अमेरिका और ईरान में जंग (US-Iran War) तेज हो गई है और मिडिल ईस्ट युद्ध की आग में खाड़ी देशों भी जल रहे हैं. दुनिया की तेल जरूरत को पूरा करने में अहम रोल निभाने वाला होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) जंग का अखाड़ा बना हुआ है और इसका साइड इफेक्ट दुनियाभर के बाजारों के साथ ही भारत पर भी साफ तौर पर नजर आ रहा है. दूसरी ओर तेल ने शेयर बाजार का खेल बिगाड़ कर रखा हुआ है.
मंगलवार को शेयर बाजार में कारोबार ओपन होने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी एक बार फिर धड़ाम नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex ओपनिंग के साथ ही 500 अंक से ज्यादा टूट गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी 150 अंक से अधिक फिसलकर कारोबार करता नजर आया.
सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही धड़ाम
शेयर मार्केट में मंगलवार को ट्रेडिंग की शुरुआत होने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स रेड जोन में खुले. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,616 की तुलना में गिरावट लेकर 77,272 पर ओपन हुआ और इसमें गिरावट की रफ्तार तेज हो गई और ये इंडेक्स 77,063 के लेवल पर कारोबार करने लगा.
एनएसई का निफ्टी-50 भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता हुआ नजर आया और ये अपने सोमवार के बंद 24,211 की तुलना में फिसलकर खुलने के बाद 24,050 के लेवल पर आ गया.
1363 शेयर लाल निशान पर
विदेशी बाजारों से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रही. शुरुआती कारोबार में करीब 908 कंपनियों के शेयरों में बढ़त के साथ स्टार्ट किया, तो वहीं 1363 कंपनियों के स्टॉक ऐसे थे, जो अपने पिछले बंद की तुलना में गिरावट लेकर लाल निशान पर खुले. इसके अला 165 शेयरों की स्थिति में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला.
सबसे ज्यादा बिखरे ये शेयर
सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार में गिरावट के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल IndiGo Share (2.60%), Bajaj Finance Share (2.30%), HCL Tech Share (2.15%), M&M (2%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे.
मिडकैप में शामिल शेयरों पर नजर डालें, तो यहां पर Ashok Leyland Share (3%), TI India Share (2.40%), Muthoot Finance Share (2.30%), HP Share (2%) की गिरावट में दिखे, तो वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में PNB Housing Share (3.50%) और Apollo Tyre Share (2.80%) की गिरावट में थे.
होर्मुज जंग और कच्चे तेल का डर
शेयर बाजार में गिरावट के कारणों की बात करें, तो ये सीधा मिडिल ईस्ट जंग से जुड़ा हुआ है. दरअसल, अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में हमलों का सिलसिला जारी है. तेल के जहाजों पर मिसाइल अटैक की खबरें आ रही हैं. दुनिया की तेल जरूरत के 20 फीसदी हिस्से की आपूर्ति के लिए अहम इस समुद्री रूट में रुकावट का साइड इफेक्ट शेयर मार्केट निवेशकों के सेंटीमेंट पर दिखा है.
दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतें फिर से दुनिया को डरा रही हैं. होर्मुज में टेंशन बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल प्राइस उछल गया है. मंगलवार को खबर लिखे जाने तक Brent Crude Price 84.44 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा WTI Crude-Murban Crude भी 80 डॉलर पर पहुंच गया था.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)