निशांत कुमार (Nishant Kumar) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) के इकलौते बेटे हैं. 15 अप्रैल 2026 को सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री बनें. 7 मई 2026 को बिहार कैबिनेट विस्तार हुआ जिसमें निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली. उन्होंने मार्च 2026 को अपने पिता की पार्टी जेडीयू में शामिल होकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की.
निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को बिहार में हुआ था. हालांकि वे एक बड़े राजनीतिक परिवार से आते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा सार्वजनिक जीवन और राजनीति से दूरी बनाए रखी. पिछले चुनाव में पटना में जनता दल यूनाइटेड के दफ्तर के बाहर निशांत कुमार के राजनीति में आने की अपील करते हुए कई पोस्टर लगाए गए थे. निशांत के राजनीति में आने को लेकर केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने भी वकालत की थी.
बिहार में जन्मे निशांत कुमार ने सेंट लॉरेंस स्कूल मसूरी, मानव भारती स्कूल और केंद्रीय विद्यालय से शुरुआती शिक्षा ली है. उन्होंने बिरला टेक्नीकल इंस्टीट्यूट मेसरा से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सामान्य और सादा जीवन जीने का रास्ता चुना. वे आम तौर पर मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहते हैं.
Tejashwi Yadav ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar की शैक्षणिक योग्यता को लेकर तंज कसा है। विधान परिषद चुनाव के लिए दाखिल शपथपत्र में निशांत कुमार ने बताया कि उन्होंने इंजीनियरिंग में पढ़ाई की है. लेकिन कोर्स के केवल 5 सेमेस्टर पूरे किए थे। इसके बाद तेजस्वी कहा कि उन्हें बिहार के शिक्षा मंत्री पर पूरा भरोसा है कि वे निशांत कुमार को "इंजीनियर" बना देंगे।
बिहार में निशांत कुमार की शैक्षणिक योग्यता को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. राजद ने दावा किया है कि उन्हें वर्षों तक इंजीनियर बताया गया, जबकि उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं की और वह स्नातक नहीं हैं. हलफनामे में पांच सेमेस्टर तक पढ़ाई करने का उल्लेख है. इस खुलासे के बाद राजद ने नीतीश कुमार और जदयू पर हमला बोलते हुए शिक्षा और परिवारवाद को लेकर सवाल उठाए हैं.
बिहार MLC चुनाव के हलफनामों में कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं. भोजपुरी स्टार पवन सिंह की बढ़ी संपत्ति बढ़ी है, जबकि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की पढ़ाई को लेकर भी खुलासा हुआ है. किस उम्मीदवार के पास कितनी दौलत है, पूरी तस्वीर हलफनामों से साफ हुई है.
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू की हालत पर अफसोस जाहिर किया है. उन्होंने खुलासा किया कि सबसे पहले उन्होंने ही निशांत कुमार के राजनीति में शामिल होने की बात पैरवी की थी. कुशवाहा के मुताबिक निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जाना चाहिए.
मुजफ्फरपुर में गुरुवार को एक निजी अस्पताल में आग लगने की घटना सामने आई. घटना पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से सवाल किया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं कहा और चुप्पी साध ली. अब आज निशांत कुमार का पहला रिएक्शन सामने आया है. देखिए.
मुजफ्फरपुर की घटना पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से सवाल किया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं कहा. निशांत कुमार पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो रहे थे. उनके साथ जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी थे, लेकिन इतने बड़े हादसे पर वो चुप्पी साध गए.
बिहार की राजनीति में उस समय भूचाल आ गया जब पूर्व सांसद आनंद मोहन ने अपनी ही पार्टी जेडीयू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. सीतामढ़ी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पर तीखा तंज कसते हुए जेडीयू में 'थैली की राजनीति' होने का गंभीर आरोप लगाया.
बिहार में एनडीए विधान परिषद की सभी 10 सीटों पर जीत की रणनीति बना रहा है. यह चुनाव इसलिए अहम है क्योंकि इससे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को विधान परिषद की सदस्यता मिल सकेगी और वे मंत्री पद पर बने रह पाएंगे. संविधान के अनुसार गैर-सदस्य मंत्री को छह महीने में सदस्य बनना जरूरी होता है. एनडीए के पास बहुमत होने से उसकी जीत की संभावना मजबूत है, जबकि राजद एक सीट बचाने की कोशिश में है.
