भारत और ब्रिटेन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-UK FTA) लागू हो गया है. 15 जुलाई से इसके प्रभावी होने के साथ ही असर भी दिखने लगा है. दोनों देशों के बीच इस व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के तहत पहले ही दिन कोलकाता ने आभूषणों की अपनी खेप को निर्यात किया. हरी झंडी दिखाकर रवाना की गई सोना-चांदी और हीरे के आभूषणों की ये खेप ब्रिटेन में जीरो ड्यूटी के साथ एंट्री करेगी.
₹27 करोड़ के आभूषण रवाना
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता स्थित छह निर्यातकों द्वारा करीब 27 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी भेजी गई है. जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) का कहना है कि UK के साथ मुक्त व्यापार समझौते के तहत शून्य शुल्क पर वहां के बाजार में एंट्री के द्वार खुल गए हैं और ब्रिटेन को भारत का पहला आभूषण निर्यात किया गया है.
GJEPC पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष पंकज पारेख के हवाले से पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया कि India-UK FTA लागू होने के दिन से ही ब्रिटेन के बाजार में भारतीय निर्यात पर आयात शुल्क शून्य हो गए गए और भारत से 27 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषणों को सीईटीए के तहत निर्यात के लिए हरी झंडी दिखाई गई, जिसे दो फीसदी आयात शुल्क की छूट का सीधा लाभ मिलेगा.
बता दें कि कि एफटीए लागू होने के साथ भेजे गए इस पहले शिपमेंट में कोलकाता के छह निर्यातकों का योगदान रहा. जिनमें जैस ज्वैलरी प्राइवेट लिमिटेड, मॉडर्न इम्पेक्स, एल गोपाल एंड संस (ज्वेलर्स), एबी ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड, जेएस ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड और हसमुख पारेख ज्वैलर्स शामिल हैं.
FTA से आभूषण उद्योग को बढ़ावा
जेम एंड ज्वैलरी परिषद की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि भारत और ब्रिटेन के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते से बड़े बाजार तक पहुंच में सुधार होने के साथ ही रोजगार के मौके बढ़ेंगे. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के रत्न और आभूषण उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
जीजेईपीसी के चेयरमैन किरित भंसाली ने कहा कि यह FTA भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के 4 अरब डॉलर के आभूषण आयात बाजार में महत्वपूर्ण लाभ दिलाएगा. उन्होंने कहा, Zero Duty Export के साथ, उम्मीद है कि अगले 3 सालों में ब्रिटेन को भारत के रत्न और आभूषण निर्यात में करीब 2.5 अरब डॉलर की वृद्धि होगी. उन्होंने इस समझौते के लागू कराने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को दिया.
99% भारतीय निर्यात पर 'Zero Duty'
भारत-यूके एफटीएक के बारे में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि सीईटीए और सामाजिक सुरक्षा समझौते लागू हो गए हैं, जिससे भारत के लगभग 99% निर्यात के लिए शून्य शुल्क बाजार पहुंच प्राप्त हो गई है, जो व्यापार मूल्य के लगभग 100% को कवर करता है.