बिहार में बाढ़ का दायरा बढ़ता जा रहा है. अब तक 14 जिले इसकी चपेट में आ चुके हैं. लगभग 35.89 लाख लोग प्रभावित हैं. 491 पंचायतों में पानी पहुंचने से रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है. पटना से लेकर भागलपुर तक कई इलाकों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं.
भागलपुर में गंगा का पानी नेशनल हाईवे-80 पर पहुंच गया है. कई जगहों पर सड़क पर करीब दो फीट पानी बह रहा है. आसपास के कई गांव जलमग्न हो गए हैं. हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही रोक दी है. आजतक की टीम ने भागलपुर के भवनाथपुर चौक पहुंचकर बाढ़ का जायजा लिया. यहां हालात की एक अलग तस्वीर सामने आई. कई गांवों को जोड़ने वाली ग्रामीण सड़क पानी में डूबी हुई है. इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं.
भागलपुर: 3-4 फीट पानी में आवाजाही
भवनाथपुर चौक के पास ग्रामीण सड़क पर करीब तीन से चार फीट पानी है. बहाव भी तेज है. इसके बावजूद स्थानीय लोग जरूरी काम के लिए इसी रास्ते से गुजर रहे हैं. गहरे पानी के बीच पैदल आवाजाही करना उनके लिए जोखिम भरा बना हुआ है. बाढ़ के पानी भरने से गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है. जरूरी सामान लेने या दूसरे कामों के लिए निकलने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर जाना पड़ रहा है. इस इलाके में बाढ़ ने लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को खासा प्रभावित किया है.
पटना में जलस्तर घटा, गंगा अब भी खतरे के ऊपर
पटना में गंगा और सोन नदियों के जलस्तर में कमी आई है. इसके बावजूद गंगा अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गांधी घाट पर नदी खतरे के निशान से 1.71 मीटर ऊपर है. यहां पानी हाई फ्लड लेवल यानी HWL से 27 सेंटीमीटर नीचे है. वहीं, दीघा घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.09 मीटर ऊपर है. जबकि मनेर में यह स्तर 1.40 मीटर ऊपर बना हुआ है. हालांकि, पिछले चार दिनों में दीघा घाट पर जलस्तर 23 सेंटीमीटर और मनेर में 15 सेंटीमीटर नीचे आया है.
पुनपुन के बढ़े पानी से दक्षिणी पटना प्रभावित
पुनपुन नदी भी पटना के लिए परेशानी बनी हुई है. श्रीपालपुर में यह खतरे के निशान से 2.95 मीटर ऊपर बह रही है. यहां पानी HWL से 36 सेंटीमीटर नीचे है. पुनपुन में आई बाढ़ का असर पटना के दक्षिणी इलाकों पर पड़ा है. पटना से आगे मुंगेर और भागलपुर की ओर गंगा का दबाव बढ़ा है. 5 से 8 सितंबर के बीच मुंगेर में गंगा का जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ा. दूसरी तरफ सोन नदी के कोइलवर में पानी घटा है. यहां तीन दिनों में जलस्तर 78 सेंटीमीटर कम होकर 53.88 मीटर पर आ गया.
14 जिलों के 82 प्रखंड प्रभावित
बिहार के 14 प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल शामिल हैं. इन जिलों के 82 प्रखंडों की 491 ग्राम पंचायतें प्रभावित हैं.
कुल करीब 35.89 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. कहीं पानी का स्तर कम हो रहा है, तो कुछ इलाकों में अब भी मुश्किल बनी हुई है. भागलपुर में हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर पानी लोगों की आवाजाही के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है.