इस महीने की शुरुआत से ही गोल्ड एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनी राजेश एक्सपोर्ट चर्चा में है. ये सुर्खियों में तब आई, जब मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने आरोप लगाया कि Rajesh Exports ने 15.15 लाख करोड़ रुपये का फर्जी निर्यात दिखाया है, जो कुल निर्यात का 99 फीसदी था. SEBI ने इसके बाद कंपनी और उसके प्रमोटर राजेश मेहता के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया था, इसके साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें कंपनी के शेयरों में खरीद-फरोख्त करने से बैन कर दिया था. अब कंपनी के ठिकानों पर ईडी की दनादन छापेमारी देखने को मिल रही है.
ED ने कंपनी के ठिकानों पर मारे छापे
ताजा अपडेट के मुताबिक, इस पूरे मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा लगातार राजेश एक्सपोर्ट पर कसता जा रहा है. ईडी ने कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की है, जो मंगलवार सुबह से ही जारी है. ये छापेमारी बेंगलुरु समेत कई जगह की गई है. सेबी के अंतरिम आदेश के बाद से ही कंपनी जांच के दायरे में थी.
सेबी ने क्या आदेश दिया था?
गौरतलब है कि बीते 3 जून को जारी एक अंतरिम आदेश में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर चेयरमैन राजेश मेहता को शेयर बाजार में कारोबार करने से रोक दिया था. नियामक ने 5 वित्तीय वर्षों में बड़ी फाइनेंशियल धांधली का आरोप लगाया, जिसमें 15.15 लाख करोड़ रुपये के रेवेन्यू की जानकारी फर्जी पाई गई है.
SEBI की ओर से आरोप लगाया गया था कि FY21 से FY25 के बीच कंपनी ने अपनी विदेशी सहायक कंपनियों से जुड़े राजस्व (Revenue) को बहुत बड़े पैमाने पर गलत तरीके से दिखाया. नियामक के अनुसार दर्शाए गए राजस्व आंकड़ा वेरिफाई नहीं हो सका और पैसों में भारी गड़बड़ियां दिखाई दीं.
शेयर में दिखा जमकर उतार-चढ़ाव
सेबी के आरोपों के बाद से राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों पर इसका सीधा असर देखने को मिला था और ये 3 जून को मार्केट रेग्युलेटर के आदेश के बाद भरभराकर टूटे थे. इस दिन से 12 जून तक कंपनी के शेयरों में 30 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ गई थी. हालांकि, तब से अब तक स्टॉक प्राइस में करीब 40 फीसदी का उछाल भी आ चुका है.
मंगलवार को शेयर बाजार में गिरावट के बाद भी Rajesh Exports Share में अपर सर्किट लगा, लेकिन अब कंपनी के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी की खबर आई है, जिसका असर बुधवार को कंपनी के शेयरों पर देखने को मिल सकता है.