पंचायत आजतक बिहार के सेशन 'बिहार में सुशासन 2.0' में बिहार सरकार के चार मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों से जुड़े मुद्दों पर बात की. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने भूमि विवाद और जमीन के सर्वे को लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी. ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार (बुलो मंडल) ने बिजली आपूर्ति और लो-वोल्टेज की समस्या पर सरकार का पक्ष रखा. पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने बिहार में सड़कों और पुलों के निर्माण के आंकड़े बताए. वहीं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े कामों और कब्रिस्तानों की घेराबंदी का जिक्र किया.
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल से पूछा गया कि क्या बिहार में होने वाले अपराधों के पीछे भूमि विवाद एक बड़ी वजह है. इस पर उन्होंने कहा कि करीब 47 प्रतिशत विवाद भूमि विवाद से जुड़े होते हैं, जो अपराध और मुकदमों का कारण बनते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि न्यायालयों में लंबित मामलों में करीब 37 प्रतिशत मामले भूमि विवाद से संबंधित हैं. डॉ. जायसवाल ने कहा कि इसी वजह से भूमि विवाद कम करना सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम बिहार में जमीन का सर्वे कराना है.
बिहार में पहले कैडस्ट्रल सर्वे और उसके बाद रिविजनल सर्वे हुआ था, लेकिन लंबे समय से व्यापक स्तर पर नया सर्वे नहीं हुआ. अब फिर से सर्वे का काम शुरू किया गया है. सर्वे पूरा होने के बाद जमीन के मालिक यानी रैयत को जमीन का पासबुक मिलेगा. जमीन का रिकॉर्ड स्पष्ट होने से विवादों को कम करने में मदद मिलेगी.
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उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान करीब 20 प्रतिशत जमीन ऐसे मामलों में आ रही है जो न्यायालय या दूसरे स्तरों पर लंबित हैं, जबकि बाकी मामलों में सर्वे का काम आगे बढ़ रहा है.
प्राथमिकताओं में हैं.
बिजली उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी, लो-वोल्टेज पर काम जारी
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार से बिहार में बिजली आपूर्ति और कई इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर सवाल किया गया. उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली के क्षेत्र में बड़ा विस्तार हुआ है. उनके मुताबिक 2005 से पहले बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 40 से 50 लाख थी, जो अब बढ़कर लगभग 2.20 करोड़ हो गई है. मंत्री ने कहा कि हर घर तक बिजली पहुंचाने के बाद सरकार ने ट्रांसमिशन, जनरेशन और डिस्ट्रीब्यूशन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम किया है.
उन्होंने माना कि कुछ जगहों पर लो-वोल्टेज की समस्या हो सकती है, लेकिन इसे दूर करने के लिए सरकार काम कर रही है. उनके मुताबिक ग्रिड सब-स्टेशन, पावर सब-स्टेशन और ट्रांसफॉर्मर क्षमता बढ़ाने जैसे काम किए जा रहे हैं.
शैलेश कुमार ने बताया कि बिहार में करीब 3.39 लाख ट्रांसफॉर्मर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जहां भी लो-वोल्टेज की समस्या है, वहां उसे दूर करने के लिए विभाग स्तर पर काम जारी है.
है.
पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने बिहार में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार की ओर से आंकड़े साझा किए. उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में सड़कों की स्थिति खराब थी और उसके बाद सड़क नेटवर्क के विस्तार पर बड़े स्तर पर काम हुआ. मंत्री के मुताबिक 2005 तक बिहार में करीब 14,000 किलोमीटर सड़कें थीं, जो अब बढ़कर लगभग 26,790 किलोमीटर हो गई हैं. उन्होंने बिहार की प्रमुख नदियों पर बने और निर्माणाधीन पुलों का भी जिक्र किया.
कुमार शैलेंद्र के मुताबिक आने वाले समय में भी सड़कों और पुलों के निर्माण का काम जारी रहेगा. बिहार सरकार की आधिकारिक मंत्रिपरिषद सूची में कुमार शैलेंद्र को पथ निर्माण विभाग का मंत्री बताया गया है.
2005 के बाद अल्पसंख्यक कल्याण पर ज्यादा काम हुआ
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान से विपक्ष के उस आरोप को लेकर सवाल किया गया कि बीजेपी को मुस्लिम समुदाय से जुड़े राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अल्पसंख्यक कल्याण को लेकर सवाल उठते रहे हैं. जमा खान ने जवाब में कहा कि 2005 के बाद बिहार में अल्पसंख्यक समाज के लिए कई काम हुए हैं. उन्होंने खासतौर पर कब्रिस्तानों की घेराबंदी का जिक्र किया. उनके मुताबिक पहले कई जगह कब्रिस्तानों पर अतिक्रमण और विवाद की समस्या रहती थी. उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद करीब 10 हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई गई.
जमा खान ने कहा कि सरकार की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए किए गए कामों को लेकर वह विपक्ष के दावों से सहमत नहीं हैं. बातचीत के दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी का भी जिक्र किया और कहा कि बिहार में इससे जुड़े फैसले बिहार के हित और विकास को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे.
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