बीते लंबे समय से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Starit Of Hormuz) लगातार चर्चा में बना हुआ है. ऐसा हो भी क्यों न आखिर ये समुद्री रूट दुनिया की कुल तेल जरूरत के 20% की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार जो है. खासतौर पर अमेरिका-ईरान युद्ध से गहराई मिडिल ईस्ट टेंशन के बाद में रुकावट जारी है. एक ओर जहां ईरान इसे अपनी शर्तों के पूरी होने के बिना खोलने को तैयार नहीं है, तो वहीं अमेरिका की नाकाबंदी भी जारी है.
लेकिन इतना जरूरी माना जाने वाला होर्मुज स्ट्रेट अगले पांच साल बाद किसी काम का नहीं रहेगा. ऐसा दावा एचएसबीसी ग्रुप के सीईओ ने किया है. अगर ऐसा होता है तो अमेरिका से युद्ध की आग में झुलसी ईरान की तेल आधारित इकोनॉमी के लिए बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा. HSBC CEO ने अपने इस दावे के पीछे तमाम कारण भी बताए हैं.
होर्मुज को लेकर क्या बोले सीईओ?
एचएसबीसी ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जॉर्जेस एलहेडरी ने मंगलवार को कहा कि अगले पांच सालों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य अनावश्यक हो सकता है यानी ये किसी काम का नहीं रहेगा. उन्होंने आगे कहा कि खाड़ी देश स्ट्रेटिजिक जलमार्ग पर अपनी निर्भरता को लगातार कम करने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा पाइपलाइनों और लॉजिस्टिक्स रूट्स में निवेश कर रहे हैं.
उन्होंने US-Iran War का जिक्र भी किया, जिसके चलते इस प्रमुख समुद्री मार्ग में रुकावट जारी है. ईरान युद्ध ने Hormuz पर दुनिया की निर्भरता को उजागर करने का काम किया है, जहां से वैश्विक तेल और एलएनजी व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता था. सीईओ ने कहा कि निश्चित रूप से, हम वेस्ट एशिया संघर्ष के समाधान की कामना और आशा करते हैं, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट शायद पांच साल में बहुत जरूरी नहीं रहेगा.
इस दावे की पीछे वजह क्या?
दुबई में HSBC फ्यूचर फोरम में बोलते हुए सीईओ एलहेडेरी ने कहा कि ऊर्जा उत्पादक क्षेत्रों को बंदरगाहों से जोड़ने वाली पाइपलाइनों में निवेश से खाड़ी देशों को संघर्ष के आर्थिक दुष्परिणामों से निपटने में मदद मिलेगी. यह क्षेत्र उबर सकता है और विकास जारी रख सकता है, हालांकि इसके लिए पर्याप्त निवेश की जरूरत होगी.
रिपोर्ट के मुताबिक, एचएसबीसी द्वारा हाल ही में 1,600 से अधिक व्यावसायिक नेताओं और लगभग 820 वैश्विक संस्थागत निवेशकों के एक सर्वे में पाया गया कि खाड़ी क्षेत्र को एक आकर्षक निवेश केंद्र के रूप में देखा जा रहा है. एचएसबीसी CEO ने कहा कि मिडिल ईस्ट, नॉर्थ अफ्रीका और तुर्की में नियोजित और अनिर्धारित परियोजनाओं की 1.4 ट्रिलियन डॉलर की व्यापक प्रोजेक्ट श्रृंखला के तहत 872 अरब डॉलर के व्यक्तिगत परियोजना पैकेज मौजूद हैं.
Iran अपनी शर्तों पर अड़ा
एक ओर जहां एचएसबीसी सीईओ होर्मुज को लेकर बड़ा दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान इस समुद्री रूट को खोलने के लिए अपनी शर्तों पर अड़ा हुआ है. ईरान का कहना है कि Hormuz को फिर से खोलना और संघर्ष को समाप्त करने के लिए उसकी शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करता है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीते रविवार को कहा कि सात दिनों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का तेहरान का प्रस्ताव अभी भी विचाराधीन है. ईरान ने अंतरिम सीजफायर के टूटने के बाद सितंबर के मध्य में यह प्रस्ताव पेश किया था और तब से उसे अमेरिका से जवाब मिल चुका है, जिसकी वह समीक्षा कर रहा है.
ईरान की शर्तों में आखिर क्या-क्या?
ईरान की शर्तों में उसके बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी और तेल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने के साथ ही क्षेत्रीय मोर्चों पर शत्रुता समाप्त करना शामिल है. अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका इन शर्तों को मान लेता है, तो स्ट्रेट फिर से खुल सकता है और बातचीत अगले दिन फिर से शुरू हो जाएगी.
सोमवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ संबोधन के दौरान अराघची ने होर्मुज में असुरक्षा के लिए अमेरिका को भी दोषी ठहराया और विदेशी बलों के बिना एक क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था का आह्वान किया.