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ई-रिक्शा चला बहू को पढ़ाया, सिपाही बनते ही पति को बोली- मैं तुम्हें नहीं जानती

कटिहार में एक महिला सिपाही और उसके पति के बीच रिश्ते का विवाद सामने आया है. पति हंसलाल गुप्ता का आरोप है कि उसने और उसके पिता ने पत्नी प्रतिभा को पढ़ाकर पुलिस की नौकरी दिलाने में लाखों रुपये खर्च किए, लेकिन नौकरी लगने के बाद पत्नी उससे दूरी बनाने लगी. पति ने दूसरे युवक से संबंध का भी आरोप लगाया है.

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नौकरी मिलते ही पति को छोड़कर भागी पत्नी. (Photo: ITG)
नौकरी मिलते ही पति को छोड़कर भागी पत्नी. (Photo: ITG)

कटिहार पुलिस केंद्र के बाहर एक पति रोता हुआ दिखाई देता है. वह बार-बार अपने आंसू पोंछता है और उसके साथ खड़ा पिता हाथ जोड़कर अपनी बहू को वापस लाने की उम्मीद लगाए नजर आता है. दोनों के हाथ में कागजात हैं. कभी पुलिसकर्मियों से बातचीत करते हैं, तो कभी तस्वीरें और दूसरे दस्तावेज दिखाते हैं. इसके बाद दोनों कटिहार समाहरणालय पहुंचते हैं और सीढ़ियों से ऊपर जाकर एसपी कार्यालय में मुलाकात करते हैं. यह कहानी एक ऐसे पति और पिता की है, जिनका कहना है कि उन्होंने अपनी बहू को पढ़ाने और उसे पुलिस की नौकरी दिलाने के लिए अपनी हैसियत से कहीं ज्यादा खर्च किया. लेकिन अब वही बहू उनके साथ रहने को तैयार नहीं है. पति का कहना है कि वह सिर्फ अपनी पत्नी को वापस पाना चाहता है और टूटते रिश्ते को बचाना चाहता है.

मामला बिहार के कटिहार का है. कैमूर यानी भभुआ जिले के रहने वाले हंसलाल गुप्ता रोजी-रोटी के लिए उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में एक पेट्रोल पंप पर नौकरी करते थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात प्रतापगढ़ की रहने वाली प्रतिभा विश्वकर्मा से हुई. दोनों के बीच प्रेम हुआ और साल 2021 में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया. शादी के बाद हंसलाल अपनी पत्नी प्रतिभा को लेकर अपने घर कैमूर आ गए. हंसलाल के मुताबिक, परिवार ने प्रेम विवाह के बाद दोनों को स्वीकार कर लिया. इसके बाद 26 अप्रैल 2024 को दोनों ने कैमूर कोर्ट में कोर्ट मैरिज भी की.

हंसलाल के पिता परमहंस गुप्ता ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं. उनका कहना है कि शादी के बाद उनकी बहू प्रतिभा ने आगे पढ़ाई करने की इच्छा जताई. उसने ससुर को भरोसा दिया कि वह पढ़ाई करके अपने भविष्य को बेहतर बनाएगी. परमहंस का कहना है कि उन्होंने बहू की इच्छा को पूरा करने के लिए अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा उसकी पढ़ाई में लगा दिया. पति हंसलाल भी ई-रिक्शा चलाकर कमाई करने लगे. पिता और बेटे दोनों मिलकर प्रतिभा की पढ़ाई का खर्च उठाने लगे. परमहंस गुप्ता का दावा है कि बहू को पढ़ाने-लिखाने और उसकी नौकरी की तैयारी में उन्होंने करीब 8 से 9 लाख रुपये खर्च कर दिए.

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2021 में प्रेम विवाह, परिवार ने भी बहू को अपनाया

प्रतिभा ने भी मेहनत की और बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की तैयारी करने लगी. परिवार का कहना है कि उसकी मेहनत रंग लाई और उसने सिपाही भर्ती परीक्षा पास कर ली. इसके बाद प्रतिभा की पहली पोस्टिंग कटिहार जिले के मनसाही थाना में सिपाही के पद पर हुई. उसका विभागीय सिपाही नंबर 1209 बताया गया है. यहीं से पति-पत्नी के रिश्ते में दूरी बढ़ने लगी. हंसलाल का आरोप है कि पुलिस ट्रेनिंग से लेकर थाने में ड्यूटी के दौरान जब वह प्रतिभा को फोन करते थे तो वह हार्ड ड्यूटी का हवाला देकर ज्यादा बात नहीं करती थी. जब हंसलाल कैमूर से कटिहार पत्नी से मिलने पहुंचते तो भी प्रतिभा उससे मिलने से बचने लगी.

पति के मुताबिक, पत्नी के व्यवहार में आए इस बदलाव के बाद उसे शक होने लगा. हंसलाल का कहना है कि जब उसने मामले की गहराई से जानकारी लेने की कोशिश की तो उसे एक राहुल शर्मा नाम के युवक के साथ पत्नी के कथित संबंधों के बारे में पता चला. पति का दावा है कि उसके पास इस संबंध से जुड़े कुछ साक्ष्य भी हैं. हंसलाल का आरोप है कि पत्नी की नौकरी लगने के बाद उसने उस पर ही कई तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिए. पति के मुताबिक, प्रतिभा अब कहती है कि वह उसे अपना पति स्वीकार नहीं करती और उसके साथ जो कुछ हुआ, वह जबरदस्ती हुआ.

