ईरान पर हर हफ्ते प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका, सबसे पहले निशाने पर होंगे बैंक

ट्रंप प्रशासन ईरान से जुड़े लेनदेन पर इस हफ्ते एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर वित्तीय दबाव बढ़ाया जाएगा.

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ट्रंप प्रशासन का ईरान पर वित्तीय शिकंजा कसने का प्लान, एक और बैंक पर प्रतिबंध की तैयारी. (File Photo: Reuters) ट्रंप प्रशासन का ईरान पर वित्तीय शिकंजा कसने का प्लान, एक और बैंक पर प्रतिबंध की तैयारी. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:54 AM IST

ईरान पर दबाव बढ़ाने की तैयारी में ट्रंप प्रशासन अब एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने रविवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े लेनदेन पर कार्रवाई के तहत इस सप्ताह एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाए जाने की योजना है. अमेरिका हर हफ्ते ईरान पर नए सेकेंडरी प्रतिबंध लगाएगा, शुरुआत बैंकों से होगी

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बेसेंट ने नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में होने वाली ग्रुप ऑफ 20 की बैठकों से पहले द एसोसिएटेड प्रेस से बात की. बैठक में वह दुनिया की प्रमुख और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के अपने समकक्षों से अलग-अलग मुलाकात करेंगे और ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने में भागीदारी के लिए उन्हें प्रोत्साहित करेंगे.

बेसेंट ने कहा, 'अगर हमें ऐसा करना पड़ा तो यह वित्तीय कार्रवाई होगी. हम लोगों को दिखा रहे हैं कि हम जानते हैं कि आप कौन हैं, आप जानते हैं कि आप कौन हैं और इसे रुकना होगा.'

सहयोगी देशों पर दबाव बनाने की कोशिश

बेसेंट ने हाल ही में उन देशों पर दबाव बनाने के लिए एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की थी, जो पहले से ही भारी प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान के साथ कारोबार कर रहे हैं. ऐसे देशों से वित्तीय संबंध खत्म करने या अमेरिका की ओर से जवाबी कार्रवाई का सामना करने को कहा गया है. ट्रेजरी विभाग ने इस अभियान के तहत शुक्रवार को पहली आधिकारिक कार्रवाई की. इसके तहत एक प्रस्तावित नियम जारी किया गया, जिसे अंतिम रूप दिए जाने पर मिस्र के दूसरे सबसे बड़े बैंक बैंके मिस्र की संयुक्त अरब अमीरात स्थित शाखाओं की अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक पहुंच खत्म हो जाएगी.

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मिस्र के बैंक पर सीधे प्रतिबंध लगाने से पीछे हटने के फैसले से ऐसा लगा कि रिपब्लिकन प्रशासन चीन और भारत जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर कार्रवाई करने में हिचक रहा है, जो ईरान के साथ कारोबार करते हैं. बेसेंट इस सप्ताह इन दोनों देशों के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. हालांकि, बेसेंट ने कहा कि वह जी20 बैठक में अपने चीनी समकक्षों से बात करेंगे और बीजिंग की ओर से ईरान से लगातार तेल खरीदने को लेकर प्रतिबंध लगाने के मामले में सभी विकल्प खुले हैं.

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