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JIO IPO ने बनाए 12 अनोखे रिकॉर्ड, 1.38 करोड़ से ज्‍यादा आवेदन, ₹7.4 लाख करोड़ की बोली

जियो के आईपीओ ने पूरे 12 अनोखे रिकॉर्ड बना दिया है. 30213 करोड़ रुपये की साइज के लिए इस आईपीओ को ₹7.4 लाख करोड़ की बोली मिली है. इसके साथ ही इसे 1.38 करोड़ से ज्‍यादा के आवेदन प्राप्‍त हुए हैं.

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जियो प्‍लेटफॉर्म आईपीओ के 12 अनोखे रिकॉर्ड. (Photo: ITG)
जियो प्‍लेटफॉर्म आईपीओ के 12 अनोखे रिकॉर्ड. (Photo: ITG)

जियो प्लेटफॉर्म्स के ₹30,188 करोड़ के IPO के लिए ₹7.4 लाख करोड़ की बोलियां मिलीं और इश्यू खुलने के 100 मिनट के भीतर ही यह पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. कंपनी के अनुसार, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के बावजूद इस IPO ने कई रिकॉर्ड बनाए. 

कंपनी की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, ₹30,188 करोड़ के इस इश्यू के लिए कुल ₹7.4 लाख करोड़ यानी 78 अरब डॉलर की बोलियां मिली हैं. कंपनी ने बताया कि IPO खुलने के 100 मिनट के भीतर ही इसे पूरी तरह सब्सक्राइब कर लिया गया था. इसके साथ ही यह भारतीय इतिहास में सबसे कम समय में पूरी तरह सब्सक्राइब होने वाला IPO भी बन गया. योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए रिजर्व ₹5,500 करोड़ का हिस्सा शुरुआती 10 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया.

इस IPO के लिए लगभग 1.4 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए, जो खुदरा निवेशकों और पहली बार निवेश करने वाले लोगों की मजबूत भागीदारी को दिखाता है. IPO की पेश किए गए कीमत पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹10.3 लाख करोड़ है. इस वैल्‍यूएशन के आधार पर कंपनी मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से भारत की तीन सबसे बड़ी लिस्‍टेड कंपनियों में शामिल हो सकती है. 

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JIO IPO

जियो IPO के 12 बड़े रिकॉर्ड 

  1. भारत का सबसे बड़ा IPO: कंपनी के अनुसार, ₹30,188 करोड़ के इश्यू साइज के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन गया है. 
  2. ₹7.4 लाख करोड़ की बोलियां: IPO के लिए एंकर निवेशकों और सार्वजनिक बोली प्रक्रिया को मिलाकर कुल ₹7.4 लाख करोड़ (78 अरब डॉलर) की बोलियां मिलीं. 
  3. सबसे कम समय में पूरा सब्सक्रिप्शन: IPO खुलने के 100 मिनट के भीतर ही इसके लिए उपलब्ध शेयरों की पूरी मांग आ गई. कंपनी के अनुसार, यह भारतीय IPO बाजार में एक रिकॉर्ड है. 
  4. 10 मिनट में सब्सक्राइब हुआ QIB का हिस्सा: योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए रिजर्व ₹5,500 करोड़ का हिस्सा IPO खुलने के शुरुआती 10 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया. 
  5. लगभग 1.38 करोड़ से ज्‍यादा आवेदन: इस IPO को करीब 1.38 करोड़ से ज्‍यादा के आवेदन मिले. इससे खुदरा निवेशकों और पहली बार शेयर बाजार में निवेश करने वालों के बीच रिलायंस समूह की पहुंच और लोकप्रियता का पता चलता है. 
  6. सभी निवेशक कैटेगरी से मजबूत मांग: एंकर निवेशकों को छोड़कर योग्य संस्थागत खरीदारों की ओर से ₹3.87 लाख करोड़ की बोलियां लगाई गईं. हाई नेटवर्थ वाले व्यक्तिगत निवेशकों (HNI) की कैटेगरी से ₹57,000 करोड़, खुदरा निवेशकों से ₹26,000 करोड़, शेयरधारकों से ₹19,000 करोड़ और कर्मचारियों की कैटेगरी से ₹1,450 करोड़ की बोलियां मिलीं. 
  7. सभी कैटेगरी में कम से कम दो गुना सब्सक्रिप्शन: कंपनी के अनुसार, भारत के पांच सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO ऐसा एकमात्र इश्यू था, जिसमें सभी निवेशक कैटेगरीज में कम से कम दो गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया. 
  8. बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारी मांग: कंपनी के अनुसार, वैश्विक शेयर बाजारों में उथल-पुथल, विदेशी संस्थागत निवेशकों की साल की शुरुआत से अब तक 33 अरब डॉलर की बिकवाली और प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 में लगभग 13% की गिरावट के बावजूद IPO के लिए 78 अरब डॉलर की बोलियां मिलीं. 
  9. भारतीय रुपये को मिल सकता है सपोर्ट: कंपनी ने कहा कि IPO में निवेश करने के लिए विदेशी निवेशकों द्वारा डॉलर को रुपये में बदलने से बाजार में डॉलर की अतिरिक्त आपूर्ति हुई है. इससे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय मुद्रा को समर्थन मिला. 
  10. ₹10.3 लाख करोड़ का अनुमानित वैल्‍यूएशन: IPO की पेशकश कीमत के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹10.3 लाख करोड़ है. कंपनी के अनुसार, इससे वह बाजार मूल्य के लिहाज से भारत की तीन सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो सकती है. 
  11. वैश्विक 100 अरब डॉलर वैल्‍यूएशन वाले समूह में प्रवेश: कंपनी के अनुसार, IPO के समय 100 अरब डॉलर से अधिक का इक्विटी मूल्यांकन हासिल करने वाली संस्थापक लीडरशिप वाली कंपनियों में जियो प्लेटफॉर्म्स वैश्विक स्तर पर चौथी कंपनी बनने जा रही है. इस श्रेणी में मेटा, अलीबाबा और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों का नाम शामिल है. 
  12. रिलायंस समूह की बाजार स्थिति: जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद कुल लिस्‍टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर रिलायंस समूह के भारत का सबसे बड़ा लिस्‍टेड कारोबारी समूह बनने की उम्मीद है. 

2020 में 20 अरब डॉलर जुटाने के बाद एक और बड़ी उपलब्धि
यह IPO जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है.इससे पहले, वर्ष 2020 में कंपनी ने 13 रणनीतिक निवेशकों और निजी इक्विटी निवेशकों से 20 अरब डॉलर जुटाए थे. 

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(नोट- किसी भी शेयर में खरीदारी से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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