नेपाल के तराई और जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार के बगहा में दिखाई देने लगा है. बारिश के चलते गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 2.20 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है.
बैराज से इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक के निचले इलाकों में बाढ़ का असर दिखने लगा है. झंडू टोला, चाकदहवा और बिन टोली समेत दोन क्षेत्र के कई गांवों में पानी प्रवेश कर चुका है. इससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगा है.
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स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी हुई है. निचले इलाकों में रहने वाले लोग नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं. प्रशासन और संबंधित विभाग भी संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं.
नेपाल की बारिश से बढ़ी बैराज पर पानी की आवक
जल संसाधन विभाग के अनुसार, नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण वाल्मीकिनगर बैराज पर पानी की आवक बढ़ रही है. इसी को देखते हुए परिस्थितियों के अनुसार बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है. विभाग की टीम जलस्तर और पानी के प्रवाह पर लगातार नजर रख रही है.
अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है. नदी में पानी बढ़ने के साथ निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.
लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है. संभावित बाढ़ को देखते हुए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सके.
बारिश जारी रही तो और गंभीर हो सकती है स्थिति
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहता है तो गंडक नदी के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है. ऐसे में बगहा के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होने की आशंका है. जिन गांवों में पानी पहुंच चुका है, वहां लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
प्रशासन की ओर से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह का जोखिम न लें और नदी के आसपास जाने से बचें. जल संसाधन विभाग भी बैराज से पानी के डिस्चार्ज पर नजर रख रहा है.
फिलहाल, गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और नेपाल में जारी बारिश ने बगहा के निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है. 2.20 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज के बाद कई गांव प्रभावित हुए हैं. आने वाले समय में बारिश की स्थिति और नदी के जलप्रवाह पर ही बाढ़ के खतरे की गंभीरता निर्भर करेगी.