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पहले फेसबुक पर दोस्ती, फिर क्रिप्टो में मुनाफे का झांसा, वडोदरा के युवक को ऐसे लगा ₹92 लाख का चूना

फेसबुक पर दोस्ती से शुरू हुई बातचीत लाखों रुपये की साइबर ठगी तक पहुंच गई. वडोदरा के एक युवक को क्रिप्टो ट्रेडिंग में 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफे का भरोसा दिलाया गया. शुरुआत में रकम लौटाकर विश्वास जीता गया, लेकिन जब युवक ने बड़ी रकम लगाई तो पैसे वापस नहीं मिले.

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फेसबुक पर दोस्ती के बाद क्रिप्टो ठगी का मामला सामने आया है (Representational)
फेसबुक पर दोस्ती के बाद क्रिप्टो ठगी का मामला सामने आया है (Representational)

सोशल मीडिया पर दोस्ती, मोटे मुनाफे का वादा और फिर लाखों रुपये की चपत! गुजरात के वडोदरा में साइबर ठगी का ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां एक 34 वर्षीय युवक को क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी कमाई का लालच देकर 92.48 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया गया. ठगी की शुरुआत फेसबुक पर एक युवती से बातचीत के बाद हुई थी.

आरोप है कि शुरुआत में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली गई. पीड़ित जस्मिन वडोदरा के अटलादरा इलाके में रहते हैं और एक केमिकल कंपनी के मार्केटिंग विभाग में काम करते हैं. उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की है.

शिकायत के मुताबिक, जनवरी में जस्मिन को फेसबुक पर अदिति मिश्रा नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली. रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई. कुछ समय बाद युवती ने अपना व्हाट्सएप नंबर साझा किया और क्रिप्टो ट्रेडिंग में 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा होने का दावा किया. भरोसा बढ़ाने के लिए कथित तौर पर मुनाफे के स्क्रीनशॉट भी भेजे गए. इसके बाद युवती ने पीड़ित की नीतीश कुमार नाम के शख्स से बात कराई, जिसे उसने अपना चाचा बताया. इसके बाद ट्रेडिंग के लिए एक वेबसाइट का लिंक भेजा. 

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छोटे निवेश के बाद लाखों रुपये ट्रांसफर

युवक से शुरुआत में 10 हजार रुपये इनवेस्ट करवाए गए. वेबसाइट पर मुनाफा दिखाई देने के बाद उसका भरोसा बढ़ा. शिकायत के मुताबिक, युवक के Binance वॉलेट में 717.29 USDT, यानी करीब 71,729 रुपये की क्रिप्टो राशि भी भेजी गई. इससे उसे लगा कि ट्रेडिंग से वास्तव में कमाई हो रही है. इसके बाद युवक ने अलग-अलग चरणों में विभिन्न UPI आईडी और बैंक खातों में कुल 94,27,614 रुपये ट्रांसफर किए. लेकिन उसे पूरी रकम वापस नहीं मिली.

92 लाख रुपये से ज्यादा की रकम अटकी

शिकायत में बताया गया है कि युवक को 71,729 रुपये की क्रिप्टो राशि और MRM पोर्टल के जरिए 1,07,606 रुपये वापस मिले. इसके बावजूद उसकी 92,48,279 रुपये की रकम वापस नहीं आई. इसके बाद उसे ठगी का शक हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया. पीड़ित की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने वित्तीय लेन-देन, व्हाट्सएप चैट और बैंक स्टेटमेंट जैसे सबूतों के साथ जांच शुरू कर दी है. यह मामला दिखाता है कि मुनाफे की गारंटी और कम समय में मोटी कमाई जैसे दावों पर भरोसा करने से पहले निवेश की विश्वसनीयता जांचना जरूरी है. 

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