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाला चुनाव सिर्फ एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि NDA के लिए बड़ा इम्तिहान है. एक तरफ गठबंधन सभी सीटों पर कब्जा जमाने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ निशांत कुमार और दीपक प्रकाश के लिए यह चुनाव मंत्री पद बचाने की संवैधानिक जरूरत भी बन गया है.
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ले ली है. शपथ लेने के बाद उन्होंने आजतक से बातचीत में कई अहम बातें शेयर कीं. 7 मई को बिहार सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ, जिसमें निशांत कुमार समेत 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली.
बिहार में सम्राट सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार स्वास्थ्य मंत्री बने हैं, जिसे लेकर सियासी चर्चा तेज है. मंगल पांडेय को कैबिनेट से ड्रॉप करके निशांत कुमार को लाया गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि बिहार में निशांत क्या स्वास्थ्य विभाग की सेहत ठीक कर पाएंगे?
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली. निशांत ने कहा कि वे अपने पिता के अधूरे कार्यों को पूरा करेंगे और रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा में सुधार के लिए काम करेंगे.
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा भी हो गया है. ऊर्जा विभाग के मंत्री का नाम तीन दशक बाद बदल गया है. वहीं, पिछली सरकार में मंत्री रहे कुछ नेताओं का कद नई कैबिनेट में बढ़ गया है.
बिहार में नई सरकार बनने के बाद कैबिनेट मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह समेत अहम विभाग अपने पास रखे हैं, जबकि डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को जल संसाधन व वित्त जैसे प्रमुख मंत्रालय मिले हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग सहित सभी विभागों का आवंटन घोषित कर दिया गया है.
पटना के गांधी मैदान में बिहार की राजनीति का एक नया अध्याय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ लेकर सक्रिय राजनीति में अपनी औपचारिक एंट्री कर ली। सॉफ्टवेयर इंजीनियर रहे निशांत कुमार लंबे समय तक राजनीति और मीडिया की चकाचौंध से दूर रहे।
बिहार में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा मिला है. विजय सिन्हा को कृषि मंत्रालय मिला है. इस बीच नीतीश के बेटे निशांत कुमार ने आजतक से खास बातचीत की. देखें आजतक से बातचीत में क्या बोेले निशांत कुमार?
बिहार में सम्राट चौधरी के अगुवाई वाली सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है, जिसमें 32 नए मंत्री बनाए गए हैं. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. निशांत पहले नेता नहीं है, जिन्हें अपने पिता से विरासत में सियासत मिली है. सम्राट कैबिनेट में तीन पूर्व सीएम के बेटे मंत्री बने हैं.
बिहार में आज कैबिनेट विस्तार की बड़ी तैयारी पूरी हो चुकी है. इस विस्तार में बीजेपी के 12 और जेडीयू के 11 मंत्री शपथ लेंगे. माना जा रहा है कि सम्राट मंत्रिमंडल में निशांत कुमार भी शामिल हो सकते हैं. यह खास कार्यक्रम पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा. कैबिनेट विस्तार के साथ ही प्रदेश की राजनीतिक स्थिति में नए बदलाव आएंगे जो सरकार को और मजबूत बनाएंगे.
7 मई को सम्राट कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है. पटना के गांधी मैदान में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण कल 12:10 बजे पटना के गांधी मैदान में होगा. राज्यपाल सम्राट सरकार के नए मात्रियों को शपथ दिलाएंगे. इसे लेकर निशांत को कैबिनेट में शामिल करने की फिर चर्चा तेज हो गई है.
बिहार में सम्राट कैबिनेट के विस्तार में 32 मंत्रियों ने शप ग्रहण लिया. इसमें से एक नाम बिहार के पूर्व सीेएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का है. निशांत घर से निकलने से पहले अपने पिता नीतीश कुमार के पैर छूते हुए दिखाई दिए. इस दौरान ललन सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष जेडीयू भी वहां उपस्थित रहे.
Nishant Kumar Profile: पिता नीतीश कुमार की बिहार की राजनीति से विदाई होते ही बेटे निशांत की फुल-टाइम एंट्री हो गई है. अब देखने वाली बात ये होगी कि निशांत कुमार को कौन-सा मंत्रालय मिलता है.