बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दावा किया है कि वर्षों से जिन निशांत कुमार को इंजीनियर बताया जाता रहा, वे वास्तव में इंजीनियर नहीं हैं और केवल 12वीं पास हैं.
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब उनके चुनावी हलफनामे में दर्ज एजुकेशनल डिटेल सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गए. हलफनामे के अनुसार, निशांत कुमार ने वर्ष 1998 में पटना साइंस कॉलेज से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी. इसके बाद उन्होंने रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था.
हालांकि, हलफनामे में उल्लेख है कि उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी नहीं की. दस्तावेज के अनुसार, उन्होंने डिग्री के लिए आवश्यक आठ सेमेस्टर में से केवल पांच सेमेस्टर पूरे किए और वर्ष 2001 में पाठ्यक्रम छोड़ दिया. हलफनामे में यह भी दर्ज है कि वह स्नातक नहीं हैं.
RJD ने उठाए सवाल
इन जानकारियों के सामने आने के बाद राजद ने नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया. पार्टी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जिन निशांत कुमार को लोग वर्षों तक इंजीनियर बताते रहे, उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में स्वयं को स्नातक नहीं बताया है. राजद ने यह भी कहा कि परिवारवाद का विरोध करने का दावा करने वाले लोगों की परतें अब खुल रही हैं.
मामला क्षणिक योग्यता का नहीं, राजनीतिक छवि का है
विपक्ष का कहना है कि यह मामला केवल शैक्षणिक योग्यता का नहीं, बल्कि उस राजनीतिक छवि का भी है जो वर्षों से निशांत कुमार के बारे में बनाई गई. राजद का दावा है कि कई जदयू नेताओं ने सार्वजनिक रूप से उन्हें इंजीनियर बताया, जबकि इस पर कभी सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया.
मौके को भुनाने की कोशिश में RJD
यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार की राजनीति में नेताओं की शैक्षणिक योग्यता को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं. अब राजद इसी मुद्दे को लेकर जदयू और नीतीश कुमार को घेरने की कोशिश कर रहा है. पार्टी का कहना है कि जो नेता दूसरों की शिक्षा और परिवारवाद पर सवाल उठाते रहे हैं, अब उन्हें स्वयं ऐसे सवालों का सामना करना पड़ रहा है.