
Range Rover Electric Price, Booking: जगुआर लैंड रोवर ने आखिरकार लंबे इंतजार के बाद आज भारतीय बाजार में अपनी रेंज रोवर इलेक्ट्र्रिक एसयूवी को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. एग्रेसिव लुक, दमदार बैटरी-पैक और एडवांस फीचर्स से लैस नई Range Rover Electric के साथ कंपनी ने पहली बार फुल बैटरी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में एंट्री की है. हालांकि कंपनी पिछले 5 दशकों से हाइब्रिड सेगमेंट में मौजूद थी, लेकिन पहली बार कंपनी ने प्योर इलेक्ट्रिक व्हीकल लॉन्च किया है.
कंपनी का दावा है कि रेंज रोवर इलेक्ट्र्रिक अपने पावर, लग्जरी, ऑफ-रोडिंग कैपेबिलिटी और इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी से हर किसी को पसंद आएगी. कंपनी का कहना है कि इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि, रेंज रोवर के शौकीनों को इसके इलेक्ट्रिक वर्जन और ICE वर्जन के परफॉर्मेंस में कोई कमी महसूस नहीं होगी.
बुकिंग और वारंटी
भारत में रेंज रोवर इलेक्ट्रिक के अलग-अलग कॉन्फिगरेशन की बुकिंग आज से शुरू कर दी गई है. इसमें ऑटोबायोग्राफी ट्रिम के साथ शॉर्ट-व्हीलबेस वर्जन और एसवी, एसवी अल्ट्रा और एसवी ब्लैक ट्रिम में लॉन्ग-व्हीलबेस वर्जन शामिल हैं. कंपनी अपने इस एसयूवी के प्रोपल्शन सिस्टम पर 8 साल या 1,60,000 किमी की वारंटी दे रही है. हालांकि JLR ने साफ किया है कि अलग-अलग बाजारों में वारंटी की शर्तें अलग हो सकती हैं. तो आइये देखें कैसी है नई Range Rover Electric-

पावर और परफॉर्मेंस
Range Rover Electric में दो 260 kW के परमानेंट मैग्नेट इलेक्ट्रिक मोटर लगाए गए हैं. दोनों मोटर मिलकर 405 kW का मैक्सिमम पावर आउटपुट और 850 Nm का टॉर्क जेनरेट करते हैं. JLR के मुताबिक पावर डिलीवरी के मामले में यह परफॉर्मेंस पेट्रोल V8 इंजन के बराबर महसूस होगा. SUV महज 4.5 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ सकती है. वहीं 80 से 120 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ने में इसे सिर्फ 2.7 सेकंड लगते हैं, जिससे हाईवे पर ओवरटेकिंग काफी तेज हो सकती है.
इन मोटरों में सिलिकॉन कार्बाइड सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल किया गया है. कंपनी के अनुसार यह तकनीक माइक्रोसेकंड में स्विचिंग स्पीड हासिल करती है, जिससे अलग-अलग ड्राइविंग कंडिशन में इलेक्ट्रिक मोटरों की परफॉर्मेंस और बेहतर होती है.
बैटरी पैक और ड्राइविंग रेंज
Range Rover Electric में कंपनी ने 118.5 kWh की क्षमता का दमदार लिथियम-आयन डबल-स्टैक बैटरी पैक दिया है. इसमें 344 प्रिजमैटिक सेल हैं और यह 800-वोल्ट आर्किटेक्चर पर काम करती है. कंपनी का दावा है कि, एक बार फुल चार्ज होने के बाद ये बैटरी तकरीबन 600 किलोमीटर (WLTP प्रमाणित रेंज) तक की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम है. वहीं रियल वर्ल्ड में ये एसयूवी कम से कम 535 किमी की ड्राइविंग रेंज जरूर देगी.

