों पर असर डालता दिखता है. मिडिल ईस्ट में टेंशन कम होने से तेल की कीमतें तेजी से फिसली हैं.

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अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत (US-Iran Talk) का सिलसिला जारी है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि तेल की कीमतों में आने वाला कोई भी बदलाव शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाल सकता है. फिलहाल ब्रेंट क्रूड की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रही है. 

तीसरा फैक्टर: मानसून की चाल 
मिडिल ईस्ट युद्ध खत्म हो गया है, लेकिन बाजार के लिए अब मानसून अहम रोल निभाता नजर आ रहा है. पीटीआई की रिपोर्ट में स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर ने बताया है कि साउथ-वेस्ट मॉनसून की स्थिति बाजार पर प्रभाव दिखा सकती है. ये खरीफ फसलों की बुआई डिमांड, महंगाई के लिए बड़े संकेतक के रूप में सामने है.

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि इस सप्ताह बाजार की चाल पर अमेरिकी फेड की FOMC की बैठक के अपडेट और विदेशी निवेशकों का रुख भी असर डालते दिखेंगे. 

(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)

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