सरकार ने UPI पर चार्ज लागू करने का ऐलान कर दिया. 2000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर 0.40 फीसदी का चार्ज यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) देना होगा, लेकिन यह सभी व्यापारियों पर लागू नहीं किया जाएगा. चुनिंदा व्यापारियों पर ही लागू होगा.
यह नया फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर 2026 से लागू हो रहा है. सरकार ने MDR चार्ज को लेकर पूरी जानकारी शेयर की है. अगर आपके भी मन में UPI एमडीआर चार्ज को लेकर कोई कंफ्यूजन है तो यहां आपके हर एक सवाल का जवाब दिया गया है. आइए जानते हैं किसे, कितना और कब-कब ये चार्ज देना होगा...
सवाल 1 : क्या ग्राहकों को देना होगा ये चार्ज?
जवाब: नहीं, सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, यह चार्ज सिर्फ पर्सन टू मर्चेंट (P2M) है. ग्राहक अगर 2000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट करता है तो उसे कोई चार्ज नहीं देना होगा. सिर्फ कुछ चुनिंदा व्यापारियों पर ही ये चार्ज लागू होगा.
सवाल 2 : कितना चार्ज देना होगा?
जवाब: अगर कोई व्यापारी 2000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट प्राप्त करता है तो उसे 0.4 फीसदी या अधिकमत 300 रुपये का एमडीआर चार्ज देना होगा. 300 रुपये से ज्यादा एमडीआर किसी से भी नहीं वसूला जाएगा.
सवाल 3 : किन व्यापारियों को होगी छूट?
जवाब: छोटे व्यापारियों को MDR चार्ज से दूर रखा गया है. इन्हें 2000 रुपये से कम या ज्यादा किसी भी तरह का पेमेंट प्राप्त करने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा.
सवाल 4 : कैसे तय होगा कि आप छोटे व्यापारी हैं?
जवाब: सरकार की गाइडलाइन के तहत कहा गया है कि पर्सन टू पर्सन मर्चेंट (P2PM), दुकानदार और छोटे व्यापारी को कहा जाता है. सरकार ने कहा है कि अगर ये व्यापारी QR कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपये का पेमेंट हासिल करते हैं तो इन्हें MDR नहीं देना होगा.
सवाल 5 : क्या 2000 रुपये से कम के पेमेंट पर भी बड़े व्यापारियों को MDR देना होगा?
जवाब: नहीं, गाइडलाइन में कहा गया है कि 2000 रुपये से कम के पेमेंट पर कोई MDR चार्ज लागू नहीं किया गया है. चाहे कोई बड़ा व्यापारी हो या छोटा व्यापारी किसी को भी 2000 रुपये से कम के भुगतान करने या प्राप्त करने पर चार्ज नहीं देना होगा.
सवाल 6 : कितने प्रतिशत व्यापारियों पर होगा असर?
जवाब: सरकार ने बताया कि 2000 रुपये से ज्यादा पेमेंट प्राप्त करने वाले बड़े व्यापारियों की संख्या, कुल यूपीआई पेमेंट का सिर्फ 5 फीसदी है. 95 फीसदी छोटे व्यापारी हैं, जिनपर ये चार्ज लागू नहीं होगा.
सवाल 7 : सब्जी बेचने वालों, चाय की दुकानों और छोटे व्यापारियों पर इस फैसले का क्या प्रभाव पड़ेगा?
जवाब: छोटे व्यापारियों पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा. P2PM व्यवस्था के तहत जिन छोटे दुकानदारों की QR कोड से मंथली कमाई ₹1 लाख तक है, उनके लिए ₹2,000 से अधिक के पेमेंट्स पर भी MDR पूरी तरह शून्य रहेगा.
सवाल 8 : क्या दुकानदार MDR चार्ज का बोझ ग्राहकों से वसूल सकते हैं?
जवाब: जी नहीं, यह पूरी तरह से गैर-कानूनी होगा. सरकार और बैंकों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मर्चेंट इस चार्ज को ग्राहकों से नहीं वसूल सकते है. इसके अलावा Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे पेमेंट ऐप्स भी यूजर्स पर कोई 'प्लेटफॉर्म फीस' नहीं लगा सकते हैं.
सवाल 9 : सरकार को यह नया MDR मॉडल क्यों लाना पड़ा?
जवाब: UPI नेटवर्क को सुरक्षित रखने, सर्वर की क्षमता बढ़ाने और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए बैंकों व फिनटेक कंपनियों को भारी खर्च उठाना पड़ता है. नए मॉडल से इस इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक मजबूती मिलेगी. साथ ही MDR का 5% हिस्सा एक विशेष फंड में जाएगा, जिससे ग्रामीण और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार किया जाएगा.
सवाल 10 : छोटे व्यापारी के पास अचानक आया 1 लाख रुपये का पेमेंट तो क्या चार्ज लगेगा?
जवाब: सरकार ने उन व्यापारियों को MDR से छूट दी है, जो मंथली 1 लाख रुपये से कम का भुगतान प्राप्त करते हैं. ऐसे में अगर उनके पास अचानक से 1 लाख रुपये का पेमेंट आ गया तो उन्हें, उस महीने MDR देना पड़ सकता है. लेकिन अगर 2000 रुपये से कम पेमेंट करके कुल महीने का डिजिटल पेमेंट 1000 रुपये से ज्यादा आता है तो उन्हें कोई MDR नहीं देना होगा.
सवाल 11 : बीमा, रिर्चाज, रेलवे और फ्यूल जैसी कंपनियों के लिए MDR चार्ज अलग रखा गया है. कितना देना होगा?
जवाब: सरकार ने अपने गाइडलाइन में कहा है कि कुछ सेक्टर के व्यापारियों को 2000 रुपये से ज्यादा का पेमेंट प्राप्त करने पर अधिकतम 5 रुपये ही देना होगा. इसमें टेलीकॉम सेक्टर (2000 से ज्यादा का रिचार्ज), बीमा (2000 रुपये से ज्यादा प्रीमियम जमा), रेलवे टिकट और पेट्रोल-डीजल पर 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर अधिकतम 5 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन चार्ज वसूला जाएगा.
सवाल 12 : क्या क्रेडिट, डेबिट कार्ड या वॉलेट से ज्यादा होगा ये चार्ज?
जवाब: सरकार का कहना है कि UPI लागू किया जाने वाला MDR चार्ज क्रेडिट, डेबिट कार्ड या वॉलेट से कम होगा ना कि ज्यादा.