चार्जिंग के मामले में भी कंपनी ने इसे काफी बेहतर बनाया है. 350 kW DC फास्ट चार्जर से SUV की बैटरी 10 से 80 प्रतिशत तक करीब 22 मिनट में चार्ज हो सकती है. जगुआर लैंड रोवर का कहना है कि, सिर्फ 10 मिनट की चार्जिंग में इसकी बैटरी इतनी चार्ज हो सकती है जिससे आपको करीब 220 किमी की रेंज मिलेगी. 800-वोल्ट सिस्टम में स्प्लिट-चार्जिंग सिस्टम भी दिया गया है, जिससे ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से चार्जिंग को मैनेज कर सकते हैं.
100 गुना तेज
रेंज रोवर इलेक्ट्रिक में कंपनी ने इंटिग्रेटेड ट्रैक्शन मैनेजमेंट (ITM) सिस्टम दिया है. कंपनी का कहना है कि, यह इलेक्ट्रिक मोटर के रिस्पॉन्स को सिर्फ 50 मिलीसेकंड में कंट्रोल कर सकता है. JLR का दावा है कि यह ट्रेडिशनल कंबशन इंजन सिस्टम की तुलना में करीब 100 गुना तेज है. इसके साथ इंटेलिजेंट ड्राइवलाइन डायनमिक्स (IDD) सिस्टम भी दिया गया है. जो पीछे के पहियों के बीच टॉर्क को जरूरत के हिसाब से डिवाइड करता है.
गहरे पानी में भी दौड़ेगी
रेंज रोवर अपने ऑफ-रोडिंग कैपेबिलिटी के लिए जानी जाती है. कंपनी ने इस क्वॉलिटी को इलेक्ट्रिक में भी बरकरार रखा है. कंपनी का दावा है कि, ये इलेक्ट्रिक एसयूवी 900 मिमी गहरे पानी में भी आसानी से दौड़ सकती है. इसके अलावा सिंगल-पेडल ड्राइविंग मोड की मदद से यह 33 डिग्री तक की ढलान पर आसानी से आगे बढ़ सकती है. वहीं रोलिंग क्लाइंब के दौरान यह 45 डिग्री तक के ग्रेडिएंट को पार कर सकती है. SUV में ट्विन-चैंबर एयर सस्पेंशन भी मिलता है, जो राइड को और आरामदायक बनाता है.

इस इलेक्ट्रिक एसयूवी के लिए कंपनी ने पहली बार अपने इतिहास में 300 से ज्यादा पेटेंट कराए हैं. इसमें थर्मअसिस्ट हीट मैनेजमेंट सिस्टम भी शामिल है. यह सिस्टम बेहद गर्म या ठंडे मौसम में बैटरी, चार्जिंग और ड्राइविंग रेंज को बेहतर तरीके से मैनेज करता है. JLR का दावा है कि इससे रेंज में 40 किमी तक का इजाफा हो सकता है और हीटिंग के दौरान एनर्जी कंजप्शन तकरीबन 40 प्रतिशत तक कम हो सकती है.
इसमें बैटरी डिजिटल ट्विन नाम का मॉनिटरिंग सिस्टम भी दिया गया है. यह बैटरी से जुड़े 900 से ज्यादा डायग्नोस्टिक डेटा पॉइंट्स पर नजर रखता है. इसके साथ कंपनी की ओवर-द-एयर यानी OTA सॉफ्टवेयर अपडेट तकनीक भी मिलती है. ये सिस्टम किसी भी तरह के तकनीकी खामी को तत्काल पहचान लेता है और जरूरत पड़ने पर वर्कशॉप जाने से पहले ही मेंटेनेंस की जानकारी देता है.
-40 डिग्री में बैटरी टेस्ट
Range Rover Electric को लॉन्च करने से पहले JLR ने इसकी कड़ी टेस्टिंग की है. कंपनी के अनुसार प्रोटोटाइप और टेस्ट कारों ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में 15 लाख किलोमीटर से ज्यादा की फिजिकल टेस्टिंग पूरी की. इनमें स्वीडन के अर्जेपलॉग का वो इलाका भी शामिल है जहां तापमान -40 डिग्री सेंटिग्रेट तक पहुंच जाता है. इसके अलावा दुबई का रेगिस्तान में भी इसकी टेस्टिंग की गई है.
कंपनी का कहना है कि, इसकी बैटरी की मजबूती और सेफ्टी को रखने के लिए तकरीबन 2.5 लाख घंटे से ज्यादा वर्चुअल टेस्टिंग भी की गई है. JLR के मुताबिक यह किसी भी पिछले Range Rover मॉडल की तुलना में सबसे ज्यादा समय तक की जाने वाली टेस्टिंग है. बैटरी की सेफ्टी को जांचने के लिए इसे माइनस 40 डिग्री से 90 डिग्री सेंटिग्रेट तक के तापमान में मल्टी-एक्सिस वाइब्रेशन और शॉक टेस्ट किए गए है.