जुपिटर वैगन्स लिमिटेड (Jupiter Wagons Ltd) ने मंगलवार को कहा कि उसने इटली की लुचिनी आरएस होल्डिंग एसपीए (Lucchini RS Holding S.p.A.) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है. इसका मकसद एक इंटीग्रेटेड रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म तैयार करना है. कंपनी के बयान के मुताबिक, इस समझौते के तहत लुचिनी आरएस, जुपिटर टाट्रावागोंका रेलव्हील फैक्ट्री प्राइवेट लिमिटेड में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी.
वहीं इटली सरकार के समर्थन वाली वित्तीय संस्था सिमेस्ट एसपीए (Simest S.p.A) 10 प्रतिशत हिस्सेदारी लेगी. दोनों की कुल 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की कीमत करीब 28 मिलियन यूरो, यानी करीब 307 करोड़ रुपये बताई गई है. कंपनी ने कहा कि इस साझेदारी का लक्ष्य रेलवे व्हील, एक्सल और व्हीलसेट का निर्माण करना है. इसमें कच्चे माल की प्रोसेसिंग से लेकर तैयार प्रोडक्ट तक पूरी वैल्यू चेन को शामिल किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: भारतीय रेलवे छात्रों को देता है ये 5 बड़े फायदे, क्या आप हैं इसके हकदार?
बयान में कहा गया कि जुपिटर टाट्रावागोंका रेलव्हील फैक्ट्री प्राइवेट लिमिटेड की छत्रपति संभाजीनगर स्थित मौजूदा फैसिलिटी को ओडिशा में बन रहे ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स के साथ जोड़ा जाएगा. इस कॉम्प्लेक्स में फोर्जिंग, मेटलर्जी और व्हील मैन्युफैक्चरिंग की सुविधाएं होंगी. जुपिटर वैगन्स के एमडी विवेक लोहिया ने कहा कि यह साझेदारी भारत में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी रेलव्हील मैन्युफैक्चरिंग ढांचा बनाने के उनके विजन में एक अहम पड़ाव है. उन्होंने कहा कि इससे रेलवे के जरूरी पुर्जों में देश की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी.
वहीं लुचिनी आरएस के चेयरमैन ज्यूसेप्पे लुचिनी ने कहा कि इस साझेदारी से उनकी कंपनी को भारतीय बाजार में एक व्यवस्थित मौजूदगी बनाने में मदद मिलेगी. जुपिटर वैगन्स, लुचिनी आरएस और सिमेस्ट की यह साझेदारी रेलव्हील, एक्सल और व्हीलसेट निर्माण के लिए एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म तैयार करने पर केंद्रित है. इसके तहत छत्रपति संभाजीनगर की मौजूदा यूनिट और ओडिशा में बन रहे नए कॉम्प्लेक्स को साथ लाया जाएगा.