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हालांकि पति का कहना है कि इसके बावजूद वह पत्नी की बताई गई गलतियों को भी स्वीकार करने के लिए तैयार है. उसका कहना है कि उसे अपनी पत्नी से कोई शिकायत नहीं चाहिए. वह सिर्फ इतना चाहता है कि उसकी पत्नी उसके साथ ठीक से रहे और उनका रिश्ता बच जाए. हंसलाल का कहना है कि वह लगातार अपनी पत्नी को मनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रतिभा उसके साथ रहने के लिए तैयार नहीं है. पति का आरोप है कि पत्नी को पुलिस की वर्दी का ऐसा भरोसा हो गया है कि उसे लगता है कि उसके खिलाफ कोई कुछ नहीं कर सकता.

हंसलाल अपनी पत्नी के वेतन का भी जिक्र करता है. उसका कहना है कि प्रतिभा को पुलिस की नौकरी मिलने के बाद करीब 40 हजार रुपये महीने वेतन मिल रहा है. पति का कहना है कि उनका परिवार साधारण परिवार है और उसे लगता है कि प्रतिभा अब उनके साथ रहने को लेकर सोचती है कि अगर कोई पूछेगा तो वह क्या बताएगी. पति रोते हुए कहता है कि उसने और उसके परिवार ने पत्नी को पढ़ाया-लिखाया, उसकी तैयारी में मदद की और नौकरी तक पहुंचाया, लेकिन अब वह उसे पहचानने तक से इनकार कर रही है. हंसलाल का कहना है कि उसे लगता है कि उसके साथ धोखा हुआ है और उसका पूरा परिवार बर्बाद हो गया है. इसके बावजूद उसकी मांग बहुत छोटी है. वह सिर्फ अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता है.

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इस पूरे मामले में हंसलाल के पिता परमहंस गुप्ता भी बेहद भावुक हैं. उनका कहना है कि उन्होंने ई-रिक्शा चलाकर अपनी बहू को पढ़ाया और पुलिस की नौकरी तक पहुंचाने में मदद की. वह रोते हुए कहते हैं कि उन्होंने अपनी बहू की पढ़ाई और नौकरी लगने तक करीब 8 से 9 लाख रुपये खर्च किए. परमहंस का आरोप है कि अब उनकी बहू कह रही है कि वह उनकी बहू नहीं है और उनके परिवार के साथ नहीं रहना चाहती. उनका कहना है कि उन्होंने अपनी बहू को बेटी की तरह रखा, लेकिन आज वह खुद को जिंदा ही गड्ढे में गाड़े जाने जैसा महसूस कर रहे हैं. परमहंस का यह भी आरोप है कि उनकी बहू किसी राहुल शर्मा के साथ रह रही है.

रिश्ता बचाने की आखिरी कोशिश के तौर पर पिता और बेटा कटिहार पहुंचे. दोनों ने पुलिस केंद्र में वर्तमान में पदस्थापित सिपाही प्रतिभा से मुलाकात की. उन्होंने पति-पत्नी के बीच बिगड़ते रिश्ते को सुलझाने की कोशिश की. लेकिन दोनों के बीच बनी दूरी खत्म नहीं हो सकी. इसके बाद हंसलाल और उसके पिता कटिहार समाहरणालय पहुंचे. दोनों एसपी कार्यालय गए और पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन दिया. आवेदन में पति ने अपनी पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ कथित अवैध संबंध का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि इसी वजह से उसका परिवार तबाह हो गया है.

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पति और उसके पिता ने कटिहार के एसपी परिचय कुमार से मुलाकात कर अपनी पूरी बात रखी. दोनों ने अपने बीच चल रहे विवाद की जानकारी एसपी को दी और मदद की गुहार लगाई. एसपी परिचय कुमार ने पति-पत्नी के बीच के इस मामले को बेहद निजी मामला बताते हुए कानूनी रूप से मदद करने से साफ मना कर दिया. हालांकि ऑफ द कैमरा उन्होंने बताया कि महिला थाना स्तर पर काउंसलिंग के जरिए इस समस्या का समाधान करने की कोशिश की जा सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि महिला सिपाही के खिलाफ इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति कानून नहीं देता है.

अब हंसलाल गुप्ता और उसके पिता परमहंस गुप्ता एसपी की ओर से मिले काउंसलिंग के मौखिक आश्वासन पर टिके हुए हैं. दोनों की उम्मीद है कि काउंसलिंग के जरिए पति-पत्नी के बीच पैदा हुई दूरी कम हो सकेगी और उनका रिश्ता टूटने से बच जाएगा. इस पूरे मामले में एक तरफ पति और ससुर के आरोप हैं, तो दूसरी तरफ महिला सिपाही प्रतिभा का पक्ष सामने आना अभी बाकी है. पति का कहना है कि उसने अपनी पत्नी को पढ़ाने और आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया, लेकिन नौकरी मिलने के बाद वह उससे दूर हो गई. वहीं परिवार की सबसे बड़ी मांग यही है कि किसी तरह दोनों पति-पत्नी के बीच रिश्ते की गांठ खुल जाए.

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शादी की तस्वीर से एसपी की चौखट तक

यह मामला सिर्फ एक परिवार के टूटते रिश्ते की कहानी नहीं, बल्कि उस उम्मीद की भी कहानी है जिसमें एक पिता अपनी बहू को पढ़ाकर उसे अपने पैरों पर खड़ा करना चाहता है और अब उसी रिश्ते को बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों के दरवाजे तक पहुंच रहा है. पति हंसलाल की आंखों में आंसू हैं और उसकी जुबान पर एक ही बात है कि उसे उसकी पत्नी से मिला दिया जाए. कटिहार पुलिस केंद्र से लेकर एसपी कार्यालय तक पति और पिता की यह दौड़ अब काउंसलिंग के भरोसे पर आकर रुक गई है. देखना यह है कि बातचीत के जरिए पति-पत्नी के बीच की दूरी कम होती है या दोनों का रिश्ता पूरी तरह खत्म हो जाता है.
 

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