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Gen Z को भाएंगे भारत के ये पारंपरिक डांस, आप भी करें ट्राई

भारत के हर राज्य की अपनी अलग डांस शैली और पहचान है. भरतनाट्यम से लेकर कथकली और बिहू तक, हर पारंपरिक डांस की अपनी खासियत, कहानी और इतिहास है. जानिए भारत के 5 ऐसे पारंपरिक डांस फॉर्म के बारे में, जिनके बारे में आज की जेन जी को जरूर पता होना चाहिए.

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क्या इन डांस फॉर्मस को जानते है जेन जी?
क्या इन डांस फॉर्मस को जानते है जेन जी?

आज के दौर में जेन जी के बीच हिप-हॉप, कंटेम्पररी और बॉलीवुड डांस काफी पॉपुलर हैं. इंस्टाग्राम रील्स से लेकर डांस चैलेंज तक, जेन जी नए-नए डांस स्टेप्स ट्राई करना पसंद करते हैं. लेकिन भारत के पारंपरिक डांस फॉर्म भी किसी से कम नहीं हैं. देश के अलग-अलग राज्यों में डांस की अपनी खास स्टाइल, कहानी और पहचान है.

कहीं पैरों की तेज मूवमेंट देखने को मिलती है, तो कहीं चेहरे के एक्सप्रेशन्स और हाथों के इशारों से पूरी कहानी बयां की जाती है. ये डांस फॉर्म सिर्फ  नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और इतिहास का भी हिस्सा हैं. आइए जानते हैं भारत के ऐसे ही 5 पारंपरिक डांस के बारे में, जिन्हें जेन जी को जरूर जानना चाहिए.

1. भरतनाट्यम (Bharatanatyam)

तमिलनाडु से जुड़े भरतनाट्यम को भारत के सबसे पुराने शास्त्रीय डांस फॉर्म में गिना जाता है. इसकी पहचान हाथों के खास इशारों, चेहरे के भाव और पैरों की तेज मूवमेंट से होती है. इसमें कलाकार अपने शरीर की मुद्राओं और एक्सप्रेशन के जरिए अलग-अलग कहानियां और भावनाएं दिखाते हैं. भरतनाट्यम में भगवान शिव और कृष्ण से जुड़ी कहानियों के साथ धार्मिक और पौराणिक विषयों को भी जगह मिलती है. इसका पारंपरिक कॉस्ट्यूम, मंदिर की जूलरी और खास मेकअप इसे देखने में भी बेहद खास बनाते हैं.

2. कथक (Kathak)

कथक उत्तर भारत का एक प्रमुख शास्त्रीय डांस फॉर्म है. इसकी सबसे बड़ी पहचान तेज फुटवर्क, घुंघरू की आवाज और तेजी से घूमने वाले स्टेप्स यानी चक्कर हैं. कथक शब्द 'कथा' से निकला है, जिसका मतलब कहानी होता है. पहले कलाकार डांस के जरिए धार्मिक और पौराणिक कहानियां सुनाते थे. इस डांस में पैरों की थाप के साथ हाथों के इशारे और चेहरे के एक्सप्रेशन भी काफी अहम होते हैं.

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3. ओडिसी (Odissi)

ओडिसी ओडिशा का एक प्रसिद्ध शास्त्रीय डांस है. इसकी खासियत शरीर की खूबसूरत मुद्राएं और धीमी, लयबद्ध मूवमेंट हैं. इसमें त्रिभंगी मुद्रा सबसे खास मानी जाती है, जिसमें शरीर को सिर, छाती और कमर के स्तर पर तीन हिस्सों में मोड़कर एक खास पोज बनाया जाता है. ओडिसी में हाथों के इशारों और चेहरे के भावों के जरिए कहानियां दिखाई जाती हैं. इसमें भगवान कृष्ण और राधा से जुड़ी कहानियों को भी खास जगह मिलती है.

4. कथकली (Kathakali)

केरल का कथकली अपने रंग-बिरंगे मेकअप, भारी कॉस्ट्यूम और बड़े हेडगियर के लिए दुनियाभर में पहचाना जाता है. इस डांस फॉर्म में कलाकार अपनी आंखों, चेहरे के भाव और शरीर की मूवमेंट से कहानियां सुनाते हैं. इसमें बोलने के बजाय एक्सप्रेशन और इशारों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. कथकली में रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों की कहानियां दिखाई जाती हैं. इसके कलाकारों को आंखों और चेहरे के भावों पर खास मेहनत करनी पड़ती है.

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5. बिहू (Bihu)

बिहू असम का एक लोकप्रिय लोकनृत्य है, जो वहां की संस्कृति और त्योहारों से जुड़ा है. खासतौर पर रोंगाली बिहू के दौरान युवा लड़के और लड़कियां पारंपरिक कपड़े पहनकर इस डांस को करते हैं. इसमें तेज कदम, हाथों की खूबसूरत मूवमेंट और चेहरे पर खुशी देखने को मिलती है. ढोल, पेपा और गोगोना जैसे पारंपरिक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स इसकी रौनक बढ़ाते हैं. बिहू सिर्फ एक डांस नहीं, बल्कि असम के लोगों के लिए नए साल और फसल के जश्न का भी हिस्सा है.

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अपनी संस्कृति से जुड़ने का भी है मौका

भारत के ये पांचों डांस फॉर्म अपने आप में अलग हैं. हर डांस की अपनी कहानी, म्यूजिक, पहनावा और खासियत है. जेन जी के लिए इन डांस फॉर्म को जानना सिर्फ जनरल नॉलेज बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ये देश की अलग-अलग संस्कृतियों को समझने का भी एक तरीका है. नए डांस ट्रेंड्स और रील्स के बीच अपनी पारंपरिक कला को पहचानना और उसे आगे बढ़ाना भी जरूरी है.

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